Astrology: इन दो राशि वालों को चंद्रमा देता है सबसे शुभ फल, मजबूत मन और अथाह धन का बनाता है मालिक!
Chandrama Favorite Rashi: चंद्रमा मन और माता का कारक है जो सभी 12 राशियों पर गहरा प्रभाव डालता है. आइए इस लेख में जानें कि चंद्रमा की प्रिय राशियां कौन सी हैं जिन पर इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ता है.
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चंद्रमा व्यक्ति के मन, मस्तिष्क और भावनाओं का कारक है. व्यक्ति की मानसिक स्थिति पर चंद्रमा का गहरा प्रभाव होता है. इसे एक सौम्य, शांत और स्त्री तत्व का ग्रह माना गया है. वैसे तो सभी 12 राशियों पर चंद्रमा का प्रभाव शुभ-अशुभ रूप से होता है लेकिन वैदिक ज्योतिष के अनुसार दो ऐसी राशियां हैं जो चंद्रमा को प्रिय हैं. कर्क राशि जो चंद्रमा की स्वामित्व की राशि है और वृष राशि जिसमें चंद्रमा उच्च भाव में होते हैं. इन दोनों ही राशियों के जातकों को चंद्रमा का सकारात्मक प्रभाव प्राप्त होता है. आइए इस बारे में और विस्तार से जानें.
चंद्रमा के स्वामित्व वाली कर्क राशि
चंद्रमा के स्वामित्व वाली कर्क राशि पर चंद्रमा का बहुत गहरा और शुभ प्रभाव होता है. यह राशि चंद्रमा को अति प्रिय है. चंद्रमा के प्रभाव के कारण इनका मन अति चंचल होता है. चंद्रमा की कृपा से इनका मन बहुत मजबूत रहता है और माता के साथ संबंध मधुर रहता है. जातक बहुत ज्यादा दयालु, बहुत भावुक प्रेमी और संवेदनशील स्वभाव वाले होते हैं. चंद्रमा के प्रभाव के कारण ही इन जातकों में गजब की कलात्मकता होती है और इनका सिक्स्थ सेंस कमाल का होता है. ये लोग अपने जीवन में खूब धन कमाते हैं.
विशेष उपाय- नियमित रूप से अगर ये जातक ध्यान करें और आध्यात्म का अभ्यास करें तो इनका मन शांत रहेगा. सोमवार व्रत और शिव जी की उपासना करना इन जातकों के मन को मजबूत करता है.
वृष राशि में उच्च होते हैं चंद्रमा
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार वृष राशि में चंद्रमा उच्च भाव में होते हैं. जिसके कारण इस राशि के जातकों पर चंद्रमा का हमेशा ही सकारात्मक प्रभाव पड़ता है. ये लोग मजबूत मन वाले होते हैं. चंद्रमा के प्रभाव के कारण वृष राशि के मन की चंचलता बनी रहती है. हालांकि, कई स्थितियों में चंद्रमा ही है जो जातकों में गहरी एकाग्रता लाने का कारक बनता है. चंद्रमा ही मानसिक शांति प्रदान करता है. ये जातक हर काम को सोचने और समझने के बाद ही करते हैं. इनमें शालीनता और धैर्य कूट-कूट कर भरा रहता है. चंद्रमा के शुभ प्रभाव के कारण जातकों के जीवन में स्थायित्व आता है.
विशेष उपाय- भगवान शिव का जलाभिषेक करना या शिवलिंग पर दूध अर्पित करना वृष राशि वालों के जीवन की परेशानियों को कम करेगा और जातकों की कुंडली में चंद्रमा मजबूत होकर और भी शुभ प्रभाव दे सकता है. आत्मिक शांति बढ़ेगी.
(डिस्क्लेमर- यह सामग्री पारंपरिक ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है. इसे सामान्य सूचना के रूप में देखें, न कि किसी निश्चित परिणाम या भविष्यवाणी के दावे के रूप में. किसी भी व्यक्ति पर ग्रह का प्रभाव उसकी जन्म कुंडली में ग्रहों की स्थिति, दशा, अंतर्दशा तथा अन्य ज्योतिषीय कारकों के आधार पर अलग-अलग हो सकता है.)