भुवनेश्वर का कमबैक: 20 तेज गेंदबाज, 3 ऑलराउंडर... भारत ने किस-किसको दिया मौका? 4 साल में लंबी हो गई लिस्ट
भुवनेश्वर कुमार की करीब 4 साल बाद टीम इंडिया के टी20 इंटरनेशनल सेटअप में वापसी हुई है. जसप्रीत बुमराह की गैरमौजूदगी में 36 साल के भुवी को न्यूजीलैंड के खिलाफ T20I सीरीज मौका मिलने से भारतीय युवा तेज गेंदबाजों की तैयारी और टीम के भविष्य की योजना पर सवाल उठ रहे हैं.
36 साल के दिग्गज तेज गेंदबाज और स्विंग के मास्टर भुवनेश्वर कुमार की 4 साल बाद भारतीय क्रिकेट टीम में वापसी हुई है. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की सेलेक्शन कमेटी ने 4 साल बाद तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार को भारत की T20I टीम में मौका दिया है. भुवनेश्वर कुमार का सेलेक्शन न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज के लिए हुआ है. बता दें कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज 22 अक्टूबर से 1 नवंबर तक खेली जाएगी.
36 साल की उम्र में भुवनेश्वर कुमार को टीम इंडिया में फिर से मौका मिलने के बाद सेलेक्शन कमेटी की उस प्लानिंग पर सवाल उठा रहे हैं, जिसमें उन्होंने भविष्य को देखते हुए युवा तेज गेंदबाजों को T20I सेटअप में लाने की बात कही थी. हालांकि भुवनेश्वर कुमार की भारतीय क्रिकेट टीम में वापसी इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) और डोमेस्टिक क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन का फल है. बता दें कि भुवनेश्वर कुमार ने भारत के लिए अपना पिछला टी20 इंटरनेशनल मैच चार साल पहले 22 नवंबर 2022 को नेपियर में खेला था.
4 साल के अंदर 23 तेज गेंदबाजों को आजमाया
न्यूजीलैंड के खिलाफ इस T20I मैच में भुवनेश्वर कुमार ने 4 ओवर में 8.75 की इकोनॉमी रेट से 35 रन दिए थे और उन्हें कोई भी विकेट नहीं मिला. इस मैच के बाद भुवनेश्वर कुमार को भारतीय क्रिकेट टीम से ड्रॉप कर दिया गया. भुवनेश्वर कुमार को 4 साल से क्रिकेट के किसी भी फॉर्मेट के लिए भारतीय क्रिकेट टीम में शामिल नहीं किया गया. भुवनेश्वर कुमार के टीम इंडिया से बाहर होने के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की सेलेक्शन कमेटी ने 4 साल के अंदर 20 तेज गेंदबाजों और 3 फास्ट बॉलिंग ऑलराउंडरों को आजमा लिया. यह लिस्ट बहुत लंबी है, जिसमें कई टैलेंटेड क्रिकेटर्स शामिल हैं, जो इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) और डोमेस्टिक क्रिकेट में बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर भारतीय क्रिकेट टीम का हिस्सा बने थे.
सेलेक्टर्स ने किन खिलाड़ियों पर खेला दांव?
साल 2022 में भुवनेश्वर कुमार के टीम इंडिया से बाहर होने के बाद भारत ने कुल 101 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की सेलेक्शन कमेटी ने 4 साल में कुल 23 तेज गेंदबाजों को मौका दिया है, जिसमें 20 स्पेशलिस्ट तेज गेंदबाज और 3 तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर शामिल हैं. इन 23 खिलाड़ियों में से सिर्फ 2 स्पेशलिस्ट तेज गेंदबाज ही 20 या उससे ज्यादा मैच खेलने में कामयाब रहे हैं. भुवनेश्वर कुमार के भारत की T20I टीम से बाहर होने के बाद अर्शदीप सिंह ने 75 मैचों में 112 विकेट, शिवम दुबे ने 67 मैचों में 35 विकेट, अर्शदीप सिंह ने 58 मैचों में 52 विकेट और अर्शदीप सिंह ने 40 मैचों में 56 विकेट झटके हैं.
लिस्ट में कौन-कौन से खिलाड़ी शामिल हैं?
