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कर्क राशि में गुरु के साथ नीच का मंगल, 31 अक्‍टूबर से देश-दुनिया पर क्‍यों संकट का अंदेशा जता रहे ऐस्‍ट्रोलॉजर

मंगल अपनी नीच राशि कर्क में गुरु के साथ युति कर रहे हैं, लेकिन 31 अक्टूबर 2026 को गुरु कर्क राशि छोड़कर सिंह में प्रवेश करेंगे. ज्‍योतिषाचार्य के मुताबिक, मंगल को 'प्रोटेक्‍शन' दे रहे गुरु के जाते ही बेलगाम मंगल देश-दुनिया पर संकट ला सकते हैं.

Written By Shraddha Jain
Published: Oct 03, 2026, 09:57 AM IST | Updated: Oct 03, 2026, 10:04 AM IST
Image Credit: गुरु गोचर के बाद मंगल बेलगाम होंगे, राहु पर आठवी दृष्टि आग में घी का काम करेगी और देश-दुनिया पर संकट ला सकती है. (Photo: AI)
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ग्रहों की चाल में होने वाला बदलाव देश-दुनिया पर असर डालता है और ज्योतिषीय गणनाओं के आधार पर इसकी भविष्‍यवाणियां की जाती हैं. अक्‍टूबर महीने का अंत इस समय खासी चर्चा में है क्‍योंकि तारामंडल का सबसे बड़ा ग्रह गुरु 31 अक्‍टूबर 2026 को गोचर कर रहा है और कर्क से निकलकर सिंह राशि में जाएगा. इससे मंगल-गुरु की युति टूट जाएगी और मंगल बेलगाम हो जाएंगे. ज्‍योतिषाचार्य आशंका जता रहे हैं कि 12 नवंबर 2026 तक मंगल अपनी नीच की राशि कर्क में रहकर देश-दुनिया में उत्‍पात मचा सकते हैं.

हालिया विमान हादसा बड़ा उदाहरण

अभी मंगल के साथ गुरु का होना उसे प्रोटेक्‍शन दे रहा है, जिसका उदाहरण हालिया विमान हादसा है, जिसमें भारतीय पायलट सुमित मच्‍छार ने अपना कर्तव्‍य निभाते हुए साहस दिखाया और जान पर खेलकर डेढ़ सौ से ज्‍यादा लोगों की जान बचाई. ज्‍योतिष की नजर से देखें तो यहां गुरु ने उन्‍हें कर्तव्‍य पूरा करने की प्रेरणा दी और मंगल ने साहस दिया.

31 अक्‍टूबर को क्‍या बदलने वाला है?

गुरु ग्रह ज्ञान, विस्तार, धर्म, कानून, शिक्षा, सलाह, समृद्धि और मार्गदर्शन के कारक हैं. द्रिक पंचांग के अनुसार, 31 अक्‍टूबर 2026 की दोपहर 12:50 बजे गुरु ग्रह कर्क राशि से निकलकर सिंह राशि में निकलें. कर्क राशि में गुरु उच्‍च के और मंगल नीच के होते हैं. यह गुरु का पॉवर ही है जो 18 सितंबर 2026 से कर्क में आए मंगल को संभाले हुए है. लेकिन 31 अक्‍टूबर को गुरु के बाहर निकलते ही मंगल अकेले नीच राशि कर्क में होंगे. मंगल ग्रह ऊर्जा, साहस, युद्ध, भूमि, सेना, कार्रवाई, आक्रामकता और संघर्ष से संबंधित हैं. ऐसे में 31 अक्‍टूबर से बन रहे नए समीकरण देश-दुनिया पर भारी पड़ सकते हैं.

पानी में होगा युद्ध?  

ज्‍योतिषाचार्य इंदुबाला शर्मा कहती हैं कि नीच राशि कर्क में बैठे मंगल वैसे ही अशुभ होते हैं क्‍योंकि मंगल अग्नि तत्‍व वाले ग्रह हैं और कर्क चंद्रमा के स्‍वामित्‍व वाली जल तत्‍व राशि है. आग का पानी में आना, आग को भले ही थोड़ा ठंडा कर दे लेकिन पानी में तबाही मचाती है. ऐसे में मंगल देश-दुनिया में समुद्री, नदी से जुड़ी दुर्घटनाएं करवा सकता है. पानी में युद्ध हो सकते हैं.

राहु बिगाड़ेंगे खेल

ज्‍योतिषाचार्य इंदुबाला शर्मा कहती हैं कि बात मंगल अकेले के कष्‍ट देने और उत्‍पात मचाने की नहीं है. यहां कुंभ राशि में बैठे राहु पर उनकी आठवी दृष्टि भी पड़ रही है, जो अशुभ मानी जाती है. मंगल राहु का संबंध अंगारक योग बना रहा है. ऐसे में मंगल की राहु पर आठवी दृष्टि भी आंशिक अंगारक योग बना रही है.

यह योग युद्ध, हिंसा, आग या आग से जुड़ी घटनाओं का कारक है. मौसम बिगड़ सकता है. आर्थिक स्थिरता आ सकती है. दुर्घटना/संघर्ष बढ़ सकता है.

आम आदमी पर भी असर

ज्‍योतिष के अनुसार, ग्रह राशि परिवर्तन के 15 दिन पहले से असर दिखना शुरू कर देते हैं. ऐसे में 20-25 अक्‍टूबर से लेकर 12-15 नवंबर तक का समय थोड़ा मुश्किल हो सकता है.

- इस दौरान लोगों की इमोशंस गड़बड़ा सकते हैं, बेहद भावुक होकर आप गलत निर्णय ले सकते हैं. 
- कुछ लोगों में गुस्‍सा बढ़ सकता है. 
- वाहन चलाते समय सावधान रहें. 
- किसी से विवाद न करें. वरना बाद में पछतावा हो सकता है.

(Disclaimer: इस खबर में दी गई देश-दुनिया से जुड़ी आशंकाएं ज्योतिषीय गणनाओं और विशेषज्ञों की मान्यताओं पर आधारित हैं. इन्हें वैज्ञानिक भविष्यवाणी न माना जाए. वास्तविक घटनाओं का पूर्वानुमान केवल ग्रहों की स्थिति के आधार पर नहीं किया जा सकता.)

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About the Author

पत्रकारिता में 15 वर्षों का व्यापक अनुभव रखने वाली श्रद्धा जैन वर्तमान में Zee News की नेशनल डिजिटल टीम में बतौर असिस्‍टेंट न्‍यूज एडिटर सक्रिय हैं. जहाँ वे धर्म, ज्योतिष, ग्रह गोचर, अंक शास्‍त्र और वास्तु शास्त्र जैसे विषयों पर अपनी विशेषज्ञता के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन और सिम्बॉयसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी से क्रिएटिव राइटिंग की पढ़ाई की है. बतौर फोटो जर्नलिस्ट करियर शुरू करने वाली श्रद्धा ने दूरदर्शन, दैनिक भास्कर और चौथी दुनिया जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं.12 वर्षों की फील्ड रिपोर्टिंग के दौरान राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर गहरी पकड़ बनाने के बाद, उन्होंने डिजिटल मीडिया की ओर रुख किया और देश 24*7 जैसे पोर्टल्स में नेतृत्व की भूमिका निभाई. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और हस्तरेखा जैसे विषयों पर गहन अध्ययन और लेखन करते हुए जटिल विषयों को सरल और रोचक भाषा में पाठकों के सामने पेश कर रही हैं.
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