मखाने की खीर से बताशे तक... दिवाली की रात मां लक्ष्मी को कौन-से 5 भोग जरूर लगाएं, सालभर बरसेगी कृपा
Maa Lakshmi Bhog: दिवाली की रात मां लक्ष्मी की विशेष पूजा उपासना की जाती है. आइए जानें इस दिवाली माता लक्ष्मी को कौन-से भोग अर्पित करें, जिससे माता अति प्रसन्न हो जाएं और अपनी कृपा बरसाते रहें.
Maa Lakshmi Favourite Food: मां लक्ष्मी अपने भक्तों को सुख-समृद्धि और ऐश्वर्य पाने का आशीर्वाद देती हैं. दिवाली पर्व 8 नवंबर को मनाया जाएगा, यह पर्व देवी लक्ष्मी की उपासना के लिए समर्पित है. इस दिन विधि-विधान से देवी लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है और उनकी कृपा प्राप्त की जाती है. इस पूजा में देवी लक्ष्मी को अगर उनके प्रिय भोग चढ़ाएं तो माता तुरंत प्रसन्न हो जाएंगी और घर में स्थायी रूप से वास करेंगी. धार्मिक मान्यताओं में मां लक्ष्मी को मखाने की खीर, बताशे, नारियल प्रिय हैं. आइए जानें इस दिवाली माता लक्ष्मी को कौन-कौन से भोग अर्पित करें.
खील-बताशे का भोग
दिवाली पर खील-बताशों का भोग पाकर मां लक्ष्मी अति प्रसन्न होती है. बताशे चीनी से बनते हैं और सफेद होते हैं, इसके साथ ही ये मीठे भी होते हैं. जब एक साथ बताशे और खील भोग में चढ़ाया जाता है मां लक्ष्मी व्यक्ति के जीवन से सभी आर्थिक परेशानियों का नाश करती हैं.
दूध-चावल की खीर का भोग
मां लक्ष्मी को खीर का भोग अति प्रिय है. दिवाली की पूजा में दूध-चावल से खीर बनाएं और मां लक्ष्मी को अर्पित करें. इसके बाद परिवारवालों में खीर का प्रसाद बांटें. खीर का भोग माता लक्ष्मी को पारंपरिक रूप से चढ़ाया जाता रहा है.
मखाने या मखाने की खीर
मखाना हो या मखाने की खीर, यह मां लक्ष्मी के प्रिय भोग में से एक माना गया है. दिवाली की पूजा में मखाने चढ़ाएं या फिर मखाने की खीर बनाकर माता को भोग अर्पित करें. मां लक्ष्मी प्रसन्न होकर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देंगी.
साबूत या टुकड़े नारियल का भोग
हिंदू धर्म के लगभग हर पूजा या मांगलिक आयोजन में नारियल का उपयोग किया जाता है. दिवाली की रात मां लक्ष्मी की पूजा में भी साबुत नारियल अर्पित करें या टुकड़े में भी माता को भोग चढ़ा सकते हैं. पूजा के बाद नारियल प्रसाद बांटें.
ताजे फलों का भोग
मां लक्ष्मी को मौसमी फलों का भोग जरूर लगाएं. हालांकि ध्यान रखें कि फल ताजे हों न कि बासी या सड़े हुए. पूजा में केला, सेब, अनार अर्पित करें. इस भोग से माता लक्ष्मी अति प्रसन्न होती हैं और सुख-सुविधाओं की प्राप्ति का आशीर्वाद देती हैं.
(Disclaimer- यह लेख सामान्य धार्मिक मान्यताओं, पौराणिक कथाओं और इंटरनेट पर उपलब्ध जानकारी पर आधारित है. इसका उद्देश्य केवल जानकारी देना है. किसी भी पूजा-विधि को अपनाने से पहले विद्वान से सलाह अवश्य लें.)