Mahalaxmi Vrat Udyapan: महालक्ष्मी व्रत का उद्यापन कब? ये है उपवास खोलने की सही विधि और मंत्र
Mahalaxmi Vrat Udyapan: धन और समृद्धि के लिए रखा जाने वाला महालक्ष्मी व्रत का उद्यापन 3 अक्टूबर को है. अगर आपने भी ये व्रत किया है, तो आइए जानते हैं कि इस व्रत को कैसे खोलें, विधि और मंत्र क्या है.
Mahalaxmi Vrat 2026 Udyapan: महालक्ष्मी व्रत की शुरुआत इस भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि से हुई थी यानी 19 सितंबर से और अब इस व्रत का समापन अश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर होगी. 3 अक्टूबर को व्रती महालक्ष्मी व्रत का उद्यापन करेंगे. यह व्रत धन, वैभव और सुख-समृद्धि की प्राप्ति की इच्छापूर्ति के लिए किया जाता है. मां लक्ष्मी को समर्पित 16 दिवसीय इस व्रत का उद्यापन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार किस विधि से करें और इस दौरान मां लक्ष्मी के किस मंत्र का जाप करें? इस बारे में आइए इस लेख में जानें.
महालक्ष्मी व्रत का उद्यापन कब?
महिलाएं परिवार की सुख-शांति, तरक्की और संतान की मंगलकामना के लिए महालक्ष्मी व्रत का संकल्प करती हैं. इसके अलावा इस व्रत को लेकर धार्मिक मान्यताएं ये भी हैं कि इस व्रत का संकल्प करने से पुरुष व्यवसाय और रोजगार में तेजी से तरक्की करते हैं. 2026 में महालक्ष्मी व्रत का उद्यापन शनिवार के दिन 3 अक्टूबर 2026 को होगा.
महालक्ष्मी व्रत उद्यापन विधि
उद्यापन 16वें दिन अश्विन कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर किया जाएगा.
सुबह उठें और स्नान आदि कर साफ वस्त्र पहनें.
पूजा स्थान को अच्छे से साफ करें व रंगोली बनाएं.
घर के मुख्य द्वार पर तोरण लगाएं.
एक चौकी पर लाल वस्त्र बिछाएं.
चौकी पर मां महालक्ष्मी या गज लक्ष्मी रूप की प्रतिमा रखें.
माता लक्ष्मी का षोडशोपचार विधि-विधान से पूजन करें.
उद्यापन में हर पूजन सामग्री 16 की संख्या में रखें.
16 श्रृंगार का सामान, 16 फल आदि.
माता के सामने 16 आटे या मिट्टी के दीये घी या तिल से जलाएं.
आम या अशोक के पत्तों और नारियल के साथ कलश सजाएं.
महालक्ष्मी व्रत की कथा सुनें सुनाएं.
कपूर या उपले से हवन करें और कम से कम 16 आहुतियां जरूर दें.
माता के मंत्रों का जाप करें और रात्रि जागरण करते हुए भजन-कीर्तन करें.
अगले दिन सुबह मिट्टी के हाथी की प्रतिमा जल में विसर्जित करें.
सुहाग सामग्री दान करें और ब्राह्मणों व जरूरतमंदों को भोजन कराएं.
अंत में प्रसाद ग्रहण करें व सात्विक भोजन कर उपवास खोलें.
महालक्ष्मी व्रत उद्यापन मंत्र
महालक्ष्मी व्रत के उद्यापन के दिन माता लक्ष्मी के बीज मंत्र का जाप करें. मंत्र है-
'ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः'
'ॐ ऐं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः'
(डिस्क्लेमर- यह सामग्री धार्मिक मान्यताओं, प्रचलित परंपराओं एवं उपलब्ध धार्मिक स्रोतों पर आधारित है. विभिन्न क्षेत्रों, समुदायों और परंपराओं के अनुसार व्रत-त्योहारों की तिथि, पूजा-विधि एवं मान्यताओं में अंतर संभव है. पाठक इसे सामान्य धार्मिक जानकारी के रूप में देखें.)