आज का समय बदल चुका है. अब बहुत-सी ऐसी लड़कियां हैं जिनकी सगाई हो चुकी है या फिर सीरियस रिलेशनशिप में हैं, वो भी अपने होने वाले पति या ब्वॉयफ्रेंड के लिए करवा चौथ का व्रत रखती हैं.
लेकिन कुछ अनमैरिड गर्ल्स के मन में इसे लेकर कई तरह के सवाल रहते हैं. सबसे बड़ा सवाल ये होता है कि जब शादी नहीं हुई है, तो उन्हें सरगी कौन देगा.
दरअसल सरगी देने की परंपरा करवा चौथ में रहता है. आज हम इस खबर में करवा चौथ से जुडे़ अनमैरिड गर्ल्स के सभी सवाल के जवाब देंगे.
शादीशुदा महिलाएं जब करवा चौथ का व्रत रखती हैं तो उनकी सास व्रत शुरू करने के लिए सास अपनी बहू को सरगी देती है.
लेकिन अनमैरिड लड़कियों के मामले में नियम थोड़े अलग होते हैं.
मान्यता है कि अगर लड़के और लड़की का रिश्ता पक्का हो चुका है और वो एक दूसरे के लिए समर्पित हैं तो, इस व्रत का महत्व और बढ़ जाता है.
होने वाले पति की लंबी उम्र और अच्छे हेल्थ के लिए रखे जाने वाला ये पहला व्रत लड़की के मन में एक अलग ही उत्साह भर देता है.
अब आपके मन में सवाल उठ रहा होगा कि जब लड़की अनमैरिड है और वो व्रत रख रही हैं तो उनके लिए सरगी कौन भेजता होगा.
अगर शादी तय हो चुकी है तो, ससुराल से आपकी होने वाली सास अपनी होने वाली बहू को प्यार के प्रतीक के रूप में सरगी की थाली, कपड़े और श्रृंगार का सामान भेजती हैं. जिसके बाद बहु अपने व्रत को शुरू करती है.
अब सवाल ये उठता है कि आप रिलेशनशिप में हैं और आपके ससुराल वालों को नहीं पता है तो सरगी कौन देगा.
ऐसे में आप अपनी मां से बोलकर या आपके परिवार में कोई बड़ी महिला है तो उनसे सरगी ले सकती हैं.
अगर आप अपने घर और पार्टनर के घर से दूर रहती हैं, जिसकी वजह से आपको सरगी कोई देने वाला नहीं है तो आप अपनी सुविधा अनुसार खुद भी पौष्टिक सरगी तैयार कर सकती हैं.
सरगी हमेशा ऐसी होनी चाहिए जो दिनभर के कड़े निर्जला व्रत के लिए शरीर को जरूरी ऊर्जा और ताकत दे सके.
अनमैरिड लड़कियों को अपनी सरगी की थाली में हेल्दी फूड्स रखना चाहिए. जैसे फल, सूखे मेवे, नारियल पानी या सात्विक चीजें. जिससे आपके शरीर में एनर्जी की कमी ना हो.
साथ ही आपको मिठाई या फेनिया भी रखना चाहिए. अगर होने वाले ससुराल से सरगी आई है, तो उसमें चूड़ियां, बिंदी या कोई छोटा उपहार भी हो सकता है, जो आपके नए जीवन की शुरुआत का प्रतीक है.
शादीशुदा महिलाओं की तरह ही अनमैरिड गर्ल्स को भी सूर्योदय से ठीक पहले यानी सुबह करीब 4 से 5 बजे के बीच स्नान करके सरगी खा लेनी चाहिए.
इसके बाद पूरे दिन बिना पानी के व्रत रखा जाता है और शाम को चंद्रमा या होने वाले पति का चेहरा देखकर व्रत खोला जाता है.
(Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी पारंपरिक मान्यताओं और आधुनिक सामाजिक परिदृश्य पर आधारित है.