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दशहरा पर महाशुभ विजय योग में 46 मिनट का विजय मुहूर्त, देखें भगवान राम की पूजा विधि, मंत्र और आरती

आज दशहरा 2026 पर भगवान राम की पूजा करने के लिए केवल 46 मिनट का विजय मुहूर्त है. जानिए ये मुहूर्त कब है और विजयादशमी पर पूजा का सही तरीका, श्रीराम के मंत्र और आरती.

Written By Shraddha Jain
Published: Oct 20, 2026, 08:28 AM IST | Updated: Oct 20, 2026, 08:33 AM IST
Image Credit: आज विजयादशमी पर भगवान राम की पूजा का उत्‍तम मुहूर्त, विधि, मंत्र और आरती. (Photo:AI)
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दशहरा यानी विजयादशमी का पर्व इस बार 20 अक्टूबर 2026, मंगलवार को मनाया जा रहा है. इस दिन रावण दहन के साथ-साथ भगवान श्रीराम की पूजा के साथ विजय मुहूर्त, शस्त्र पूजन और शमी पेड़ की पूजा का विशेष महत्व है. इसके लिए आज 46 मिनट के विजय मुहूर्त का समय क्या है और घर पर किस विधि से करें भगवान राम की पूजा. साथ ही भगवान राम की आरती करें और मंत्र जाप करें.

दशहरा 2026 पूजा मुहूर्त

द्रिक पंचांग के अनुसार, आश्विन महीने के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि 20 अक्टूबर 2026 की दोपहर 12:50 बजे से शुरू होकर 21 अक्टूबर की दोपहर 02:11 बजे तक रहेगी. ऐसे में 20 अक्‍टूबर की दोपहर विजय मुहूर्त में पूजा करना सबसे शुभ रहेगा.

विजय मुहूर्त : दोपहर में 01:59 बजे से 02:45 बजे तक 46 मिनट का समय मिलेगा.

(यह भी देखें- Happy Dussehra: जिंदगी में राम का साथ हो, आपके लिए दशहरा खास हो...देखें दशहरा पर्व की शुभकामनाओं के बेस्‍ट मैसेज) 

'विजय' का डबल योग

दशहरा या विजयादशमी पर्व पर विजय मुहूर्त में पूजा करना सबसे उत्‍तम माना गया है. इस साल दशहरा पर श्रवण नक्षत्र का संयोग बन रहा है, जिसे ज्‍योतिष में विजय योग माना गया है. आज 20 अक्‍टूबर को शाम 06:02 बजे तक श्रवण नक्षत्र रहेगा. जिससे शाम तक विजय योग सक्रिय रहेगा. ऐसे में दोपहर का विजय मुहूर्त भी विजय योग में पड़ रहा है. लिहाजा यह समय कार्य सिद्धि और पूजा के लिए दोगुना फलदायी हो गया है.

हालांकि दोपहर 02:56 बजे से शाम 04:21 बजे तक राहुकाल रहेगा. ऐसे में इस समय पूजा करने से बचें.

पूजा के अन्‍य मुहूर्त

दोपहर में अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:43 से 12:28 बजे तक 
शाम का शुभ मुहूर्त: शाम 05:47 बजे से 07:02 बजे तक 
रात को निशिता मुहूर्त: देर रात 11:41 बजे 12:31 बजे तक

भगवान राम की पूजा विधि

स्नान के बाद साफ कपड़े पहनें. मंदिर की साफ सफाई करें. फिर चौकी पर पीला या लाल वस्‍त्र बिछाकर भगवान राम की प्रतिमा या तस्‍वीर स्‍थापित करें. भगवान राम का जलाभिषेक, पंचामृत अभिषेक और फिर गंगाजल से अभिषेक करें. इसके बाद प्रभु श्रीराम को पीला चंदन लगाएं, पीले फूल और माला अर्पित करें. घी का दीपक जलाएं. फल, मिठाइयों, सात्विक पकवानों का भोग लगाएं. प्रभु राम के मंत्रों का जाप करें. अंत में आरती करें और फिर सभी को प्रसाद बांटें. स्‍वयं भी प्रसाद ग्रहण करें.

भगवान श्रीराम के मंत्र : ''श्रीरामचन्द्राय नम:'', ''रामाय नम:''.

भगवान राम जी की आरती

श्री राम चंद्र कृपालु भजमन हरण भव भय दारुणम्।
नवकंज लोचन कंज मुखकर, कंज पद कन्जारुणम्।।

कंदर्प अगणित अमित छवी नव नील नीरज सुन्दरम्।
पट्पीत मानहु तडित रूचि शुचि नौमी जनक सुतावरम्।।

भजु दीन बंधु दिनेश दानव दैत्य वंश निकंदनम्।
रघुनंद आनंद कंद कौशल चंद दशरथ नन्दनम्।।

सिर मुकुट कुण्डल तिलक चारु उदारू अंग विभूषणं।
आजानु भुज शर चाप धर संग्राम जित खर-धूषणं।।

इति वदति तुलसीदास शंकर शेष मुनि मन रंजनम्।
मम ह्रदय कुंज निवास कुरु कामादी खल दल गंजनम्।।

मनु जाहिं राचेऊ मिलिहि सो बरु सहज सुंदर सावरों।
करुना निधान सुजान सिलू सनेहू जानत रावरो।।

एही भांती गौरी असीस सुनी सिय सहित हिय हरषी अली।
तुलसी भवानी पूजि पूनी पूनी मुदित मन मंदिर चली।।

दोहा- जानि गौरी अनुकूल सिय हिय हरषु न जाइ कहि।
मंजुल मंगल मूल वाम अंग फरकन लगे।।

(Disclaimer: यह सामग्री धार्मिक मान्यताओं, प्रचलित परंपराओं एवं उपलब्ध धार्मिक स्रोतों पर आधारित है. विभिन्न क्षेत्रों, समुदायों और परंपराओं के अनुसार व्रत-त्योहारों की तिथि, पूजा-विधि एवं मान्यताओं में अंतर संभव है. पाठक इसे सामान्य धार्मिक जानकारी के रूप में देखें.)

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About the Author

पत्रकारिता में 15 वर्षों का व्यापक अनुभव रखने वाली श्रद्धा जैन वर्तमान में Zee News की नेशनल डिजिटल टीम में बतौर असिस्‍टेंट न्‍यूज एडिटर सक्रिय हैं. जहाँ वे धर्म, ज्योतिष, ग्रह गोचर, अंक शास्‍त्र और वास्तु शास्त्र जैसे विषयों पर अपनी विशेषज्ञता के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन और सिम्बॉयसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी से क्रिएटिव राइटिंग की पढ़ाई की है. बतौर फोटो जर्नलिस्ट करियर शुरू करने वाली श्रद्धा ने दूरदर्शन, दैनिक भास्कर और चौथी दुनिया जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं.12 वर्षों की फील्ड रिपोर्टिंग के दौरान राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर गहरी पकड़ बनाने के बाद, उन्होंने डिजिटल मीडिया की ओर रुख किया और देश 24*7 जैसे पोर्टल्स में नेतृत्व की भूमिका निभाई. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और हस्तरेखा जैसे विषयों पर गहन अध्ययन और लेखन करते हुए जटिल विषयों को सरल और रोचक भाषा में पाठकों के सामने पेश कर रही हैं.
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