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Karwa Chauth 2026: करवा तो मिट्टी का, पर लोटा-थाली किस धातु की हों? ये एक गलती और पूजा बेकार

करवा चौथ पर हर महिला मिट्टी का करवा तो ले आती है, पर लोटा, थाली और छलनी किस धातु की होनी चाहिए, इसमें 90% महिलाएं गलती कर देती हैं. जबकि धर्म-ज्‍योतिष के अनुसार गलत धातु का बर्तन रखने से व्रत-पूजा का पूरा फल नहीं मिलता है.

Karwa Chauth 2026: करवा तो मिट्टी का, पर लोटा-थाली किस धातु की हों? ये एक गलती और पूजा बेकार
Image Credit: करवा चौथ की पूजा में सही धातु के बर्तन उपयोग करना चाहिए. (Photo:AI)

हिंदू धर्म में हर पूजा में उपयोग होने वाली सामग्री का अपना महत्‍व होता है. जैसे- करवा चौथ की पूजा में मिट्टी का करवा बहुत अहम है. लेकिन अर्घ्‍य देने के लिए और बाकी पूजा सामग्री रखने के लिए लोटा और थाली का भी उपयोग होता है. ऐसे में कई महिलाएं करवा तो मिट्टी का ले आती हैं, लेकिन सही थाली-लोटा और छलनी चुनने में गलती कर बैठती हैं. जबकि ये भी सही धातु के होने चाहिए. करवा चौथ आने से पहले जान लीजिए करवा चौथ की पूजा के बर्तन किस धातु के होने चाहिए, क्‍या हैं इनसे जुड़े जरूरी नियम.

करवा सिर्फ मिट्टी का ही क्‍यों?

मान्‍यता है कि मिट्टी का संबंध सीधे धरती माता और स्थिरता से है. ऐसे में यह वैवाहिक जीवन को स्थिरता देने वाला और हर अच्‍छे-बुरे समय में साथ निभाने वाला है. साथ ही मिट्टी पंचतत्वों - पृथ्वी, जल, अग्नि, आकाश और वायु का प्रतीक भी मानी जाती है. यानी कि पूजा में सभी देवी-देवताओं की कृपा प्राप्‍त होती है क्‍योंकि हिंदू धर्म में इन सभी तत्‍वों को देवता मानकर पूजा की जाती है, जैसे- अग्नि देव, वायु देव आदि.

थाली-लोटा, छलनी किस धातु के लें?

अब सवाल आता है पूजा के अन्‍य बर्तन जैसे- लोटा, थाली और छलनी का. ये किस धातु के लेना सबसे शुभ होगा? तो यहां जान लें कि हिंदू धर्म में किस धातु का संबंध किससे जोड़ा गया है और पूजा के लिए किसे शुभ व किसे अशुभ माना गया है;

पीतल : सबसे शुभ, इसे देवताओं की प्रिय धातु माना जाता है.

तांबा: सूर्य को अर्घ्य देने के लिए तांबे के लोटे को उत्तम माना गया है.

चांदी: करवा चौथ में चंद्रमा को अर्घ्‍य दिया जाता है और चंद्रमा का संबंध चांदी से जोड़ा गया है. साथ ही यह शीतलता देने वाली धातु है. इसलिए करवा चौथ में चांदी के लोटे का उपयोग सर्वोत्‍तम माना गया है. थाली और छलनी भी चांदी की ही ले सकते हैं.

सोना : सोने के बर्तनों का भी उपयोग कर सकते हैं, हालांकि बेहद महंगी होने के कारण ऐसा आमतौर पर संभव नहीं है.

स्‍टील या लोहा : स्‍टील या लोहे का संबंध शनि देव से है. लोहा हवा-पानी के संपर्क में आते ही जंग खा जाता है और अपवित्र हो जाता है. लिहाजा हिंदू धर्म में पूजा-पाठ में इसका उपयोग वर्जित है. हालांकि स्‍टील में जल्‍दी जंग नहीं लगती है लेकिन यह भी लोहे का ही एक रूप है. साथ ही स्‍टील शुद्ध धातु नहीं है इसलिए इसे नकारात्‍मकता बढ़ाने वाला माना गया है.

अगर स्टील के बर्तन ही हैं तो?

यदि आपके पास स्‍टील के ही बर्तन हैं और इस समय किसी अन्‍य पवित्र धातु के बर्तन खरीदना संभव नहीं है तो एक छोटा सा उपाय कर लें. इसके लिए पूजा से पहले बर्तनों पर गंगा जल छिड़क कर उन्‍हें शुद्ध कर लें. इसके बाद बर्तन में पूजा सामग्री रखते हुए नीचे पहले तुलसी दल रख लें.

बता दें कि इस साल करवा चौथ व्रत अक्‍टूबर महीने की 29 तारीख को रखा जाएगा. 29 अक्‍टूबर को करवा चौथ पर पूजा का शुभ मुहूर्त शाम को 05:38 बजे से 06:56 बजे तक है. वहीं चांद करीब 08:33 बजे के आसपास निकल सकता है.

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है. Zee News इसकी पुष्टि नहीं करता. किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें.)

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About the Author

Shraddha Jain

Shraddha Jain

पत्रकारिता में 15 वर्षों का व्यापक अनुभव रखने वाली श्रद्धा जैन वर्तमान में Zee News की नेशनल डिजिटल टीम में बतौर असिस्‍टेंट न्‍यूज एडिटर सक्रिय हैं. जहाँ वे धर्म, ज्योतिष, ग्रह गोचर, अंक शास्‍त्र और वास्तु शास्त्र जैसे विषयों पर अपनी विशेषज्ञता के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन और सिम्बॉयसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी से क्रिएटिव राइटिंग की पढ़ाई की है. बतौर फोटो जर्नलिस्ट करियर शुरू करने वाली श्रद्धा ने दूरदर्शन, दैनिक भास्कर और चौथी दुनिया जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं.12 वर्षों की फील्ड रिपोर्टिंग के दौरान राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर गहरी पकड़ बनाने के बाद, उन्होंने डिजिटल मीडिया की ओर रुख किया और देश 24*7 जैसे पोर्टल्स में नेतृत्व की भूमिका निभाई. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और हस्तरेखा जैसे विषयों पर गहन अध्ययन और लेखन करते हुए जटिल विषयों को सरल और रोचक भाषा में पाठकों के सामने पेश कर रही हैं.
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