Radha Ashtami 2026: राधा अष्टमी पर चाहिए एक साथ राधा-कृष्ण की कृपा? तो सच्चे मन से जपें राधा जी के ये 32 पवित्र नाम
Radha Ashtami 2026 Radha Names: आज बड़े ही धूमधाम से राधा अष्टमी पर्व मनाया जा रहा हैं. इस शुभ मौके पर जो भी भक्त राधा रानी के 32 पवित्र नामों का जाप सच्चे मन से करता है उसे राधा-कृष्ण की कृपा एक साथ प्राप्त होती है.
Radha Ji ke 32 Naam: राधा अष्टमी पर्व पर श्री राधा जी का ध्यान करके उनके नामों का जाप करें तो जीवन में सुख, प्रेम और शांति का आशीर्वाद मिलता है. राधा अष्टमी 19 सितंबर 2026 को यानी आज मनाई जा रही है. इस मौके पर राधा रानी की विधिवत पूजा कर उन्हें उनके प्रिय भोग चढ़ाएं. अब मन को शांत कर राधा जी के 32 नामों का जाप करें. धन, संपत्ति के साथ ही प्रेम और सुख का वरदान भी श्री जी देंगी. श्री राधा जी के इन पवित्र नामों का जाप करने से जीवन में ताजगी बनी रहती है और भगवान कृष्ण भी अति प्रसन्न हो जाते हैं. ऐसे भक्त जो राधा जी के नामों का जाप करते हैं उन्हें श्रीकृष्ण स्वयं सभी परेशानियों से बाहर निकालते हैं.
श्री राधा के नाम का महत्व
जो भी श्रद्धापूर्वक राधा रानी के इन नामों का जाप करता है उसके जीवन की सभी परेशानियों का अंत होने लगता है. पुराणों के अनुसार श्री हरि विष्णु जी ने कहा है कि अनजाने में अगर कोई व्यक्ति राधा नाम लेता है तो उसके आगे-आगे मैं सुदर्शन चक्र लेकर चलता हूं. ऐसे व्यक्ति के पीछे शिव जी अपना त्रिशूल लेकर चलते हैं. उसके दाईं ओर इंद्र वज्र लेकर और बाईं ओर वरुण देव छत्र लेकर चल रहे होते हैं.
राधारानी के 32 पवित्र नाम
1. 'मृदुल भाषिणी राधा!'
2. 'सौंदर्य राषिणी राधा!'
3. 'परम् पुनीता राधा!'
4. 'नित्य नवनीता राधा!'
5. 'रास विलासिनी राधा!'
6. 'दिव्य सुवासिनी राधा!'
7. 'नवल किशोरी राधा!'
8. 'अति ही भोरी राधा!'
9. 'कंचनवर्णी राधा!'
10. 'नित्य सुखकरणी राधा!'
11. 'सुभग भामिनी राधा!'
12. 'जगत स्वामिनी राधा!'
13. 'कृष्ण आनन्दिनी राधा!'
14. 'आनंद कन्दिनी राधा!'
15. 'प्रेम मूर्ति राधा!'
16. 'रस आपूर्ति राधा!'
17. 'नवल ब्रजेश्वरी राधा!'
18: 'नित्य रासेश्वरी राधा!'
19. 'कोमल अंगिनी राधा!'
20. 'कृष्ण संगिनी राधा!'
21. 'कृपा वर्षिणी राधा!'
22: 'परम् हर्षिणी राधा!'
23. 'सिंधु स्वरूपा राधा!'
24. 'परम् अनूपा राधा!'
25. 'परम् हितकारी राधा!'
26. 'कृष्ण सुखकारी राधा!'
27. 'निकुंज स्वामिनी राधा!'
28. 'नवल भामिनी राधा!'
29. 'रास रासेश्वरी राधा!'
30. 'स्वयं परमेश्वरी राधा!'
31. 'सकल गुणीता राधा!'
32. 'रसिकिनी पुनीता राधा!'
कर जोरि वन्दन करूं मैं_
नित नित करूं प्रणाम_
रसना से गाती/गाता रहूं_
श्री राधा राधा नाम !'
(डिस्क्लेमर- यह सामग्री धार्मिक मान्यताओं, प्रचलित परंपराओं एवं उपलब्ध धार्मिक स्रोतों पर आधारित है. विभिन्न क्षेत्रों, समुदायों और परंपराओं के अनुसार व्रत-त्योहारों की तिथि, पूजा-विधि एवं मान्यताओं में अंतर संभव है. पाठक इसे सामान्य धार्मिक जानकारी के रूप में देखें.