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साल की सबसे अहम एकादशी में से एक नवंबर में, जानें महीने की दोनों एकादशी की तारीख और महत्‍व

नवंबर महीने में एक ऐसी एकादशी पड़ रही है, जिसका इंतजार लोगों को 4 महीने से रहता है. यह एकादशी पुण्‍य कमाने के साथ-साथ मांगलिक कामों के लिए भी जरूरी होती है. जानिए नवंबर 2026 की दोनों एकादशी कब-कब हैं और उनका महत्‍व.

Written By Shraddha Jain
Published: Oct 29, 2026, 01:11 PM IST | Updated: Oct 29, 2026, 01:22 PM IST
Image Credit: नवंबर महीने में रमा एकादशी और देवउठनी एकादशी व्रत रखा जाएगा. (Photo:AI)
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एकादशी का व्रत हर महीने आने वाले सबसे अहम व्रत में से एक होता है, जो भगवान विष्‍णु की कृपा से सुख-समृद्धि, सौभाग्‍य पाने के लिए रखा जाता है. लेकिन साल की 24 एकादशी में से कुछ बेहद खास होती हैं. इसमें से एक नवंबर महीने में है, वो है देवउठनी एकादशी. जिस दिन पाताल लोक में विश्राम कर रहे भगवान विष्‍णु नींद से जागते हैं और फिर से सृष्टि का कार्यभार संभालते हैं. खैर, देवउठनी एकादशी से पहले नवंबर में एक और एकादशी पड़ेगी. जानिए नवंबर 2026 की दोनों एकादशी तिथि, उनकी तारीख, पारण समय और महत्‍व.

नवंबर 2026 की पहली एकादशी

नवंबर महीने में पहला एकादशी व्रत कार्तिक कृष्‍ण पक्ष की एकादशी को रखा जाएगा. इसे रमा एकादशी कहते हैं. द्रिक पंचांग के अनुसार, कार्तिक कृष्‍ण एकादशी तिथि 4 नवंबर की सुबह 11:03 बजे से 5 नवंबर की सुबह 10:35 बजे तक रहेगी. उदयातिथि के अनुसार, 5 नवंबर 2026, गुरुवार को रमा एकादशी व्रत रखा जाएगा.

वहीं रमा एकादशी व्रत का पारण समय: 6 नवंबर 2026, शुक्रवार को सुबह 6:37 बजे से सुबह 8:48 बजे तक रहेगा.

रमा एकादशी का महत्‍व

माता लक्ष्‍मी के ही एक नाम 'रमा' के नाम पर रमा एकादशी व्रत है. इस दिन भगवान विष्‍णु के साथ माता लक्ष्‍मी की भी विशेष रूप से पूजा की जाती है. यह व्रत करने से जन्‍मों-जन्‍मों के पाप नष्‍ट हो जाते हैं. साथ ही धार्मिक मान्‍यता है कि यह व्रत अपार सुख-समृद्धि भी देता है. यह एकादशी दिवाली महापर्व से कुछ दिन पहले ही आती है इसलिए इस दिन से ही घर में लक्ष्‍मी जी की पूजा करने लगें. ऐसा करने से दिवाली पर मां लक्ष्‍मी खूब कृपा करेंगी.

नवंबर 2026 की दूसरी एकादशी

नवंबर महीने का दूसरा एकादशी व्रत कार्तिक शुक्‍ल एकादशी को रखा जाएगा. यह देवउठनी एकादशी व्रत है. इस दिन भगवान विष्‍णु योगनिद्रा से जागेंगे. इसे देवोत्‍थान एकादशी और देवप्रबोधिनी एकादशी भी कहते हैं. द्रिक पंचांग के अनुसार, कार्तिक शुक्‍ल एकादशी 20 नवंबर की सुबह 07:15 बजे से 21 नवंबर की सुबह 06:31 बजे तक रहेगी. उदयातिथि के अनुसार, 21 नवंबर को देवउठनी एकादशी व्रत रखा जाएगा.  

देवउठनी एकादशी व्रत का पारण समय: 22 नवंबर 2026, रविवार को सुबह 6:49 बजे से सुबह 8:56 बजे तक है.

देवउठनी एकादशी का महत्‍व

इस दिन भगवान विष्‍णु के जागते ही 4 महीने का चातुर्मास समाप्‍त हो जाता है और शादी, सगाई आदि मांगलिक कार्य फिर से शुरू हो जाते हैं. इसके अगले दिन तुलसी और शालिग्राम विवाह होता है. यह व्रत पापों से मुक्ति और मोक्ष दिलाने वाला माना गया है. इस दिन व्रत रखना और विधि-विधान से पूजा करना बहुत महत्‍व है.  

(यह भी पढ़ें - सबसे हैपनिंग महीना: अगले 30 दिन तक हर दूसरे दिन बड़ा व्रत-त्‍योहार, देखें कार्तिक मास 2026 का पूरा कैलेंडर)

(Disclaimer: यह सामग्री धार्मिक मान्यताओं, प्रचलित परंपराओं एवं उपलब्ध धार्मिक स्रोतों पर आधारित है. विभिन्न क्षेत्रों, समुदायों और परंपराओं के अनुसार व्रत-त्योहारों की तिथि, पूजा-विधि एवं मान्यताओं में अंतर संभव है. पाठक इसे सामान्य धार्मिक जानकारी के रूप में देखें.) 

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About the Author

पत्रकारिता में 15 वर्षों का व्यापक अनुभव रखने वाली श्रद्धा जैन वर्तमान में Zee News की नेशनल डिजिटल टीम में बतौर असिस्‍टेंट न्‍यूज एडिटर सक्रिय हैं. जहाँ वे धर्म, ज्योतिष, ग्रह गोचर, अंक शास्‍त्र और वास्तु शास्त्र जैसे विषयों पर अपनी विशेषज्ञता के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन और सिम्बॉयसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी से क्रिएटिव राइटिंग की पढ़ाई की है. बतौर फोटो जर्नलिस्ट करियर शुरू करने वाली श्रद्धा ने दूरदर्शन, दैनिक भास्कर और चौथी दुनिया जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं.12 वर्षों की फील्ड रिपोर्टिंग के दौरान राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर गहरी पकड़ बनाने के बाद, उन्होंने डिजिटल मीडिया की ओर रुख किया और देश 24*7 जैसे पोर्टल्स में नेतृत्व की भूमिका निभाई. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और हस्तरेखा जैसे विषयों पर गहन अध्ययन और लेखन करते हुए जटिल विषयों को सरल और रोचक भाषा में पाठकों के सामने पेश कर रही हैं.
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