)
Ganesh Visarjan 2026 Niyam: गणेश चतुर्थी पर घर में भक्त बप्पा का स्वागत करते हैं लेकिन एक दिन ऐसा आता है कि बप्पा को विदाई देनी पड़ती हैं, इस प्रार्थना के साथ की अगले साल बप्पा फिर से घर में पधारेंगे. भगवान गणेश को एक, तीन, पांच, सात, नौ या 10 दिन तक घर में रखने का विधान हैं. इसके बाद श्रद्धा भाव और भक्ति के साथ विधि विधान से उनका विसर्जन किया जाता है. आइए जानें गणपति विसर्जन के बाद जब घर लोटकर आएं तो कौन से काम न करें, बची हुई पूजा सामग्री का क्या करें.
गणेश विसर्जन के बाद उस जगह को साफ और व्यवस्थित कर दें जहां पर बप्पा विराजमान थे. चौकी, आसन और जो भी जगह पूजा क्षेत्र में आ रहा हो वहां सफाई कर गंगाजल छ्ड़कें. चढ़ाए गए फूल, पत्ते और अन्य निर्माल्य को सम्मान से हटा दें. पूजा का कोई भी सामान कूड़े में न फेंकें. उचित धार्मिक विधि से इसका विसर्जित करें.
अगर गणेश स्थापना के समय अखंड ज्योत जलाई गई थी तो उसे विसर्जन के बाद घर आकर बुझाने की गलती न करें. कुछ समय तक दीपक जलाए रखें या दीपक के अपने आप शांत होने का इंतजार करें. कभी भी अखंड दीपक को अकेल न छोड़ें.
गणेश पूजा में चढ़ाए गए भोग जैसे मोदक, लड्डू, फल आदि प्रसाद के रूप में परिवारवालों को बांट दें. बची हुई पूजा सामग्री को जल में विसर्जित कर दें.
कई घरों में गणेश स्थापना करते हुए बप्पा के प्रतीक रूप में सुपारी रखने का विधान है. इस सुपारी को विसर्जन के बाद भूलकर भी न फेंके बल्कि पूजा घर में रखकर इसकी नियमित पूजा कर सकते हैं. ऐसा करने से बप्पा की कृपा बनी रहेगी. स्थापित कलश के जल को पौधों में डाल दें.
विसर्जन के बाद पूजा स्थल को बहुत देर तक बिखरा हुआ न छोड़े. पूजा स्थल को साफ कर व्यवस्थित कर लें.
विसर्जन के बाद घर में भूल से भी लड़ाई झगड़ा न करें. किसी भी तरह की नकारात्मक बातें न करें और बिना बात के विवाद न करें.
बप्पा को विदा करने के बाद घर लोटे तो बच्चों को बिना कारण डांट न लगाएं और न तो उन्हें रुलाएं.
(डिस्क्लेमर- यह सामग्री धार्मिक मान्यताओं, प्रचलित परंपराओं एवं उपलब्ध धार्मिक स्रोतों पर आधारित है. विभिन्न क्षेत्रों, समुदायों और परंपराओं के अनुसार व्रत-त्योहारों की तिथि, पूजा-विधि एवं मान्यताओं में अंतर संभव है. पाठक इसे सामान्य धार्मिक जानकारी के रूप में देखें.)