बच्चे के नामकरण में किन-किन बातों का रखें ध्यान? मशहूर ज्योतिषाचार्य अजय भाम्बी ने बताए जरूरी नियम
बच्चे का नामकरण संस्कार हिंदू धर्म में बताए गए 16 संस्कारों में से एक है. बच्चे का नाम चुनने और नामकरण की पूजा करने में कुछ बातों का ध्यान जरूरी है, जानिए.
मां-पिता बनना, फिर अपने बच्चे का सुंदर और अर्थपूण नाम चुनना पैरेंट्स के लिए बहुत खास होता है. इसके लिए भारतीय परंपरा में विधिवत नामकरण संस्कार होता है. जिसमें भगवान की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है ताकि बच्चे को भगवान का आशीर्वाद मिले. फिर ज्योतिषीय तरीके से अपनी पसंद के अनुसार बच्चे का नाम रखा जाता है. हालांकि नामकरण संस्कार की रस्में अलग-अलग जगहों और परिवारों में भिन्न होती हैं. फिर भी कुछ बातें कॉमन हैं. आज हम देश-विदेश के जाने-माने ज्योतिषाचार्य पंडित अजय भाम्बी से जानते हैं नामकरण संस्कार की सही विधि और जरूरी बातें.
नामकरण संस्कार का मकसद
नामकरण संस्कार षोडश संस्कारों में एक अत्यंत महत्वपूर्ण संस्कार है. इस संस्कार का मूल भाव है नवजात शिशु का परिवार और समाज में विधिवत स्वागत करना और उसके उज्ज्वल, स्वस्थ और संस्कार पूर्ण जीवन के लिए मंगल संकल्प करना. अलग-अलग परंपराओं में नामकरण के समय को लेकर कुछ भिन्न मत मिलते हैं.
बच्चे का नामकरण कब किया जाता है?
आमतौर पर जन्म के 10वें, 11वें या 12वें दिन नामकरण की परंपरा रही है. कुछ परंपराओं में शिशु और माता की स्थिति, परिवार की परंपरा तथा शुद्धि-अवधि को देखते हुए बाद में भी नामकरण किया जाता है.
नाम निर्धारित करने की ज्योतिषीय परंपरा
ज्योतिषाचार्य अजय भाम्बी के अनुसार, भारतीय परंपरा में नामकरण बच्चे के जन्म नक्षत्र और उसके चरण पर आधारित है. इसके साथ-साथ बच्चे के नाम का अर्थ, उच्चारण, पारिवारिक परंपरा आदि का भी जरूर ध्यान रखना चाहिए. जानिए नामकरण की विधि.
- नामकरण के दिन सबसे पहले घर और पूजा-स्थान को स्वच्छ और शुद्ध करें. पूजा में शिशु को स्नान करवाकर, उसे साफ कपड़े पहनाकर माता-पिता की गोद में बैठाएं.
- आचार्य या पुरोहित मंत्रोच्चार के साथ शिशु के मंगलमय जीवन की कामना करें और पूजा करें. फिर निर्धारित नाम को परिवार के सामने प्रकट किया जाता है.
- इसके बाद परिजन, रिश्तेदार, करीबी लोग बच्चे को आशीर्वाद देते हैं और उसके दीर्घायु, आरोग्य, यश, बुद्धि और सुखी जीवन की कामना करते हैं.
बेबी का नाम चुनने में रखें सावधानी
- बच्चे का नाम अर्थपूर्ण हो क्योंकि नाम का व्यक्ति की पर्सनालिटी पर प्रभाव पड़ता है. नाम का शाब्दिक और सांस्कृतिक अर्थ समझ लें.
- बच्चे के लिए नाम चुनते समय उसका उच्चारण भी देखें. ऐसा न हो कि लोग कठिन उच्चारण न कर पाएं और गलत नाम पुकारें.
- नाम ऐसा हो जो सकारात्मक हो.
- परिवार में यदि देवी-देवता के नाम पर नाम रखने की परंपरा है तो उसका ध्यान रखें.
- सिर्फ ट्रेंड को देखकर नाम न रखें. वरना कुछ साल बाद वह नाम असहज या अर्थहीन लगने लगे.
(Disclaimer: नामकरण और ज्योतिष से जुड़े नियम अलग-अलग परंपराओं और मान्यताओं में भिन्न हो सकते हैं. यहां दी गई जानकारी धार्मिक एवं ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है. इसे व्यक्तिगत जीवन के लिए निश्चित भविष्यवाणी या वैज्ञानिक तथ्य न मानें.)