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भारत की पहलवान मनीषा भानवाला ने कजाकिस्तान के अस्ताना में आयोजित वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में कमाल कर दिखाया. उन्होंने 59 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया. मनीषा सीनियर वर्ल्ड रेसलिंग के इतिहास में चैंपियन बनने वाली भारत की पहली महिला पहलवान बन गईं. उन्होंने अमेरिका की एबिगेल एलिजाबेथ नेट को हराकर यह कीर्तिमान स्थापित किया. यह मैच काफी रोमांचक और दबाव वाला रहा. कई बार पिछड़ने के बाद अंत में मनीषा ने जीत हासिल की.
मनीषा ने एबिगेल के खिलाफ मैच में गजब की चतुराई दिखाई. उन्होंने धैर्य दिखाते हुए बेहतर रणनीति का इस्तेमाल करते हुए मुकाबले को अपने नाम किया. शुरुआती दौर में 0-6 पिछड़ने के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी. मनीषा ने आक्रामक दांव-पेंचों के दम पर एबिगेल को काफी परेशान किया. धीरे-धीरे वह मैच में वापस आई है और 8-8 से जीत हासिल कर ली.
यह गोल्ड भारत के लिए क्यों खास?
भारतीय कुश्ती के इतिहास में अब तक किसी भी महिला पहलवान ने इस स्तर पर गोल्ड मेडल हासिल नहीं किया था. मनीषा ने उस बाधा को पार किया, जो अंशु मलिक भी 2021 में नहीं कर पाई थीं. इस बार भी उनकी साथी खिलाड़ी काज ढोचकल और नीलम सिरोही भी फाइनल में पहुंचकर गोल्ड नहीं जीत पाई थीं. दोनों को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा था. ऐसे में मनीषा का यह गोल्ड भारत के लिए खास है.
टूर्नामेंट कैसा रहा भारत का प्रदर्शन?
मनीषा ने भारत को गोल्ड दिलाकर देश का अभियान सातवें आसमान पर खत्म किया. भारतीय महिला पहलवानों ने इस टूर्नामेंट में कुल 4 मेडल अपने नाम किया. मनीषा ने गोल्ड जीता. काजल ढोचकल ने 76 किग्रा भार वर्ग और नीलम सिरोही ने 50 किग्रा भार वर्ग में सिल्वर जीता. वहीं तनू शर्मा को 72 किग्रा भार वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल हासिल हुआ.
पुरुष वर्ग में कैसा रहा प्रदर्शन?
भारत के विक्की हुड्डा पुरुषों की फ्रीस्टाइल स्पर्धा के 97 किग्रा वर्ग में मेडल नहीं जीत पाए. रेपचेज दौर में उनका सफर समाप्त हो गया. ईरान के दिग्गज पहलवान हसन यजदानी का सामना करते हुए विक्की को तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर 0-10 से हार का सामना करना पड़ा.