Dhanteras Rules to to Prevent Financial Loss: हिंदू धर्म में दीपावली पर्व का बड़ा महत्व है लेकिन धनतेरस का पर्व भी लोग बड़े ही धूमधाम से मनाते हैं. इस दिन सुबह के समय लोग घर की सफाई करते हैं और फिर शुभ मुहूर्त में भगवान धन्वंतरी, देवी लक्ष्मी और कुबेर देवता की पूजा करते हैं. दिवाली के 5 दिन में से एक दिन कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर धनतेरस पड़ता है. इस साल धनतेरस 6 नवंबर को है. धनतेरस को लेकर कुछ नियमों का पालन करें तो घर की समृद्धि बनी रहेगी. इस दिन कौन सी चीजें किसी दूसरे को न दें आइए जानें.
धनतेरस के दिन लक्ष्मी माता और कुबेर देव की उपासना करने का विधान है ऐसे में इस दिन किसी को भी भूल से धन उधार में न दें. अगर संभव हो तो इस दिन शाम के समय पैसे खर्च भी न करें. वरना मां लक्ष्मी रूठकर आपके घर से जा सकती हैं. ध्यान रहे कि शाम की पूजा के समय या पूजा संपन्न होने के तुरंत बाद घर से किसी भी तरह की धनराशि निकालकर दूसरों को न दें.
अक्सर ऐसा होता है कि लोग पड़ोस से चीनी मांग लेते हैं लेकिन अगर आपके घर में धनतेरस के दिन कोई चीनी मांगने आए तो भूल से भी न दें. खासकर धनतेरस की शाम को अगर ऐसा करते हैं तो मां लक्ष्मी नाराज हो सकती हैं. इतना ही नहीं बड़ा धन हानि भी हो सकता है. चीनी और गन्ना माता लक्ष्मी को अति प्रिय हैं. गन्ना तो माता लक्ष्मी का प्रिय भोग है. ऐसे में अगर उनकी उपासना वाले दिन ही घर से चीनी बाहर करेंगे तो घर को दरिद्रता घेर लेगी और सौभाग्य दुर्भाग्य में बदल जाएगा.
धनतेरस के दिन किसी को भी उधार में नमक न दें. ध्यान दें मां लक्ष्मी और नमक का संबंध समुद्र से हैं और इस तरह दोनों के बीच एक गहरा संबंध माना जाता है. ऐसी स्थिति में अगर आप धनतेरस के दिन घर से निकलकर किसी को नमक देते हैं तो घर की सुख-समृद्धि तो जाएगी ही इसके साथ ही घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश भी हो सकेगा.
धनतेरस की शाम को आपको इस बात को लेकर विशेष रूप से ध्यान देना होगा कि दूध, दही, चावल, तेल, सुई जैसी चीजें घर से बाहर न निकाले और न तो किसी को भूले से भी उधार में दें. ये सभी चीजें घर की ऊर्जा से संबंधित हैं और जब इन्हें धनतेरस के दिन घर से बाहर करते हैं तो घर की उर्जा बुरी तरह से प्रभावित होती है. घर वालों का भाग्य खराब होता है और बड़ी-बड़ी धन हानि होने की संभावना बढ़ जाती हैं.
Disclaimer: यह लेख धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारी पर आधारित है. किसी भी निर्णय से पहले विशेषज्ञ की सलाह लें.