ब्रह्म मुहूर्त के गहरे रहस्य जिन्हें 90% लोग नहीं जानते होंगे! कैसे करें इसकी गणना और क्या है सूर्य से पहले जागने के बड़े फायदे? जानें
क्या है ब्रह्म मुहूर्त के गहरे रहस्य जिनके बारे में लोगों को कम पता है, इस अवधि की गणना कैसे करें और इस मुहूर्त में जागने के बड़े-बड़े फायदे क्या हैं? आइए इस बारे में विस्तार से जानें.
पुराने समय से ही ब्रह्म मुहूर्त का बड़ा महत्व रहा है. यह समय आत्म चिंतन का होता है. भागदौड़ भरी जिंदगी में सफल होने और अच्छी सेहत पाने का रहस्य इस ब्रह्म मुहूर्त में छुपा है. ये भी कह सकते हैं कि सूर्य से पहले जागने के बड़े-बड़े फायदे हैं. प्राचीन आयुर्वेद हो या ऋषि-मुनियों की सलाह हो, ब्रह्म मुहूर्त में जागने के अभ्यास को हमेशा से अच्छी आदतों में गिना गया है. ब्रह्म मुहूर्त के गहरे रहस्य क्या हैं, कैसे करें इसकी गणना और क्या है सूर्य से पहले यानी ब्रह्म मुहूर्त में जागने के फायदे? आइए इस बारे में विस्तार से जानें.
ब्रह्म मुहूर्त का अर्थ
ब्रह्म मुहूर्त के अर्थ की बात करें तो इसमें 'ब्रह्म' का मतलब परमात्मा है और 'मुहूर्त' का मतलब समय है. इस तरह इसका सीधा सा मतलब है 'परमात्मा का समय'. ब्रह्म मुहूर्त की समयावधि कम-ज्यादा हो सकती है लेकिन इतना जरूर है कि 'परमात्मा का समय' में जरूर सफलता और शांति पाने की चाबी छुपी है. ऐसी धार्मिक मान्यता है कि इस समय ब्रह्मांड में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो रहा होता है.
ब्रह्म मुहूर्त की गणना कैसे करें?
ब्रह्म मुहूर्त की गणना बड़ी ही आसानी से की जा सकती है. यह आपके शहर या स्थानीय सूर्योदय के समय पर आधारित एक सरल गणना है जो सूर्योदय के समय में दैनिक बदलाव के साथ हर दिन बदलती रहती है. ब्रह्म मुहूर्त के आरंभ को जानने के लिए सूर्योदय के समय से 1 घंटा 36 मिनट कम कर दें. वहीं, ब्रह्म मुहूर्त के समापन को जानने के लिए सूर्योदय के समय से 48 मिनट घटा दें.
उदाहरण के लिए अगर सूर्योदय का समय 5:32 AM है तो
ब्रह्म मुहूर्त की शुरुआत का समय- 5:32-1:36 = 3:56 AM होगा.
ब्रह्म मुहूर्त के समापन का समय- 5:32-0:48 = 4:44 AM होगा.
ब्रह्म मुहूर्त में जागने के फायदे
- ब्रह्म मुहूर्त में जागने से एकाग्रता बढ़ती है. विद्यार्थी अगर इस समय पढ़ाई करें तो लंबे समय तक पाठ याद रख सकते हैं.
- ब्रह्म मुहूर्त में जागने से मानसिक तनाव दूर होता है और दिमाग में 'खुशी के हार्मोन' बढ़ते हैं. मन दिनभर खुश रहता है.
- ब्रह्म मुहूर्त में जागने से शारीरिक शक्ति बढ़ती है और चेहरे पर चमक आती है. शरीर का 'वात' दोष संतुलन में रहता है.
- ब्रह्म मुहूर्त में जागने वाले लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी रहती है. इस अवधि में बहने वाली शुद्ध वायु से फेफड़े मजबूत होते हैं.
- ब्रह्म मुहूर्त में जागने से सोए हुए लोगों से 2-3 घंटे ज्यादा मिलते हैं. इससे आप सोए हुए लोगों से पहले और तेजी से सफल हो सकते हैं.
- ब्रह्म मुहूर्त में जागने से सोच में सकारात्मकता आती है. इस समय भगवान का ध्यान और आत्म-चिंतन करने के लिए मन स्थिर रहता है.
ब्रह्म मुहूर्त के गहरे रहस्य
ब्रह्म मुहूर्त में सूर्य की किरणें धरती पर नहीं पड़ रही होती हैं और पृथ्वी की विद्युत चुंबकीय तरंगें भी इस अवधि में शांत अवस्था में होती हैं. ब्रह्म मुहूर्त एक रहस्यमयी समयावधि है जिसे स्वर्ण काल भी कह सकते हैं. इस समय व्यक्ति जब उठकर साधना, अध्ययन और स्वास्थ्य संबंधी अभ्यास यानी योग-व्यायाम करता है तो उसका उसे पूरा-पूरा लाभ प्राप्त होता है और धीरे-धीरे उसके जीवन में बदलाव आने लगता है.
(डिस्क्लेमर- यह लेख धार्मिक मान्यताओं, आयुर्वेद और सामान्य जानकारी पर आधारित है. ब्रह्म मुहूर्त की गणना सूर्योदय पर निर्भर करती है. स्वास्थ्य संबंधी लाभ व्यक्तिगत अनुभव हो सकते हैं, किसी भी असुविधा पर विशेषज्ञ से सलाह लें.)