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दिल्ली में दंगल: अभी तो बस ट्रेलर है! 31 अक्टूबर से गुरु-केतु का ध्वज योग, अगले 9 महीने सियासत में लाएंगे बड़ा तूफान?

10 अक्‍टूबर से दिल्‍ली में शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन लंबा खिंच सकता है. कम से कम ग्रहों की चाल तो यही संकेत दे रही है. इतना ही नहीं 31 अक्‍टूबर से बन रही गुरु-केतु की युति इसे और बढ़ा सकती है. जानिए ज्‍योतिषाचार्य क्‍या आशंका जता रहे हैं?

Written By Shraddha Jain
Published: Oct 13, 2026, 05:15 AM IST | Updated: Oct 13, 2026, 05:20 AM IST
Image Credit: अक्‍टूबर का अंत और आने वाला समय में ग्रहों की चाल दिल्‍ली में विरोध प्रदर्शन के आक्रामक होने का संकेत दे रही है. (Photo:AI)
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8 अक्‍टूबर 2026 को जब से गुरु-केतु पास आने शुरू हुए हैं, तब से ही देश में CEC को लेकर विरोध का माहौल गरमाया हुआ है. 10 अक्‍टूबर 2026 से दिल्‍ली के जंतर-मंतर में विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ, जो कि बढ़ता जा रहा है. ज्‍योतिषाचार्यों के मुताबिक यह स्थिति 31 अक्‍टूबर 2026 से और गंभीर हो सकती है क्‍योंकि गुरु सिंह राशि में आकर ध्‍वज योग बना रहे हैं, जो नेतृत्‍व और सत्‍ता से जुड़ा योग माना जाता है. ऐसे में ज्‍योतिषाचार्य आशंका जता रहे हैं कि आगामी जुलाई 2027 तक ग्रहों की चाल देश में ऐसे विरोध प्रदर्शन और उसके प्रभावों का गवाह बन सकता है.

क्‍या है ध्‍वज कीर्ति योग और क्‍यों खास?

ज्‍योतिष में गुरु का संबंध ज्ञान , धर्म, अर्थ (धन) आदि से जोड़ा गया है. वहीं केतु अचानक उतार-चढ़ाव, अध्‍यात्‍म के कारक हैं. सूर्य लीडरशिप, उच्‍च पद, राजनीति के कारक हैं. जब गुरु और केतु ग्रह की युति होती है तो ध्‍वज कीर्ति योग बनता है. द्रिक पंचांग के अनुसार, 31 अक्‍टूबर 2026 को दोपहर 12:50 बजे गुरु गोचर करके सिंह राशि में आएंगे, जहां उनकी पहले से विराजमान केतु से युति होगी. अभी देश में खासी राजनीतिक उठापटक चल रही है, उस पर ध्‍वज योग का बनना विरोध को और भड़का सकता है.  

गण्‍डांत दोष भड़का रहा आंदोलन  

सीनियर ऐस्‍ट्रोलॉजर श्‍याम ठाकुर कहते हैं कि पहले ही गुरु और केतु मिलकर गण्‍डांत दोष बना रहे हैं, जो कि 8 अक्‍टूबर 2026 से सक्रिय हुआ और अगले साल फरवरी 2027 तक रहेगा. यह दोष शुरू होते ही देश में सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया. इस तरह का पॉलीटिकल अनरेस्‍ट या सियासी हलचल जल्‍दी खत्‍म नहीं होगी. इसमें बीच-बीच में मामला ठंडा होता नजर आ सकता है, लेकिन पूरी तरह नहीं खत्‍म होगा.

नवंबर में आक्रामक होगा आंदोलन?

31 अक्‍टूबर को गुरु केतु के साथ आते ही मामला बढ़ सकता है. यह समय नए लीडर पैदा करेगा, देश-दुनिया में सत्‍ता संबंधी बदलाव ला सकता है. जब गुरु कर्क राशि के आखिरी पद और केतु सिंह राशि के पहले पद में रहते हैं तो गण्‍डांत दोष बनता है. 8 अक्‍टूबर से यह दोष सक्रिय है. इसके बाद 5 नवंबर से 20 नबंवर तक मंगल भी इन्‍हें जॉइन करेंगे. मंगल ग्रह आक्रोश, हिंसा, ऊर्जा के कारक ग्रह हैं. इसके चलते इस विरोध के नवंबर महीने में और आक्रामक होने की आशंका है. इतना ही नहीं 31 जनवरी 2027 से 10 फरवरी 2027 तक फिर से मंगल, गुरु-केतु के साथ मिलकर दंगल कराएंगे.

आर्थिक मंदी, सियासी घमासान

बकौल ज्‍योतिषाचार्य श्‍याम ठाकुर ग्रहों की मौजूदा स्थितियां और भविष्‍य में बनने वाली स्थितियों को देखकर ऐसा लगता है कि समय काफी उतार-चढ़ाव वाला है. आर्थिक मंदी आने की आशंका है. साथ ही राजनीतिक विवाद भी बढ़ेंगे, आंदोलन आक्रामक हो सकता है. 14 जुलाई 2027 तक गुरु जब तक कर्क राशि में बने रहेंगे, तब तक स्थिति संकटपूर्ण रह सकती है.

केतु देंगे नई दिशा

ऐस्‍ट्रोलॉजी में केतु का संबंध अध्‍यात्‍म और मंदिर के नए झंडे से है. यानी कि यह समय देश-दुनिया को नई दिशा दिखाएगा. सत्‍ता, नेतृत्‍व और अर्थव्‍यवस्‍था से जुड़े बड़े बदलाव ला सकता है.

(Disclaimer: इस लेख में दी गई ज्योतिषीय व्याख्याएं पारंपरिक मान्यताओं और ज्योतिषीय आकलन पर आधारित हैं. ग्रहों की स्थिति के आधार पर राजनीतिक घटनाओं की निश्चित भविष्यवाणी नहीं की जा सकती. पाठक इसे ज्योतिषीय विश्लेषण के रूप में लें, न कि भविष्य की घटनाओं की प्रमाणित जानकारी के रूप में.)

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About the Author

पत्रकारिता में 15 वर्षों का व्यापक अनुभव रखने वाली श्रद्धा जैन वर्तमान में Zee News की नेशनल डिजिटल टीम में बतौर असिस्‍टेंट न्‍यूज एडिटर सक्रिय हैं. जहाँ वे धर्म, ज्योतिष, ग्रह गोचर, अंक शास्‍त्र और वास्तु शास्त्र जैसे विषयों पर अपनी विशेषज्ञता के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन और सिम्बॉयसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी से क्रिएटिव राइटिंग की पढ़ाई की है. बतौर फोटो जर्नलिस्ट करियर शुरू करने वाली श्रद्धा ने दूरदर्शन, दैनिक भास्कर और चौथी दुनिया जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं.12 वर्षों की फील्ड रिपोर्टिंग के दौरान राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर गहरी पकड़ बनाने के बाद, उन्होंने डिजिटल मीडिया की ओर रुख किया और देश 24*7 जैसे पोर्टल्स में नेतृत्व की भूमिका निभाई. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और हस्तरेखा जैसे विषयों पर गहन अध्ययन और लेखन करते हुए जटिल विषयों को सरल और रोचक भाषा में पाठकों के सामने पेश कर रही हैं.
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