शरद पूर्णिमा आज 25 अक्टूबर 2026, रविवार को मनाई जा रही है. धार्मिक मान्यता है कि आज साल में एकमात्र रात को चंद्रमा 16 कलाओं से युक्त होते हैं, साथ ही उनकी रोशनी अमृत बनकर धरती पर बरसती है. जो धन, समृद्धि, आरोग्य और सौभाग्य देती हैं. इसे कोजागरी पूर्णिमा और रास पूर्णिमा भी कहते हैं. ज्योतिष के अनुसार इस साल शरद पूर्णिमा पर 3 अशुभ योग भी बन रहे हैं, जिसमें शनि-चंद्र की युति से बना विष योग भी शामिल है, जो बीमारी, नुकसान आदि देता है.
विष योग - द्रिक पंचांग के अनुसार, 25 अक्टूबर की शाम 07:21 बजे तक चंद्रमा मीन राशि में शनि के साथ युति में रहेंगे. शनि-चंद्र की युति अशुभ विष योग बनाती है.
पंचक - शाम 07:22 बजे तक पंचक रहेंगे.
भद्रा काल - रात 10:52 बजे तक भद्रा काल रहेगा. जिसमें विशेष-पाठ पूजा समेत कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है.
मेष राशि : मेष राशि वाले आज गुस्से, आक्रामकता और जल्दबाजी से बचें. यदि मेहनत का फल न मिले या काम में देरी हो तो धैर्य रखें. घर हो या दफ्तर किसी से उलझें नहीं. खर्च करने से पहले सोचें. वरना खूब खर्च हो जाएगा.
कर्क राशि : कर्क राशि के स्वामी चंद्रमा हैं और चंद्र-शनि की युति से बना विष योग इन लोगों को नींद की कमी, मानसिक अशांति या तनाव दे सकती है. किसी से झगड़ा हो तो आराम से बात करें. बीमारी होने की आशंका है.
मीन राशि : मीन राशि में ही शनि-चंद्र मिलकर विष योग बना रहे हैं. भावनाओं में न बहें. सही-गलत में अंतर न कर पाने से गलत फैसला ले सकते हैं. कोई आपकी बात का गलत अर्थ निकाल सकता है. आज जरूरी निर्णय लेने से बचें.
- स्नान करें, घर की साफ-सफाई करें. पूजा स्थल और मुख्य द्वार साफ रखें.
- मां लक्ष्मी और विष्णु की पूजा करें. उनके मंत्र, आरती पढ़ें.
- शाम को चंद्रमा को अर्घ्य
- चांद की रोशनी में खीर रखें.
- रात में जागकर मां लक्ष्मी की आराधना करें.
- खीर को बिना ढके न छोड़ें. चंद्रमा की रोशनी में खीर को छलनी या पतले साफ कपड़े या जाली से ढककर रखें. पूरी रात बाहर न छोड़ें. कुछ देर (करीब 45 मिनट से 1 घंटा) रखने के बाद फ्रिज में रख दें. फिर सुबह खाएं.
- शरद पूर्णिमा पर तामसिक भोजन न करें. मांस, मदिरा, लहसुन, प्याज या किसी भी तरह का नशा न करें.
- आज काले कपड़े न पहनें. बेहतर है सफेद या हल्के रंग के कपड़े पहनें.
- किसी से विवाद न करें. क्रोध से बचें.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी वैदिक पंचांग, ज्योतिष गणना और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है. योग-संयोग, राशिफल और शुभ-अशुभ समय स्थान और पंचांग के अनुसार अलग हो सकते हैं. इसे केवल सूचना के तौर पर देखें, किसी भी उपाय या निर्णय से पहले अपने विद्वान ज्योतिषी या पंडित से सलाह अवश्य लें.)