1. अर्शदीप सिंह (2022–2026) - 75 मैचों में 112 विकेट
2. शिवम दुबे (2023–2026) - 67 मैचों में 35 विकेट
3. हार्दिक पांड्या (2022–2026) - 58 मैचों में 52 विकेट
4. जसप्रीत बुमराह (2023–2026) - 40 मैचों में 56 विकेट
5. मुकेश कुमार (2023–2024) - 17 मैचों में 20 विकेट
6. हर्षित राणा (2025–2026) - 14 मैचों में 16 विकेट
7. आवेश खान (2023–2024) - 10 मैचों में 14 विकेट
8. मोहम्मद सिराज (2022–2026) - 10 मैचों में 10 विकेट
9. प्रसिद्ध कृष्णा (2023–2026) - 8 मैचों में 9 विकेट
10. मयंक यादव (2024–2026) - 7 मैचों में 10 विकेट
11. प्रिंस यादव (2026) - 6 मैचों में 9 विकेट
12. शिवम मावी (2023) - 6 मैचों में 7 विकेट
13. उमरान मलिक (2023) - 5 मैचों में 9 विकेट
14. खलील अहमद (2024) - 4 मैचों में 3 विकेट
15. यश ठाकुर (2026) - 4 मैचों में 5 विकेट
16. अशोक शर्मा (2026) - 2 मैचों में 1 विकेट
17. तुषार देशपांडे (2024) - 2 मैचों में 2 विकेट
18. मोहम्मद शमी (2025) - 2 मैचों में 3 विकेट
19. हर्षल पटेल (2022–2023) - 2 मैचों में 3 विकेट
20. दीपक चाहर (2023) - 1 मैच में 2 विकेट
21. नीतीश कुमार रेड्डी (2024–2026) - 7 मैचों में 9 विकेट
22. सूर्यांश शेडगे (2026) - 3 मैचों में 0 विकेट
23. रमनदीप सिंह (2024) - 2 मैचों में 1 विकेट
बार-बार पुराने नामों तक सिमट जाता है सेलेक्शन का दायरा
2024 टी20 वर्ल्ड कप के बाद 2026 टी20 वर्ल्ड कप टूर्नामेंट के लिए भारत के वर्ल्ड कप ग्रुप में सिर्फ एक नए स्पेशलिस्ट तेज गेंदबाज हर्षित राणा जगह बना पाए हैं. इससे एक मुश्किल सवाल उठता है कि बाइलेटरल क्रिकेट में आजमाए गए उन बाकी क्रिकेटर्स का क्या हुआ. मुकेश कुमार, आवेश खान, शिवम मावी, उमरान मलिक, प्रसिद्ध कृष्णा, मयंक यादव और अन्य खिलाड़ियों को मौके देने का मकसद आखिर में ऐसे खिलाड़ियों की पहचान करना है, जिन पर अहम मौकों पर भरोसा किया जा सके. फिर भी, जब भारत सबसे बड़े मंच पर पहुंचता है, तो सेलेक्शन का दायरा बार-बार उन्हीं पुराने नामों तक सिमट जाता है.
पिछले दो टी20 वर्ल्ड कप में भारत के तेज गेंदबाजों का ग्रुप
2024 टी20 वर्ल्ड कप
जसप्रीत बुमराह
अर्शदीप सिंह
मोहम्मद सिराज
हार्दिक पांड्या
शिवम दुबे
2026 टी20 वर्ल्ड कप
जसप्रीत बुमराह
अर्शदीप सिंह
मोहम्मद सिराज
हार्दिक पांड्या
शिवम दुबे
हर्षित राणा
सेलेक्टर्स ने अनुभव को तरजीह दी
भुवनेश्वर कुमार की बात करें तो उन्होंने अपनी जगह खुद बनाई है. इस सेलेक्शन को किसी और नजरिए से देखने की कोई वजह नहीं है. पिछले दो IPL सीजन में RCB के लिए भुवनेश्वर कुमार के शानदार प्रदर्शन ने उन्हें फिर से चर्चा में ला दिया है. न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी टी20 इंटरनेशनल सीरीज में जसप्रीत बुमराह को आराम दिए जाने के कारण भारत के बॉलिंग अटैक को अचानक ऐसे खिलाड़ी का फायदा मिलेगा, जिसने एक दशक से ज्यादा समय तक नई गेंद से बॉलिंग की है. साथ ही मिडिल ओवरों में विकेट लेने और डेथ ओवरों में रन रोकने का काम किया है.
कैसे हुई भुवनेश्वर कुमार की वापसी?
एक रिपोर्ट के अनुसार, सेंट्रल जोन के सेलेक्टर RP सिंह ने पहले भुवनेश्वर कुमार की वापसी की वकालत की थी, लेकिन अजीत अगरकर के चीफ सेलेक्टर रहने उन्हें पर्याप्त समर्थन नहीं मिला. अजीत अगरकर के पद से हटने के बाद, अंतरिम चीफ सेलेक्टर प्रज्ञान ओझा की अध्यक्षता में हुई पहली सेलेक्शन मीटिंग में भुवनेश्वर कुमार की वापसी हुई. अजीत अगरकर की सेलेक्शन कमिटी आम तौर पर स्थापित खिलाड़ियों के लिए बार-बार दरवाजे खोलने के बजाय भविष्य की ओर देखने के पक्ष में रही थी. टेस्ट में रोहित शर्मा और विराट कोहली से आगे बढ़ना, लंबे फॉर्मेट में मोहम्मद शमी से आगे बढ़ने का फैसला और युवा खिलाड़ियों को मौके देना, ये सभी उसी व्यापक सोच का हिस्सा थे.