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न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज में भुवनेश्वर कुमार की वापसी बहुत भयानक रही है. 4 साल बाद भुवनेश्वर कुमार को भारत की टी20 इंटरनेशनल टीम में वापसी का मौका दिया, लेकिन उन्होंने अपने खराब प्रदर्शन से सेलेक्टर्स और भारतीय टीम मैनेजमेंट का भरोसा तोड़ दिया. भुवनेश्वर कुमार ने न्यूजीलैंड के दौरे पर टीम इंडिया के लिए 4 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले, जिसमें उन्होंने कुल 96 गेंदें फेंकी. भुवनेश्वर कुमार ने इस दौरान 180 रन लुटा डाले. खुशकिस्मती से उन्हें इस पांच मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज के दौरान सिर्फ एक विकेट नसीब हुआ. भारत के पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान ने सेलेक्टर्स के फैसले पर सवाल उठाए हैं.
इरफान पठान का कहना है कि भुवनेश्वर कुमार को भारत की टी20 इंटरनेशनल टीम में वापसी का मौका दिया ही क्यों गया. इरफान पठान ने भुवनेश्वर कुमार को टीम इंडिया में शामिल करने वाले फैसले को एक बड़ी गलती बताया है. इरफान पठान ने कहा कि जब अगला टी20 वर्ल्ड कप अभी काफी दूर (साल 2028) है, तो इस अनुभवी तेज गेंदबाज को वापस लाने का क्या मतलब था?
इरफान ने अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो में कहा, 'मेरी राय में, सेलेक्टर्स से कहां गलती हुई? उन्होंने इस सीरीज में भुवनेश्वर कुमार को खिलाकर गलती की. देखिए, इसमें कोई शक नहीं कि भुवनेश्वर कुमार एक अच्छे गेंदबाज और सीनियर खिलाड़ी हैं. लेकिन, जब टी20 वर्ल्ड कप अभी बहुत दूर है, तब उन्हें टीम में शामिल करना समझ से परे है. अगर आप भुवनेश्वर कुमार को 50 ओवर वाले वर्ल्ड कप के लिए तैयार कर रहे होते, जो कि ज्यादा करीब है, तो यह बात समझ में आती.'
इरफान पठान का मानना है कि भुवनेश्वर कुमार के सेलेक्शन की वजह से युवा तेज गेंदबाजों को इंटरनेशनल लेवल का अहम अनुभव हासिल करने का मौका नहीं मिल पाया. उन्होंने कहा, 'भुवनेश्वर कुमार को इस सीरीज में शामिल करने के चक्कर में, आपने युवा तेज गेंदबाजों को मौका देने का अवसर गंवा दिया. भुवनेश्वर कुमार की जगह कोई युवा खिलाड़ी खेल सकता था और उसे काफी अच्छा अनुभव मिल सकता था.'
इरफान पठान ने कहा, 'मयंक यादव सभी मैच खेल सकते थे और उन्हें वह अनुभव मिल सकता था, साथ ही प्रिंस यादव भी खेल सकते थे. आपने अपने तेज गेंदबाजों के लिए न्यूजीलैंड की धरती पर अच्छा अनुभव हासिल करने का एक बेहतरीन मौका खो दिया.' इरफान पठान ने यह भी साफ किया कि उनकी ये बातें केवल सीरीज में भुवनेश्वर कुमार के प्रदर्शन पर आधारित नहीं हैं. उन्होंने माना कि कई बार यह अनुभवी तेज गेंदबाज बदकिस्मत भी रहा.
इरफान पठान ने कहा, 'मैं ऐसा इसलिए नहीं कह रहा हूं कि भुवनेश्वर कुमार ने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया. बात ऐसी नहीं है. हालांकि, उनकी किस्मत थोड़ी खराब रही. उन्होंने अपने पहले दो ओवरों में अच्छी गेंदबाजी की, लेकिन बाद में, जब उन्होंने पावरप्ले का आखिरी ओवर डाला, तो उन्होंने रन लुटा दिए. ऐसा किसी भी खिलाड़ी के साथ हो सकता है. उनकी काबिलियत पर कोई सवाल ही नहीं है.'
इरफान पठान ने कहा कि सेलेक्टर्स को युवा तेज गेंदबाजों को मौके देने पर ध्यान देना चाहिए, खासकर उन पिचों पर जहां गलती की गुंजाइश बहुत कम होती है. सवाल निश्चित रूप से टाइमिंग का है. क्या यह किसी युवा तेज गेंदबाज के लिए एक बेहतर मौका हो सकता था? मुझे लगता है कि हां, बिल्कुल हो सकता था. आपको यह समझना होगा कि अगर आप तेज गेंदबाजों को तैयार करना चाहते हैं, तो उन्हें मौके देना और उन्हें ऐसी पिचों पर खिलाना बहुत जरूरी है जहां गलती की गुंजाइश बहुत कम हो.'