3 साल में सिर्फ 10 ODI खेले सिराज, तेज गेंदबाज के साथ हो रही नाइंसाफी या गंभीर-शुभमन का फैसला सही?
न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले ODI में टीम इंडिया 4 तेज गेंदबाजों के साथ उतरी, लेकिन मोहम्मद सिराज प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं थे. पिछले 3 सालों में उन्हें सिर्फ 10 वनडे में खेलने का मौका मिला है. आइए उनके करियर ग्राफ पर नजर डालते हैं.
भारत और न्यूजीलैंड के बीच ODI सीरीज जारी है. बुधवार (4 नवंबर) को ऑकलैंड में पहला मैच खेला गया. टीम इंडिया ने 5 विकेट से जीत हासिल कर पांच मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली. इस मुकाबले में भारतीय टीम चार स्पेशलिस्ट तेज गेंदबाजों के साथ उतरी, लेकिन स्क्वॉड में मौजूद सबसे अनुभवी पेसर मोहम्मद सिराज को खेलने का मौका नहीं मिला. टीम मैनेजमेंट ने आकिब नबी और अंशुल कंबोज जैसे नए खिलाड़ियों पर भरोसा दिखाया, वहीं सिराज को नजरअंदाज किया. हालांकि, सिराज सिर्फ इसी मुकाबले में इग्नोर नहीं किए गए हैं. आंकड़े उठाकर देखेंगे तो पता चलेगा कि जब से गौतम गंभीर टीम इंडिया के हेड कोच बने हैं, मोहम्मद सिराज को ODI में ज्यादा मौके नहीं मिले हैं.
गौतम गंभीर जुलाई, 2024 में टीम इंडिया के हेड कोच बने हैं. वहीं, 2024 से लेकर अभी तक मोहम्मद सिराज को सिर्फ 10 वनडे इंटरनेशनल मैचों में खेलने का मौका मिला है. बड़ा सवाल ये है कि क्या वाकई अनुभवी सिराज के साथ नाइंसाफी हो रही है या फिर उन्हें ड्रॉप करने के पीछे कि वजह उनका प्रदर्शन है.
2019 से 2023 तक का प्रदर्शन
मोहम्मद सिराज ने 2019 में भारत के लिए ODI में डेब्यू किया था. उस साल उन्हें सिर्फ एक वनडे खेलने का मौका मिला. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने पहले मैच में उन्होंने 10 ओवर डाले और 76 रन लुटा दिए. डेब्यू मैच में सिराज विकेट के लिए तरस गए. 2020 और 2021 में उन्हें ODI क्रिकेट से दूर रखा गया. 2022 में उन्होंने ODI में वापसी की और देखते ही देखते टीम इंडिया के प्रमुख गेंदबाजों में से एक बन गए. साल 2022 में सिराज ने 15 मुकाबले खेले और 23.46 की औसत से 24 विकेट चटकाए. सिराज के लिए साल 2023 सबसे शानदार रहा. उन्होंने 2023 में 25 मैचों में 44 विकेट झटके. इसी साल श्रीलंका के खिलाफ एशिया कप के फाइनल में उन्होंने 21 रन देकर 6 विकेट लेकर सनसनी मचाई थी.
2024 से 2026 तक का प्रदर्शन
2023 में बल्लेबाजों के लिए 'काल' बनने के बाद सिराज से और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी. लेकिन 2024 में वो खराब फॉर्म से गुजरे. इस साल उन्होंने 3 ODI मैचों में 52.33 की औसत से सिर्फ 3 विकेट चटकाए. उन्होंने 2023 में 6.28 की इकॉनमी रेट से रन लुटाए. 2025 में भी सिराज को 3 मौके मिले, जिसमें उन्होंने 19 ओवर डाले और 94 रन लुटाए. 2025 में उन्हें 2 सफलता मिली. यानी 2023 में विकेट की लाइन लगाने वाले सिराज अगले दो साल विकेट के लिए थोड़ते जूझते रहे. ये भी कहना गलत नहीं होगा कि उन्हें ज्यादा मौके भी नहीं मिले. 2026 की अब तक की कहानी ये है कि उन्होंने 4 ODI खेले हैं, जिसमें 5.03 की इकॉनमी रेट से 4 विकेट चटकाए हैं. पिछले 3 सालों से सिराज प्रति मैच सिर्फ एक विकेट ले पा रहे हैं.
गंभीर-शुभमन का फैसला सही?
अब सवाल ये है कि मोहम्मद सिराज को बाहर रखने का फैसला सही है या गलत? आंकड़ों को देखेंगे तो पता लग रहा है कि 2023 के मुकाबले सिराज के प्रदर्शन में गिरावट आई है. लेकिन उसी आंकड़ों से ये भी पता चल रहा है कि उन्हें रेगुलर मौके नहीं मिले हैं. अगले साल वर्ल्ड कप होना है. ऐसे में सही यही होगा कि सिराज को रेगुलर 3-4 मौके दिए जाएं और फिर उनके प्रदर्शन के हिसाब से तय करें कि वो प्लान का हिस्सा हो सकते हैं या नहीं. ऐसे बेंच पर बैठाकर तो फैसला नहीं होने वाला है.
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