वास्तु शास्त्र का एक प्रमुख मकसद होता है ऊर्जा का सही संतुलन बनाना. इसके लिए दिशाओं, हवा, रोशनी, सामानों की ऊर्जा आदि का अध्ययन किया जाता है. घर के खिड़की-दरवाजे हवा, रोशनी के साथ ऊर्जा भी लाते हैं. यदि हर समय उन्हें बंद रखा जाए तो घर में कई वास्तु दोष पैदा हो सकते हैं. निगेटिव ऊर्जा बढ़ सकती है. जिसका सेहत, धन-समृद्धि पर असर पड़ता है. सुरक्षा की दृष्टि से दरवाजा बंद रखना ठीक है लेकिन घर की खिड़कियों को सुबह-शाम कुछ देर के लिए जरूर खोलना चाहिए. बल्कि पुराने समय में तो शाम को संघ्या पूजन के समय कुछ देर के लिए घर के दरवाजे खुले रखे जाते थे.
सेहत पर बुरा असर - हर इंसान को अच्छी सेहत के लिए सूरज की रोशनी और ताजी हवा की जरूरत होती है. यदि लंबे समय तक घर की खिड़कियां बंद रखी जाएं तो खाना पकाने का धुआं, नमी घर के अंदर ही इकट्ठा हो जाता है. जो सेहत को नुकसान पहुंचाता है. ऐसे में घर में घुटन हो सकती है.
सीलन - पूरे समय दरवाजे-खिड़की बंद रखने से घर में सीलन बढ़ती है, इससे बदबू आने लगती है, घर का सामान खराब होता है.
धन-समृद्धि की कमी - वास्तु के अनुसार घर में यदि पर्याप्त सूर्य की रोशनी न आए, ताजी हवा न आए तो वहां नकारत्मक ऊर्जा बढ़ जाती है. गंदगी और बदबू रहती है. ऐसी जगह बरकत नहीं रहती है. घर में ऊर्जा का प्रवाह सही रहे इसलिए ब्रह्म स्थान (घर का बीच का हिस्सा) खुला और हवादार रखा जाता है.
हालांकि उन्हें पूरे समय भी खुला न रखें ताकि शोर, धूल-मिट्टी, प्रदूषित हवा घर में आएं.
- जब बाहर की हवा साफ हो और परिस्थितियां सुरक्षित हों, तब खिड़कियां खोल लें.
- अच्छे वेंटिलेशन की व्यवस्था करें.
- खाना बनाते समय एग्जॉस्ट फैन की मदद लें.
- खासतौर पर बाथरूम और नमी वाली जगहों में उचित वेंटिलेशन रखें.
- खिड़कियों पर बहुत भारी पर्दे न लगाएं.
- समय-समय पर खिड़कियों-दरवाजों की सफाई और मरम्मत करवाते रहें. गंदे स्थान पर धन की देवी मां लक्ष्मी वास नहीं करती हैं.
(Disclaimer: यह जानकारी पारंपरिक वास्तु एवं ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है. बताए गए उपायों के प्रभाव और परिणाम व्यक्ति विशेष की परिस्थितियों, आस्था, स्थान तथा अन्य कारकों के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं. इसे सामान्य सूचना के रूप में देखें और किसी भी प्रकार के निश्चित परिणाम या लाभ का दावा न मानें.)