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असम का रहस्यमयी मंदिर जहां कटोरे में बंद है शिवजी का दुर्लभ स्वरूप, दर्शन के लिए तरसते हैं भक्त

असम के हाजो में मदनचला पहाड़ी पर स्थित केदारेश्वर मंदिर में भगवान शिव का दुर्लभ स्वयंभू अर्धनारीश्वर लिंग विराजमान है. 1753 में अहोम राजा द्वारा निर्मित इस मंदिर का शिवलिंग हमेशा धातु के कटोरे से ढका रहता है.

Written By Harsh Singh
Published: Sep 28, 2026, 05:57 PM IST | Updated: Sep 28, 2026, 06:23 PM IST
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अगर आप कभी असम घूमने जाने का प्लान बना रहे हैं, तो आपको एक बार कामरूप जिले में बसे हाजो शहर में जरूर जाना चाहिए. ऐसा इसलिए क्योंकि हाजो शहर धार्मिक और ऐतिहासिक रूप से काफी खास माना जाता है.

इसी जगह मदनचला पहाड़ी की ऊंची चोटी पर केदारेश्वर मंदिर स्थित है, जो अपनी कई खासियतों के लिए जाना जाता है. ये प्राचीन मंदिर भगवान शिव के अर्धनारीश्वर रूप को समर्पित है.

वहां के लोगों का कहना है कि उस मंदिर में एक स्वयंभू लिंग मौजूद है, जिसे लेकर श्रद्धालुओं में अटूट श्रद्धा देखने को मिलती है. अब मंदिर की सबसे खास बात यह है कि वहां जो शिवलिंग है, उसके सीधे दर्शन किसी को नहीं होते हैं.

किसने करवाया था निर्माण?

इस मंदिर का इतिहास काफी पुराना और गौरवशाली है. अब बात करें कि इस मंदिर को बनवाया किसने था, तो इसका भव्य निर्माण अहोम राजवंश के महान राजा राजेश्वर सिंह ने साल 1753 में करवाया था.

राजा राजेश्वर सिंह ने उस इलाके में हिंदू धर्म और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए इस भव्य मंदिर की स्थापना की थी. पहाड़ी की चोटी पर स्थित होने के कारण इस मंदिर का नजारा बेहद सुंदर और शांत नजर आता है.

आज भी अहोम काल की बेहतरीन कला की छाप इस मंदिर की दीवारों पर साफ देखने को मिलती है.

मदनचला पहाड़ी पर विराजमान हैं स्वयंभू भोलेनाथ

धार्मिक ग्रंथों और स्थानीय मान्यताओं के अनुसार केदारेश्वर मंदिर में स्थापित शिवलिंग मानव निर्मित नहीं है. यह प्राकृतिक रूप से प्रकट हुआ एक दिव्य स्वयंभू लिंग है. यह लिंग भगवान शिव और माता पार्वती के अर्धनारीश्वर स्वरूप का प्रतीक माना जाता है.

मदनचला पहाड़ी पर स्थित होने के कारण इस स्थान पर पहुंचते ही श्रद्धालुओं को एक अलग ही मानसिक शांति महसूस होती है. यहां साल भर दूर-दूर से भक्त अपनी मनोकामनाएं लेकर पहुंचते हैं.

क्यों धातु के कटोरे से ढका रहता है शिवलिंग?

केदारेश्वर मंदिर की सबसे बड़ी रहस्यमयी विशेषता इसका ढका हुआ शिवलिंग है. यहां के मुख्य पुजारी शिवलिंग को हमेशा धातु के एक खास कटोरे से ढक कर रखते हैं.

यह परंपरा सदियों से ऐसे ही निभाई जा रही है. इस नियम के कारण किसी भी आम श्रद्धालु या भक्त को शिवलिंग का सीधा रूप दिखाई नहीं देता है.

लोग कटोरे के ऊपर ही जल और पूजा सामग्री अर्पित करते हैं. पुजारियों के अनुसार इस पावन लिंग की पवित्रता और ऊर्जा को बनाए रखने के लिए यह गुप्त विधान किया जाता है.

महाशिवरात्रि पर उमड़ती है श्रद्धालुओं की भारी भीड़

असम के हाजो क्षेत्र में केदारेश्वर मंदिर शिव भक्तों के लिए सबसे प्रमुख आस्था केंद्र है. हर साल महाशिवरात्रि और सावन के महीने में यहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए उमड़ते हैं.

पहाड़ी पर स्थित होने के बावजूद भक्त पूरी श्रद्धा के साथ सीढ़ियां चढ़कर बाबा के द्वार पहुंचते हैं. ऐसा माना जाता है कि जो भी भक्त सच्चे मन से धातु के इस कटोरे पर जल चढ़ाकर प्रार्थना करता है, महादेव उसकी सभी परेशानियां दूर कर देते हैं.

सर्वधर्म समभाव और पर्यटन का प्रमुख केंद्र

हाजो शहर को हिंदू, बौद्ध और इस्लाम धर्म के अनोखे संगम के लिए जाना जाता है. केदारेश्वर मंदिर इस बहुसांस्कृतिक विरासत का एक बेहद खूबसूरत हिस्सा है.

पहाड़ी पर स्थित होने के कारण यह जगह न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि पर्यटकों को भी काफी आकर्षित करती है.

अगर आप असम घूमने की योजना बना रहे हैं या गुवाहाटी आ रहे हैं, तो हाजो की मदनचला पहाड़ी पर स्थित इस अनोखे केदारेश्वर मंदिर के दर्शन करना बिल्कुल न भूलें.

(Disclaimer): यह खबर असम के स्थानीय इतिहास, केदारेश्वर मंदिर की पौराणिक मान्यताओं और क्षेत्रीय परंपराओं पर आधारित है. इसका उद्देश्य धार्मिक और पर्यटन संबंधी प्रामाणिक जानकारी देना है.

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About the Author

हर्ष सिंह जी न्यूज डिजिटल में एक अनुभवी और धारदार शैली के पत्रकार हैं. उन्होंने मार्च 2024 में जी न्यूज जॉइन किया था. वर्तमान में हर्ष धर्म और ज्योतिष से जुड़ी खबरों की खास कवरेज कर रहे हैं. वे देश-दुनिया के धार्मिक आयोजनों, अध्यात्म और ज्योतिषीय गणनाओं से जुड़े जरूरी अपडेट्स दर्शकों तक पूरी सटीकता के साथ पहुंचाते हैं. हर्ष को उनकी फैक्ट-आधारित और भरोसेमंद लेखन शैली के लिए जाना जाता है.बनारस के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट-ग्रेजुएशन करने वाले हर्ष अपनी पूरी ऊर्जा और समझ के साथ धर्म-कर्म और ऐस्ट्रो की दुनिया के खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचा रहे हैं.अगर आप हर्ष सिंह से संपर्क करना चाहते हैं या उनसे जुड़ा कोई सुझाव साझा करना चाहते हैं, तो उन्हें इस ईमेल आईडी पर लिख सकते हैं: Harsh.singh@India.com
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