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शनि की चाल: 2027 में शनि 5 राशियों के लिए क्‍यों होंगे 'माइल्‍ड', ऐस्‍ट्रोलॉजर ने बताई वजह, जिंदगी पर असर भी जान लें

आमतौर पर शनि दंड देने वाले ग्रह माने जाते हैं लेकिन जब वे शुभ स्थिति में हों या मित्र ग्रह की राशि नक्षत्र में हों तो किस्‍मत रोशन कर देते हैं. साल 2027 में करीब 4 महीनों के लिए ऐसा ही समय आ रहा है, जब शनि कुछ राशि वालों को बेहद शुभ फल देंगे.

Written ByShraddha Jain
Published: Oct 01, 2026, 07:01 AM IST|Updated: Oct 01, 2026, 07:08 AM IST
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शनि की चाल: 2027 में शनि 5 राशियों के लिए क्‍यों होंगे 'माइल्‍ड', ऐस्‍ट्रोलॉजर ने बताई वजह, जिंदगी पर असर भी जान लें
Image Credit: शनि का रेवती नक्षत्र में गोचर 5 राशियों को शुभ, 2 को औसत और बाकी 5 को अशुभ फल दे सकता है. (PHoto:AI)

About the Author

Shraddha Jain

Shraddha Jain

पत्रकारिता में 15 वर्षों का व्यापक अनुभव रखने वाली श्रद्धा जैन वर्तमान में Zee News की नेशनल डिजिटल टीम में बतौर असिस्‍टेंट न्‍यूज एडिटर सक्रिय हैं. जहाँ वे धर्म, ज्योतिष, ग्रह गोचर, अंक शास्‍त्र और वास्तु शास्त्र जैसे विषयों पर अपनी विशेषज्ञता के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन और सिम्बॉयसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी से क्रिएटिव राइटिंग की पढ़ाई की है. बतौर फोटो जर्नलिस्ट करियर शुरू करने वाली श्रद्धा ने दूरदर्शन, दैनिक भास्कर और चौथी दुनिया जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं.12 वर्षों की फील्ड रिपोर्टिंग के दौरान राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर गहरी पकड़ बनाने के बाद, उन्होंने डिजिटल मीडिया की ओर रुख किया और देश 24*7 जैसे पोर्टल्स में नेतृत्व की भूमिका निभाई. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और हस्तरेखा जैसे विषयों पर गहन अध्ययन और लेखन करते हुए जटिल विषयों को सरल और रोचक भाषा में पाठकों के सामने पेश कर रही हैं.
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ढाई साल में राशि बदलने वाले शनि कुछ महीनों में नक्षत्र बदलते रहते हैं. साल 2027 में 8 फरवरी को सुबह 08:03 बजे रेवती नक्षत्र में प्रवेश करेंगे और 3 जून 2027 की सुबह 06:23 बजे तक रेवती नक्षत्र में ही रहेंगे. शनि का यह नक्षत्र गोचर बेहद खास है और यह 5 राशि वालों को तगड़ा लाभ दे सकता है. यहां तक कि साढ़ेसाती झेल रही राशियों पर भी शनि की क्रूरता कम होगी और उन्‍हें बड़ी राहत मिलेगी.

क्‍यों नरमी बरतेंगे शनि?

ऐस्‍ट्रोलॉजर आचार्य डॉ. विक्रमादित्‍य कहते हैं, रेवती नक्षत्र के स्‍वामी बुध ग्रह हैं, जो कि शनि के मित्र ग्रह हैं, इससे शनि कुछ राशियों को अच्‍छा फल दे सकते हैं. हालांकि शनि अभी भी रेवती नक्षत्र में हैं, लेकिन अभी उल्‍टी चाल चल रहे हैं. 9 अक्‍टूबर 2026 को शनि वक्री रहते हुए ही उत्‍तर भाद्रपद नक्षत्र में रहेंगे. इसके बाद नवंबर में मार्गी होंगे और फिर साल 2027 में सीधी चाल के साथ रेवती में आएंगे. ऐसे में फरवरी 2027 से जून 2027 की शुरुआत तक का समय सभी राशि वालों के लिए खास रहेगा.  

5 राशियों के लिए लकी

साल 2027 में जिन 5 राशियों को शनि का नक्षत्र परिवर्तन लाभ दे सकता है उसमें मेष और कुंभ राशियां भी शामिल हैं, जिनपर सोढ़साती चल रही है. शनि की साढ़ेसाती को आर्थिक, शारीरिक, मानसिक, करियर आदि के लिहाज से कष्‍टदायी समय माना जाता है. लेकिन शनि का अपने मित्र बुध के नक्षत्र में रहना साढ़ेसाती में भी इन 2 राशि वालों को राहत दे सकता है.

मेष राशि - इस दौरान नुकसान कम होगा, प्रोग्रेस बढ़ेगी. खर्च भी कम होगा.  

वृष राशि - लाभ के रास्‍ते खुलेंगे. सेहत में बेहतरी आएगी. पुरानी समस्‍या से निजात मिल सकती है. 

कन्‍या राशि - कल्‍याणी ढैय्या खत्‍म होने का समय रहेगा, जो जीवन में नई उम्‍मीदें लाएगा. साथ ही परेशानियों से राहत देगा.

मकर राशि - मकर राशि वालों के लिए करियर के मामले में अच्‍छा फल मिल सकता है. नौकरी में बदलाव हो सकता है.

कुंभ राशि - साढ़ेसाती खत्‍म होने को रहेगी. इसमें संकट दूर होंगे और जिंदगी में नए सकारात्‍मक बदलाव आएंगे.

(यह भी पढ़ें: मोबाइल या गाड़ी नंबर में 8 कितनी बार? एक, दो या तीन बार आने पर क्या होता है असर, जानें शनि का कनेक्शन)

2 राशियों पर औसत असर  

कर्क राशि - नया पद मिलने के योग बनेंगे. हालांकि पेट-हड्डी से जुड़ी बीमारी बढ़ सकती है. लिहाजा सेहत का ध्‍यान रखें.

धनु राशि - बीमारियां दूर करेगा, शत्रुओं को शांत करेगा. कुछ लोगों के सम्‍मान में कमी आ सकती है या मान हानि हो सकती है.

5 राशि वाले रहें सतर्क

मिथुन, सिंह, तुला, वृश्चिक और मीन राशि वालों को संभलकर रहने की जरूरत है. मीन राशि पर साढ़ेसाती का दूसरा चरण है, जो सबसे मुश्किल माना जाता है. वहीं सिंह राशि पर ढैय्या चल रही है. शनि का मित्र के नक्षत्र में होना इन लोगों को चिड़चिड़ापन और नुकसान दे सकता है. जिद्दी स्‍वभाव बढ़ेगा. चीजें ऑर्गेनाइज नहीं होंगी. कुछ लोगों को शत्रु परेशान कर सकते हैं.

(Disclaimer: यह सामग्री पारंपरिक ज्योतिषीय मान्यताओं एवं ग्रह गोचर की व्याख्याओं पर आधारित है. इसे सामान्य सूचना के रूप में देखें, न कि किसी निश्चित परिणाम या भविष्यवाणी के दावे के रूप में. किसी भी व्यक्ति पर ग्रह गोचर का प्रभाव उसकी जन्म कुंडली में ग्रहों की स्थिति, दशा, अंतर्दशा तथा अन्य ज्योतिषीय कारकों के आधार पर अलग-अलग हो सकता है.)

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