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आपने अपने एरिया में भंडारा तो खाया होगा. हिंदू धर्म में भंडारे को खास और पवित्र माना गया है. जब भी कोई बड़ा पर्व होता है, तो लोग मिलकर भंडारा करवाते हैं.
इतना ही नहीं लोग इसमें दिल खोलकर दान करते हैं. जो एक पुण्य का काम माना जाता है. ऐसा इसलिए क्योंकि हिंदू धर्म में अन्नदान को सबसे ऊपर माना गया है.
भंडारे में लोग भूखे लोगों को खाना खिलाते हैं. जिससे उनको बहुत संतुष्टि मिलती है. अगर आप भी अपने पासे के मंदिर में दान देना चाहते हैं तो दे सकते हैं.
लेकिन हम इस खबर ऐसी चीजों के बारे में बताएंगे, जिसे दान देने से आपको बहुत पुण्य मिलेगा.
अगर आप भंडारा करवा रहे हैं तो सबसे ज्यादा जरूरी गेहूं, चावल, आटा और अलग-अलग तरह की दालों की होती है.
ग्रंथों की मानें तो अन्न को महादान माना जाता है. ऐसा इसलिए कहा जाता है क्योंकि आपके द्वारा दिए गए दान से सैकड़ों लोगों का पेट भरता है.
अगर भंडारे में अच्छे भोजन रहते हैं, तो लोग बहुत चाव से खाते हैं. इसलिए अगर ताजे सब्जियों और फलों दान देते हैं तो वो बेस्ट रहेगा.
आप भंडारे में आलू, टमाटर, कद्दू, लौकी और हरी मिर्च जैसी सब्जियों का दान दे सकते हैं. इसके अलावा अगर आप फल चढ़ाते हैं तो उसका इस्तेमाल प्रसाद के रूप में किया जा सकता है.
भंडारे में खाना बनाने के लिए सबसे जरूरी घी, तेल और जरूरी मसालें होते हैं. इसलिए घी, रिफाइंड तेल, नमक, हल्दी, धनिया और मिर्च पाउडर का दान करना चाहिए.
इससे आयोजन समिति और रसोई का एक बहुत बड़ा आर्थिक खर्च कम हो जाता है. मसाले और तेल-घी का दान करने से भंडारे का खाना आसानी से तैयार हो जाता है.
खीर और सूजी का हलवा भंडारे में बनाया जाता है. जिसके लिए आप दूध, मावा और चीनी का दान दे सकते हैं.
धार्मिक ग्रंथों की मानें तो दूध और उससे बनी चीजें सात्विकता और पवित्रता का प्रतीक होता है. इसलिए इन्हें दान करना बहुत ही शुभ होता है.
भंडारे में खाना खाने बहुत लोग आते हैं. जिसके लिए प्लेट, कटोरी, गिलास और चम्मच की बड़ी जरूरत होती है.
अगर आप ये सब दान करते हैं तो आपको बहुत पुण्य मिलेगा. लेकिन आपको स्टील के बर्तनों का दान करना चाहिए.
लेकिन गर्मी के समय में आपको पीने के साफ पानी के कैंपर, वाटर कूलर या बोतलबंद पानी की व्यवस्था भी करनी चाहिए. जिसके वजह से आपको महापुण्य मिलेगा.
(Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं, शास्त्रों के सिद्धांतों और लोक परंपराओं पर आधारित है.