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एकादशी व्रत: अक्टूबर में 2 बार रखा जाएगा एकादशी व्रत, पितरों के लिए क्यों खास है इंदिरा एकादशी? जानें तारीख

Ekadashi Vrat 2026: अक्टूबर 2026 में 2 एकादशी व्रत रखे जाएंगे. पहला इंदिरा एकादशी व्रत और दूसरा पापांकुशा एकादशी व्रत. इसमें इंदिरा एकादशी पितृ पक्ष के दौरान आती है और इसका पितरों से खास संबंध है. जानिए एकादशी की तारीखें, पूजा विधि और पारण समय.

Written By Shraddha Jain
Published: Sep 29, 2026, 10:04 AM IST | Updated: Sep 29, 2026, 10:09 AM IST
Image Credit: अक्‍टूबर में इंदिरा एकादशी और पापांकुशा एकादशी व्रत की तारीख, पारण समय और महत्‍व. (Photo: AI)
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भगवान विष्‍णु को समर्पित एकादशी व्रत हिंदू धर्म में बहुत अहम माने गए हैं, जिसमें से कुछ एकादशी को विशेष दर्जा दिया गया है. अक्‍टूबर महीने में रखे जा रहे 2 एकादशी व्रत में इंदिरा एकादशी व्रत पितृ पक्ष के दौरान आता है और इसे पितरों की मुक्ति के लिए विशेष माना गया है. मान्‍यता है कि इंदिरा एकादशी का विधिवत व्रत रखने, विष्‍णु जी की पूजा करने और इस दिन पितरों का श्राद्ध-तर्पण करने से उनके लिए बैकुंठ धाम और मोक्ष के द्वार खुलते हैं. साथ ही साधक को पितृ दोष से मुक्ति मिलती है. उसके पाप नष्‍ट होते हैं. देखें अक्‍टूबर महीने के दोनों एकादशी व्रत की तारीख, पूजा मुहूर्त और पारण समय.

इंदिरा एकादशी 2026 कब है?

अश्विन महीने के कृष्‍ण पक्ष की एकादशी को इंदिरा एकादशी व्रत रखा जाता है. इसी दौरान पितृ पक्ष चलते हैं. द्रिक पंचांग के अनुसार, इस साल अश्विन कृष्‍ण एकादशी तिथि 5 व 6 अक्‍टूबर की मध्‍य रात्रि 02:07 बजे प्रारंभ होगी और 6 व 7 अक्‍टूबर की रात 12:34 बजे तक रहेगी. उदयातिथि के अनुसार, 6 अक्‍टूबर को इंदिरा एकादशी व्रत रखा जाएगा.

इंदिरा एकादशी व्रत तारीख : 6 अक्टूबर 2026, मंगलवार 
एकादशी व्रत पारण का समय: 7 अक्टूबर 2026 को सुबह 06:14 बजे से 08:05 बजे तक

महत्‍व : पितरों की आत्‍मा को बैकुंठ में स्‍‍थान मिलता है. साधक का पितृ दोष दूर होता है और पाप नष्‍ट होते हैं.

पापांकुशा एकादशी कब है 2026?

आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को पापांकुशा एकादशी कहते हैं. द्रिक पंचांग के अनुसार, इस साल आश्विन मास के शुक्‍ल पक्ष की एकादशी तिथि 21 अक्‍टूबर की दोपहर 02:11 बजे से प्रारंभ होगी और 22 अक्‍टूबर की दोपहर 02:47 बजे समाप्‍त होगी. उदया तिथि के आधार पर 22 अक्‍टूबर को पापांकुशा एकादशी व्रत रखा जाएगा.

पापांकुशा एकादशी व्रत तिथि: 22 अक्टूबर 2026, गुरुवार 
व्रत पारण का समय: 23 अक्टूबर 2026 को सुबह 05:51 बजे से 09:39 बजे तक

महत्‍व: पापांकुशा एकादशी शारदीय नवरात्रि के बाद दशहरे के अगले दिन पड़ती है. धार्मिक मान्यता है कि यह व्रत रखने से और श्रीहरि की पूजा करने से व्‍यक्ति को जाने-अनजाने पापों से मुक्ति मिलती है. साथ ही जीवन में सुख-समृद्धि बढ़ती है.

एकादशी व्रत पूजा विधि

एकादशी की सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनें. फिर भगवान विष्णु का ध्यान करके व्रत और पूजा का संकल्‍प लें. भगवान विष्‍णु को अक्षत, हल्‍दी, पीले फूल, तुलसी दल, फल, भोग आदि अर्पित करके पूजा करें. घी का दीपक जलाएं. 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप करें. एकादशी व्रत की कथा पढ़ें या सुनें. आखिर में आरती करें और अगले दिन द्वादशी तिथि को सात्विक भोजन के साथ व्रत का पारण करें.

(Disclaimer: यह सामग्री धार्मिक मान्यताओं, प्रचलित परंपराओं एवं उपलब्ध धार्मिक स्रोतों पर आधारित है. विभिन्न क्षेत्रों, समुदायों और परंपराओं के अनुसार व्रत-त्योहारों की तिथि, पूजा-विधि एवं मान्यताओं में अंतर संभव है. पाठक इसे सामान्य धार्मिक जानकारी के रूप में देखें.)

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About the Author

पत्रकारिता में 15 वर्षों का व्यापक अनुभव रखने वाली श्रद्धा जैन वर्तमान में Zee News की नेशनल डिजिटल टीम में बतौर असिस्‍टेंट न्‍यूज एडिटर सक्रिय हैं. जहाँ वे धर्म, ज्योतिष, ग्रह गोचर, अंक शास्‍त्र और वास्तु शास्त्र जैसे विषयों पर अपनी विशेषज्ञता के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन और सिम्बॉयसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी से क्रिएटिव राइटिंग की पढ़ाई की है. बतौर फोटो जर्नलिस्ट करियर शुरू करने वाली श्रद्धा ने दूरदर्शन, दैनिक भास्कर और चौथी दुनिया जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं.12 वर्षों की फील्ड रिपोर्टिंग के दौरान राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर गहरी पकड़ बनाने के बाद, उन्होंने डिजिटल मीडिया की ओर रुख किया और देश 24*7 जैसे पोर्टल्स में नेतृत्व की भूमिका निभाई. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और हस्तरेखा जैसे विषयों पर गहन अध्ययन और लेखन करते हुए जटिल विषयों को सरल और रोचक भाषा में पाठकों के सामने पेश कर रही हैं.
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