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ब्रह्म मुहूर्त के गहरे रहस्य जिन्हें 90% लोग नहीं जानते होंगे! कैसे करें इसकी गणना और क्या है सूर्य से पहले जागने के बड़े फायदे? जानें

क्या है ब्रह्म मुहूर्त के गहरे रहस्य जिनके बारे में लोगों को कम पता है, इस अवधि की गणना कैसे करें और इस मुहूर्त में जागने के बड़े-बड़े फायदे क्या हैं? आइए इस बारे में विस्तार से जानें.

Written By Padma Shree Shubham
Published: Oct 28, 2026, 08:14 PM IST | Updated: Oct 28, 2026, 08:21 PM IST
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पुराने समय से ही ब्रह्म मुहूर्त का बड़ा महत्व रहा है. यह समय आत्म चिंतन का होता है. भागदौड़ भरी जिंदगी में सफल होने और अच्छी सेहत पाने का रहस्य इस ब्रह्म मुहूर्त में छुपा है. ये भी कह सकते हैं कि सूर्य से पहले जागने के बड़े-बड़े फायदे हैं. प्राचीन आयुर्वेद हो या ऋषि-मुनियों की सलाह हो, ब्रह्म मुहूर्त में जागने के अभ्यास को हमेशा से अच्छी आदतों में गिना गया है. ब्रह्म मुहूर्त के गहरे रहस्य क्या हैं, कैसे करें इसकी गणना और क्या है सूर्य से पहले यानी ब्रह्म मुहूर्त में जागने के फायदे? आइए इस बारे में विस्तार से जानें.

ब्रह्म मुहूर्त का अर्थ

ब्रह्म मुहूर्त के अर्थ की बात करें तो इसमें 'ब्रह्म' का मतलब परमात्मा है और 'मुहूर्त' का मतलब समय है. इस तरह इसका सीधा सा मतलब है 'परमात्मा का समय'. ब्रह्म मुहूर्त की समयावधि कम-ज्यादा हो सकती है लेकिन इतना जरूर है कि 'परमात्मा का समय' में जरूर सफलता और शांति पाने की चाबी छुपी है. ऐसी धार्मिक मान्यता है कि इस समय ब्रह्मांड में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो रहा होता है.

ब्रह्म मुहूर्त की गणना कैसे करें?

ब्रह्म मुहूर्त की गणना बड़ी ही आसानी से की जा सकती है. यह आपके शहर या स्थानीय सूर्योदय के समय पर आधारित एक सरल गणना है जो सूर्योदय के समय में दैनिक बदलाव के साथ हर दिन बदलती रहती है. ब्रह्म मुहूर्त के आरंभ को जानने के लिए सूर्योदय के समय से 1 घंटा 36 मिनट कम कर दें. वहीं, ब्रह्म मुहूर्त के समापन को जानने के लिए सूर्योदय के समय से 48 मिनट घटा दें.
उदाहरण के लिए अगर सूर्योदय का समय 5:32 AM है तो
ब्रह्म मुहूर्त की शुरुआत का समय- 5:32-1:36 = 3:56 AM होगा.
ब्रह्म मुहूर्त के समापन का समय- 5:32-0:48 = 4:44 AM होगा.

ब्रह्म मुहूर्त में जागने के फायदे

ब्रह्म मुहूर्त के गहरे रहस्य

ब्रह्म मुहूर्त में सूर्य की किरणें धरती पर नहीं पड़ रही होती हैं और पृथ्वी की विद्युत चुंबकीय तरंगें भी इस अवधि में शांत अवस्था में होती हैं. ब्रह्म मुहूर्त एक रहस्यमयी समयावधि है जिसे स्वर्ण काल भी कह सकते हैं. इस समय व्यक्ति जब उठकर साधना, अध्ययन और स्वास्थ्य संबंधी अभ्यास यानी योग-व्यायाम करता है तो उसका उसे पूरा-पूरा लाभ प्राप्त होता है और धीरे-धीरे उसके जीवन में बदलाव आने लगता है.

(डिस्क्लेमर- यह लेख धार्मिक मान्यताओं, आयुर्वेद और सामान्य जानकारी पर आधारित है. ब्रह्म मुहूर्त की गणना सूर्योदय पर निर्भर करती है. स्वास्थ्य संबंधी लाभ व्यक्तिगत अनुभव हो सकते हैं, किसी भी असुविधा पर विशेषज्ञ से सलाह लें.)

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About the Author

पद्मा श्री शुभम् को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव. मॉस कम्‍युनिकेशन ग्रेजुएट और हिंदी लिटरेचर से पोस्‍ट ग्रेजुएट. मीडिया में डिजिटल प्लेटफॉर्म से करियर शुरू करने के बाद कई संस्थाओं में काम किया. Nedrick News, TFI Post जैसी संस्थाओं में कार्यरत रहीं. इसके बाद Zee News जॉइन किया. समाचार और वर्तमान घटनाओं पर लिखने पढ़ने में रुचि. धर्म और ज्योतिष में अधिक रुचि. वर्तमान में धर्म और ज्योतिष संबंधी लेख लिखने में कार्यरत. पद्मा से आप padma.shubham@India.com मेल के जरिए सीधे संपर्क कर सकते हैं.
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