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दशहरा के बाद एकादशी की तारीख पर फंसा पेच, कब रखा जाएगा पापांकुशा एकादशी का व्रत?

नवरात्र और दशहरा पर्व मनाने के बाद बारी है एकादशी व्रत की. आश्विन शुक्‍ल एकादशी को पापांकुशा एकादशी कहते हैं. इस साल पापांकुशा एकादशी किस तारीख को है, जानें सारी डिटेल्‍स.

Written By Shraddha Jain
Published: Oct 20, 2026, 11:22 AM IST | Updated: Oct 20, 2026, 12:13 PM IST
Image Credit: इस बार पापांकुशा एकादशी व्रत के दिन गुरुवार पड़ने से यह व्रत रखने का दोगुना फल मिल सकता है. (Photo:AI)
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पापांकुशा एकादशी के नाम से ही जाहिर है पापों को नाश करने वाली एकादशी. यह एकादशी व्रत रखने और पूजा करने से जाने-अनजाने में किए गए सारे पापों का नाश होता है. इसलिए इस एकादशी को बेहद अहम माना गया है. इस साल आश्विन शुक्‍ल एकादशी यानी कि पापांकुशा एकादशी व्रत किस तारीख को रखा जाएगा, उस पर कंफ्यूजन है क्‍योंकि दशहरा 2 दिन पड़ रहा है.

प्रमुख तौर पर अधिकांश जगह 20 अक्‍टूबर 2026 को दशहरा या विजयादशमी पर्व मनाया जा रहा है. ऐसे में कुछ लोग सोच रहे हैं कि 21 अक्‍टूबर को एकादशी है, वहीं कुछ को लग रहा है कि दशहरा 20 और 21 अक्‍टूबर दोनों को है, इसलिए 22 अक्‍टूबर को एकादशी व्रत रखा जाएगा. ऐसे में अपना कंफ्यूजन दूर कर लें और एकादशी की सही तारीख व पारण समय जान लें.

पापांकुशा एकादशी व्रत 2026 डेट

द्रिक पंचांग के अनुसार, साल 2026 में आश्विन शुक्‍ल एकादशी यानी कि पापांकुशा एकादशी का व्रत 22 अक्टूबर 2026, गुरुवार को रखा जाएगा. क्‍योंकि -

एकादशी तिथि प्रारंभ: 21 अक्टूबर 2026 को दोपहर 2 बजकर 11 मिनट से होगा. 
एकादशी तिथि समाप्त: 22 अक्टूबर 2026 को दोपहर 2 बजकर 47 मिनट पर होगी. 
उदयातिथि के आधार पर पापांकुशा एकादशी व्रत रखा जाएगा.

पापांकुशा एकादशी व्रत पारण

पापांकुशा एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि को किया जाता है. यह तिथि 23 अक्‍टूबर 2026, शुक्रवार को पड़ रही है. पापांकुशा एकादशी व्रत का पारण समय 23 अक्टूबर की सुबह 05:51 बजे से 08:08 बजे तक है.

मिलेगा दोगुना फल

भगवान विष्‍णु के लिए पापांकुशा एकादशी का व्रत रखने और पूजा करने से दोगुना फल मिल सकता है क्‍योंकि यह एकादशी गुरुवार को पड़ रही है. गुरुवार के दिन भी भगवान विष्‍णु के लिए व्रत रखा जाता है और पूजा की जाती है. इस तरह 22 अक्‍टूबर को पापांकुशा एकादशी व्रत करने से एकादशी के साथ-साथ गुरुवार व्रत का फल भी मिलेगा.

एकादशी की पूजा में व्रत कथा पढ़ें, आरती करें और ऊं भगवते वासुदेवाय नम: मंत्र का जाप करें. साथ ही गरीब-जरूरतमंदों को दान दें.

(Disclaimer: यह सामग्री धार्मिक मान्यताओं, प्रचलित परंपराओं एवं उपलब्ध धार्मिक स्रोतों पर आधारित है. विभिन्न क्षेत्रों, समुदायों और परंपराओं के अनुसार व्रत-त्योहारों की तिथि, पूजा-विधि एवं मान्यताओं में अंतर संभव है. पाठक इसे सामान्य धार्मिक जानकारी के रूप में देखें.)
 

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About the Author

पत्रकारिता में 15 वर्षों का व्यापक अनुभव रखने वाली श्रद्धा जैन वर्तमान में Zee News की नेशनल डिजिटल टीम में बतौर असिस्‍टेंट न्‍यूज एडिटर सक्रिय हैं. जहाँ वे धर्म, ज्योतिष, ग्रह गोचर, अंक शास्‍त्र और वास्तु शास्त्र जैसे विषयों पर अपनी विशेषज्ञता के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन और सिम्बॉयसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी से क्रिएटिव राइटिंग की पढ़ाई की है. बतौर फोटो जर्नलिस्ट करियर शुरू करने वाली श्रद्धा ने दूरदर्शन, दैनिक भास्कर और चौथी दुनिया जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं.12 वर्षों की फील्ड रिपोर्टिंग के दौरान राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर गहरी पकड़ बनाने के बाद, उन्होंने डिजिटल मीडिया की ओर रुख किया और देश 24*7 जैसे पोर्टल्स में नेतृत्व की भूमिका निभाई. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और हस्तरेखा जैसे विषयों पर गहन अध्ययन और लेखन करते हुए जटिल विषयों को सरल और रोचक भाषा में पाठकों के सामने पेश कर रही हैं.
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