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उत्तराखंड के पहाड़ों पर स्थित चार धाम हर साल कुछ महीनों के लिए श्रद्धालुओं के लिए खुलते हैं. फिर कड़ी ठंड आते ही इन्हें बंद कर दिया जाता है. इस साल की चार धाम यात्रा अब खत्म होने का है. अगले कुछ दिनों में एक-एक करके चारों धामों - गंगोत्री, यमुनोत्री, बद्रीनाथ धाम और केदारनाथ धाम के कपाट बंद हो जाएंगे. ऐसे में श्रद्धालुओं के पास इन धामों के दर्शन करके अपार पुण्य पाने के लिए कुछ ही दिन हैं. जानिए चार धाम यात्रा कब समाप्त हो रही है और किस धाम के दर्शन करने से क्या फल मिलने की मान्यता है.
सबसे पहले गंगोत्री धाम और सबसे आखिर में बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद होते हैं. इसके लिए खास तिथियां और मुहूर्त तय होते हैं.
गंगोत्री धाम: 10 नवंबर 2026 (अन्नकूट) को दोपहर 12:05 बजे कपाट बंद होंगे.
केदारनाथ धाम: 11 नवंबर 2026 (भाईदूज) को सुबह 8:30 बजे कपाट बंद होंगे.
यमुनोत्री धाम: 11 नवंबर 2026 (भाईदूज) को सुबह 10:28 बजे कपाट बंद होंगे.
बद्रीनाथ धाम: 16 नवंबर 2026 को रात 9:37 बजे कपाट बंद होंगे.
हिंदू धर्म में इन चार धामों की यात्रा अत्यंत पुण्यदायी मानी गई है. इनके महत्व का जो वर्णन शास्त्रों में मिलता है, उसके अनुसार इन्हें 4 धाम और उनकी यात्रा से मिलने वाले 4 वरदान कहना गलत नहीं होगा.
1. यमुनोत्री धाम - अकाल मृत्यु से रक्षा
यमुना जी भगवान सूर्य की पुत्री और यमराज की बहन हैं. मान्यता है कि यमुना नदी में स्नान करने से यम का डर दूर होता है, अकाल मृत्यु से रक्षा होती है.
2. गंगोत्री धाम - पाप धुलने और पितरों को मोक्ष मिलने की मान्यता
गंगा नदी के उद्गम स्थल गंगोत्री में स्नान करने 7 जन्मों के पाप धुलने की मान्यता है. साथ ही पूर्वजों को मोक्ष मिलता है.
3. केदारनाथ धाम - मनोकामना पूर्ति
केदारनाथ 12 ज्योतिर्लिंग में से एक है और बेहद प्रसिद्ध है. मान्यता है कि यहां दर्शन करने से बड़ी से बड़ी मनोकामना पूरी हो सकती है.
4. बद्रीनाथ धाम - बैकुंठ में स्थान
भगवान विष्णु (बद्रीनाथ) के धाम की यात्रा बैकुंठ यानी कि विष्णु लोक में स्थान दिलाती है.
कपाट बंद होने के बाद भी इन धामों में विराजमान देवी-देवताओं की पूजा नहीं रुकती है. गंगोत्री के दर्शन मुखबा गांव में होते हैं. यमुनोत्री के दर्शन खरसाली गांव में, केदारनाथ के ऊखीमठ में और बद्रीनाथ के जोशीमठ में दर्शन होते हैं.
(Disclaimer: यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं, पंचांग और उपलब्ध जानकारी पर आधारित है. कपाट बंद होने की तारीख में मौसम और प्रशासनिक कारणों से बदलाव संभव है. यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है.)