पहले वनडे में चेज हुए 406 रन... अब T20I में 250 रन का टारगेट बना बौना, गंभीर का फूटा गुस्सा, कहा- 'अब गेंदबाजों का करियर दांव पर'
क्रिकेट में गेंद और बल्ले के बीच उचित संतुलन नहीं होने की वजह से टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर काफी नाखुश हैं. गौतम गंभीर के मुताबिक ऐसे हालात गेंदबाज के करियर के लिए बहुत घातक होते हैं.
वेस्टइंडीज की टीम ने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट के इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा सफल रन चेज करते हुए भारत को रांची के मैदान पर मात दे दी. टीम इंडिया ने शुक्रवार को दूसरे टी20 इंटरनेशनल मैच में कैरेबियाई टीम के सामने 250 रनों का पहाड़ जैसा लक्ष्य रखा था. हालांकि वेस्टइंडीज ने महज 18.3 ओवर में ही 252 रन बनाते हुए भारत को 9 गेंद बाकी रहते 6 विकेट से मात दे दी. टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है, जब भारत के सभी 6 गेंदबाजों ने मिलकर कुल 252 रन लुटा दिए.
भारतीय टीम के खिलाफ यह टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में किसी भी टीम का सबसे बड़ा सफल रन चेज का रिकॉर्ड भी है. टीम इंडिया की इस हार के बाद हेड कोच गौतम गंभीर ने बड़ा बयान दिया है. गौतम गंभीर ने कहा कि ऐसे हालात से गेंदबाजों का करियर खतरे में पड़ रहा है और वह बेहतर क्रिकेट देखना चाहते हैं. मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में गंभीर ने कहा, 'क्या आप बल्ले और गेंद के बीच अच्छा मुकाबला नहीं देखना चाहते? हम भी वही चाहते हैं जो आप चाहते हैं. अगर आप सिर्फ छक्के और चौके देखना चाहते हैं, तो हम भी वही देखना चाहते हैं. अगर आप बराबरी का मुकाबला चाहते हैं, तो हम भी वही चाहते हैं.'
मैच के बाद क्या बोले गौतम गंभीर?
गौतम गंभीर ने आगे कहा, 'ये गेंदबाज हमारे हैं और इनका करियर भी दांव पर लगा है. ड्रेसिंग रूम तक पहुंचने के लिए इन्होंने बहुत मेहनत की है. ऐसा नहीं है कि इन्होंने मेहनत नहीं की है. इसलिए अगर मुकाबला बराबरी का हो, तो यह अच्छा होगा और हमें बेहतर क्रिकेट भी देखने को मिलेगा.' हालांकि, गौतम गंभीर ने यह भी कहा कि नतीजे के लिए सिर्फ पिच को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता. उन्होंने वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी की तारीफ की, लेकिन इस बात पर जोर दिया कि भारत को मजबूत बल्लेबाजी लाइन-अप के खिलाफ बड़े स्कोर का बचाव करने के तरीके खोजने होंगे, भले ही हालात उनके पक्ष में न हों.
ओस वाली सपाट विकेट पर गेंदबाजी करना मुश्किल
गौतम गंभीर ने आगे कहा, 'आप किसी भी हार को नजरअंदाज नहीं कर सकते. अगर आप लगातार सुधार करना चाहते हैं, तो आप किसी भी चीज को छिपाना नहीं चाहेंगे. हम एक वर्ल्ड चैंपियन टीम हैं, इसलिए हम लगातार सुधार करना चाहते हैं. और जाहिर है कि गेंदबाजी के लिए ये मुश्किल हालात हैं. हम जानते हैं कि ओस वाली सपाट विकेट पर गेंदबाजी करना मुश्किल होता है, लेकिन हमें विपक्षी टीम को रोकने का तरीका खोजना होगा, खासकर तब जब उन्होंने पहले ओवर में दो विकेट और पहले छह ओवर में तीन विकेट गंवा दिए हों.'
पिछले महीने ODI में भारत ने चेज किए थे 406 रन
भारत ने पिछले महीने 30 सितंबर 2026 को वेस्टइंडीज के खिलाफ गुवाहाटी में खेले गए दूसरे वनडे इंटरनेशनल मैच में 406 रनों का पहाड़ जैसा टारगेट चेज कर लिया था. भारत के लिए कप्तान शुभमन गिल ने अपने वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट करियर का दूसरा दोहरा शतक जड़ दिया था. शुभमन गिल ने 133 गेंद पर 223 रनों की तूफानी पारी खेली थी. भारत ने इस मैच में वेस्टइंडीज को 39 गेंद बाकी रहते ही 8 विकेट से हरा दिया था.
'यह क्रिकेट नहीं है, यह सिर्फ बल्लेबाजी है...'
हेड कोच गौतम गंभीर ने 406 रन के सफल चेज और अपनी ही टीम की जीत के बावजूद बड़ा बयान देते हुए कहा था कि बल्ले और गेंद के बीच थोड़ा और मुकाबला होना चाहिए. गौतम गंभीर ने कहा, 'यह क्रिकेट नहीं है, यह सिर्फ बल्लेबाजी है. सोचिए कि कोई युवा गेंदबाज इस विकेट पर गेंदबाजी कर रहा हो और विरोधी टीम 400 रन बना ले और फिर हम 400 रनों का पीछा करें. जाहिर है, रिकॉर्ड और दर्शकों के लिए यह शानदार है, लेकिन अगर आप मुझसे एक सच्चे क्रिकेट प्रशंसक और कोच के तौर पर पूछें, तो मुझे गेंदबाजों के प्रति भी सहानुभूति रखनी होगी.'
गेंदबाजों के लिए ज्यादा विकल्प नहीं
गौतम गंभीर ने कहा, 'जब आप इस तरह की पिच पर गेंदबाजी करते हैं, तो यह गेंदबाजों के लिए सही नहीं होता. इसलिए, हमें गेंदबाजों को कुछ ऐसा देना होगा, जिससे वे कम से कम कुछ तो कर सकें.' गंभीर ने कहा कि जब तक गेंदबाजों के लिए कुछ गुंजाइश नहीं होगी, उनके पास ज्यादा विकल्प नहीं बचेंगे. उन्होंने कहा था, 'आपको गेंदबाजों के लिए थोड़ी गुंजाइश चाहिए. अक्सर, आप गेंदबाजों के प्रति सख्त नहीं हो सकते, क्योंकि कभी-कभी गेंदबाजी के आंकड़े ऐसे होते हैं, जिनसे लगता है कि उन्होंने खराब गेंदबाजी की है, जबकि असल में उन्होंने उतना खराब नहीं किया होता, क्योंकि गुंजाइश बहुत कम होती है. साथ ही, पांच फील्डर अंदर होने, दो नई गेंदों और आजकल जिस तरह की पावर-हिटिंग होती है, उसे देखते हुए गेंदबाजों के पास वास्तव में ज्यादा विकल्प नहीं होते हैं.'