)
Shankh Bajane Ke Fayade: शंख का हिंदू धर्म में विशेष महत्व बताया गया है. धार्मिक कार्य में शंख को जरूर रखा जाता है. वहीं पूजा-पाठ में शंख बजाना अति शुभ माना जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस शंख को लेकर कई नियम भी हैं जिनका ध्यान न रखें तो घर में नकारात्मक ऊर्जा का वास हो सकता है. धार्मिक मान्यता है कि भगवान विष्णु की पूजा या यज्ञ में शंखध्वनि का उपयोग जरूरी है. यह शंखनाद पूजा के पूर्ण होने का संकेत देता है. आइए इस लेख में विस्तार से जानें कि शंख का धार्मिक महत्व क्या है, इसके नियम क्या हैं और कौन से भगवान को यह अति प्रिय है.
भगवान विष्णु को क्यों प्रिय है शंख
आपने इस बात पर गौरा किया होगा कि हिंदू धर्म में जितने भी देवी-देवता हैं उनके पास उनकी प्रिय वस्तुएं भी दिखती हैं जैसे श्रीकृष्ण के पास बांसुरी तो वहीं शिव जी के पास उनका डमरू देखा होगा आपने. धार्मिक मान्यता है कि भगवान विष्णु को शंख अति प्रिय है. यही कारण है कि जब भी हम भगवान विष्णु की प्रतिमा या चित्र देखते हैं तो उनके एक हाथ में शंख भी होता है. ऐसे में शंख अपने आप ही एक अति पवित्र वस्तु हो जाता है जिसे पूजा में स्थान दिया जाता है. पौराणिक मान्यताओं की बात करें तो भगवान विष्णु को शंख इसलिए अति प्रिय है क्योंकि समुद्र मंथन के बाद शंख भी माता लक्ष्मी के साथ निकला था. इस तरह शंख को माता लक्ष्मी का भाई माना गया है. जहां भी शंख होता है वहां मां लक्ष्मी होती हैं और जहां मां लक्ष्मी होती हैं वहां पर भगवान विष्णु वास करते हैं. भगवान विष्णु के शंख का नाम 'पाञ्चजन्य' है.
शंख बजाने का धार्मिक महत्व और इसके फायदे
भगवान विष्णु और लक्ष्मी की कृपा
धार्मिक मान्यता है कि जिस घर में पूजा के समय शंख की ध्वनि गूंजती है, उस घर में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी वास करते हैं. ऐसे घर की सुख-समृद्धि बनी रहती है और धन की कभी कमी नहीं होती है.
नकारात्मक ऊर्जा का नाश
जिस घर में नियमित रूप से शंख बजाया जाता है उस घर में कभी भी नकारात्मक ऊर्जा नहीं टिकती है. ऐसे घर में हर ओर सकारात्मक ऊर्जा का संचरण होता है.
मस्तिष्क व शरीर पर प्रभाव
धार्मिक मान्यता है कि शंख की ध्वनि तरंगें सकारात्मक उर्जा को बढ़ावा देती हैं जिसका प्रभाव मनुष्य के मस्तिष्क व शरीर पर गहराई से पड़ता है और इससे एकाग्रता बढ़ती है.
बाधाओं और दोषों का अंत
मान्यताओं के अनुसार किसी भी मांगलिक कार्य के शुरू होने पर या पूजा के दौरान जब शंख बजाते हैं तो ईश्वर का आशीर्वाद प्राप्त होता है. शंख की ध्वनि सभी बाधाओं को दूर करती है. सभी तरह के दोषों का नाश होता है.
मां लक्ष्मी की कृपा
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जिस घर में शंख हर दिन बजाया जाता है, वहां पर माता लक्ष्मी की कृपा बरसती है. घर में धन की कभी कमी नहीं होती है. दक्षिणावर्ती शंख को पूजा घर में स्थान देना अति शुभ माना गया है. सुबह-शाम शंख बजाने से घर को कभी नजर नहीं लगती है.
शंख बजाने के नियम
(डिस्क्लेमर- यह जानकारी पारंपरिक धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है. बताए गए उपायों के प्रभाव और परिणाम व्यक्ति विशेष की परिस्थितियों, आस्था, स्थान तथा अन्य कारकों के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं. इसे सामान्य सूचना के रूप में देखें और किसी भी प्रकार के निश्चित परिणाम या लाभ का दावा न मानें.)