दिवाली का त्योहार आने वाला है. लोग अपने-अपने घरों की साफ-सफाई और सजावट में जुटे हुए हैं. लोग इस समय घर पर नई-नई चीजें भी लाते हैं.
त्योहार के समय में पुराने शीशे की जगह पर नया शीशा लाना शुभ माना जाता है. वास्तु में शीशे का अपना अलग महत्व है.
वास्तु के हिसाब से अगर घर में शीशा सही जगह लगा दिया जाए तो घर में पॉजिटिव एनर्जी का फ्लो बढ़ जाएगा.
इस खबर में हम डिटेल से जानेंगे कि दिवाली के दिन किस जगह पर शीशा लगाने से आपकी किस्मत चमक सकती है.
वास्तु के हिसाब से उत्तर दिशा शीशा लगाने के लिए सबसे बेस्ट होता है. ऐसा इसलिए क्योंकि उत्तर दिशा को धन के देवता कुबेर की दिशा माना जाता है.
कहा जाता है कि इस दिशा में अगर आप शीशा लगाते हैं तो आपके बिजनेस में बढ़ोत्तरी होगी. पैसे कमाने के नए-नए रास्ते खुलने लगेंगे.
इसलिए आपको दिवाली के दिन शीशा जरूर खरीदना चाहिए.
दिवाली के दिन घर के मेन गेट को लोग बड़े अच्छे से सजाते हैं. अगर आप घर पर शीशा ला रहे हैं तो, आपको दरवाजे के पास अंदर की तरफ लगाना चाहिए.
लेकिन ध्यान रहे शीशा मेन गेट के ठीक सामने न रहे. मेन गेट के पास उत्तर या पूर्व दिशा की तरफ शीशा लगाने से घर में हमेशा पॉजिटिव एनर्जी का फ्लो बना रहता है.
जैसा कि हम जानते हैं दिवाली के दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है.
अगर इस दिन आप शीशा ले आते हैं तो उसको लगाने के लिए तिजोरी या अलमारी भी सही जगह हो सकती है.
शीशे को तिजोरी के सामने लगाना चाहिए. जिससे उसमें रखी हुई चीजों की परछाई दिखाई दे.
वास्तु मान्यताओं के हिसाब से ऐसा करने से घर में पैसा और संपत्ति बढ़ सकती है.
दिवाली की सफाई के दौरान आप अपनी अलमारी और तिजोरी को भी साफ करना ना भूलें.
डाइनिंग टेबल घर की सेहत और खुशहाली से जुड़ा होता है. अब वास्तु की मानें तो डाइनिंग टेबल के सामने शीशा लगाना बहुत ही शुभ होता है.
जब खाने की मेज पर रखा खाना शीशे में झलकता है, तो इससे घर में धन और अन्न की कमी नहीं होती है.
शीशा लगाते समय कुछ बातों का ध्यान भी रखना चाहिए. अपने घर में कभी भी टूटा हुआ, चटका हुआ या धुंधला शीशा बिल्कुल न लगाएं.
शीशे की सफाई समय-समय पर करते रहना चाहिए. जिससे वो घर की रोशनी को अच्छे से फैला सके.
इसके अलावा दक्षिण और पश्चिम दिशा में कभी भी शीशा नहीं लगाना चाहिए क्योंकि इसे अशुभ माना जाता है.
बेडरूम में बिस्तर के ठीक सामने भी आईना लगाने से बचना चाहिए, वरना आपसी रिश्तों में खटास आ सकती है.
(Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी वास्तु शास्त्र और पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित है.