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पापों से मुक्ति दिलाने वाली पापांकुशा एकादशी कल, व्रत नहीं रख सकते तो ये काम करके भी पा सकते हैं पुण्यफल

पापांकुशा एकादशी का व्रत 22 अक्टूबर 2026 को रखा जाएगा. यह व्रत हिंदू धर्म में बेहद अहम माना गया है. लेकिन किसी कारण से एकादशी व्रत नहीं कर पा रहे हैं तो कुछ खास काम करके भी इसका पुण्‍यफल पा सकते हैं.

Written By Shraddha Jain
Published: Oct 21, 2026, 11:17 AM IST | Updated: Oct 21, 2026, 11:34 AM IST
Image Credit: पापांकुशा एकादशी के दिन मंत्र जाप, पाठ समेत कुछ खास काम करके व्रत और पूजा का पुण्‍यफल पाया जा सकता है. (Photo:AI)
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Papankusha Ekadashi 2026: हिंदू धर्म में हर महीने पड़ने दोनों एकादशी तिथि भगवान विष्‍णु को समर्पित हैं, इस तरह साल में कुल 24 एकादशी पड़ती हैं. इनमें से कुछ का विशेष महत्‍व है. आश्विन शुक्‍ल एकादशी को पापांकुशा एकादशी कहते हैं क्‍योंकि ये जाने-अनजाने में किए गए पापों को नष्‍ट करने वाली है और आत्‍मशुद्धि करने वाली है. इसके नाम का अर्थ है पापांकुशा यानी कि पापों पर अंकुश लगाने वाली. इस साल पापांकुशा एकादशी व्रत 22 अक्‍टूबर 2026, गुरुवार को रखा जाएगा. साथ ही भगवान विष्‍णु और माता लक्ष्‍मी की पूजा की जाएगी. लेकिन जो लोग किसी कारण से यह व्रत नहीं कर पा रहे हैं, वो विधि-विधान से पूजा करके और कुछ उपाय करके भी एकादशी व्रत का पुण्‍यफल पा सकते हैं.

बिना व्रत के कैसे पाएं फल?

यदि बीमारी, ट्रैवल, पीरियड या अन्‍य किसी आदि कारण से आप फास्‍ट नहीं कर पा रहे हैं तो घबराएं नहीं. संभव हो तो भगवान विष्‍णु की पूजा करें और कुछ उपाय कर लें.

1. एकादशी की सुबह स्‍नान करके साफ कपड़े पहनें. फिर भगवान विष्णु की पूजा करने का भी समय न हो तो उनकी फोटो या मूर्ति के सामने दीपक जलाएं. फिर भगवान विष्‍णु का ध्‍यान करें, मन को शुद्ध करें और भगवान से अच्‍छे विचार देने राह दिखाने की प्रार्थना करें.

2. जब भी समय मिले भगवान विष्‍णु के नाम का जाप करें. यदि पवित्र स्थिति में हैं तो विष्‍णु मंत्र का जाप करें. ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप भगवान विष्‍णु की कृपा दिलाता है.

3. विष्‍णु सहस्रनाम का पाठ कर भी बहुत लाभ देता है. संभव हो तो शांत और सच्‍चे मन से श्रीहरि का ध्‍यान करते हुए पाठ करूं.

4. पापांकुशा एकादशी की कथा पढ़ें. पूजा करने के साथ व्रत कथा पढ़ें.

(यह भी पढ़ें: दशहरा के बाद एकादशी की तारीख पर फंसा पेच, कब रखा जाएगा पापांकुशा एकादशी का व्रत? जानें पारण का सही समय) 

5. एकादशी पर गरीबों को दान दें. अपनी सामर्थ्‍य के अनुसार भोजन कराएं, अनाज दें, कपड़े दें. लेकिन अपना बजट देखकर ही दूसरों से मदद करें.

6. भगवान विष्‍णु की पूजा में तुलसी जरूर अर्पित करें. शाम को तुलसी के पास दीपक लगाएं, तुलसी की परिक्रमा करें.

7. पापांकुशा एकादशी मन और आत्‍मशुद्धि का व्रत है. लिहाजा ईगो, अहंकार, जलन आदि बुराइयों का त्‍याग करें. नकारात्‍मक विचारों से दूर रहें. सकारात्‍मक सोचें, भगवान का स्‍मरण करें. साथ ही सभी से अच्‍छा व्‍यवहार करें.

बता दें कि 21 अक्‍टूबर की दोपहर 02:12 बजे से 22 अक्‍टूबर की 02:48 बजे तक एकादशी तिथि रहेगी. उदयातिथि के आधार पर 22 अक्‍टूबर को एकादशी व्रत रखा जाएगा. वहीं व्रत का पारण 23 अक्‍टूबर की सुबह 05:51 बजे से 08:08 बजे तक करना उचित होगा. 

(Disclaimer: यह सामग्री धार्मिक मान्यताओं, प्रचलित परंपराओं एवं उपलब्ध धार्मिक स्रोतों पर आधारित है. विभिन्न क्षेत्रों, समुदायों और परंपराओं के अनुसार व्रत-त्योहारों की तिथि, पूजा-विधि एवं मान्यताओं में अंतर संभव है. पाठक इसे सामान्य धार्मिक जानकारी के रूप में देखें.)

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About the Author

पत्रकारिता में 15 वर्षों का व्यापक अनुभव रखने वाली श्रद्धा जैन वर्तमान में Zee News की नेशनल डिजिटल टीम में बतौर असिस्‍टेंट न्‍यूज एडिटर सक्रिय हैं. जहाँ वे धर्म, ज्योतिष, ग्रह गोचर, अंक शास्‍त्र और वास्तु शास्त्र जैसे विषयों पर अपनी विशेषज्ञता के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन और सिम्बॉयसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी से क्रिएटिव राइटिंग की पढ़ाई की है. बतौर फोटो जर्नलिस्ट करियर शुरू करने वाली श्रद्धा ने दूरदर्शन, दैनिक भास्कर और चौथी दुनिया जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं.12 वर्षों की फील्ड रिपोर्टिंग के दौरान राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर गहरी पकड़ बनाने के बाद, उन्होंने डिजिटल मीडिया की ओर रुख किया और देश 24*7 जैसे पोर्टल्स में नेतृत्व की भूमिका निभाई. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और हस्तरेखा जैसे विषयों पर गहन अध्ययन और लेखन करते हुए जटिल विषयों को सरल और रोचक भाषा में पाठकों के सामने पेश कर रही हैं.
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