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हस्तरेखा शास्त्र में हाथ की रेखाओं और उन पर बने निशानों को बहुत मायने वाला माना जाता है. अनामिका उंगली के ठीक नीचे वाले हिस्से को सूर्य पर्वत कहते हैं.
ज्योतिष में सूर्य को नौकरी, पद, इज्जत, पिता और समाज में मान-सम्मान से जोड़कर देखा जाता है. आमतौर पर हाथ में कहीं भी अचानक तिल बन जाना अच्छा संकेत नहीं माना जाता है.
तिल को राहु का निशान माना जाता है, और ये जहां भी बनता है, वहां की अच्छाई को कम कर देता है. अगर ये तिल सूर्य वाली जगह पर बने, तो इंसान की समाज में छवि और सेहत, दोनों पर इसका असर पड़ सकता है.
हस्तरेखा में तिल कब बना, ये बात बहुत मायने रखती है. अगर सूर्य वाली जगह पर तिल जन्म से ही है, तो इसे ज्यादा फिक्र वाली बात नहीं माना जाता है.
लेकिन अगर उम्र के किसी मोड़ पर अचानक कोई काला तिल उभर आए, तो सतर्क हो जाना चाहिए. अचानक बना ये निशान राहु का बुरा असर दिखाता है. ऐसे में करियर, पैसों और घर-परिवार को लेकर थोड़ा ज्यादा सावधान रहना चाहिए.
सूर्य वाली जगह पर काला तिल होने का सबसे पहला असर काम-धंधे पर दिखता है. थोड़ी सी भी लापरवाही बड़ा नुकसान करा सकती है. नौकरी या बिजनेस में झूठे इल्जाम लगने का डर बना रहता है.
साथ काम करने वालों या बॉस के साथ मनमुटाव हो सकता है. कई बार आपकी मेहनत का क्रेडिट कोई और ले जाता है.
बेवजह के झगड़ों की वजह से समाज में आपकी इज्जत को भी चोट पहुंच सकती है. इसलिए इस दौरान कोई भी गलत या कानून के खिलाफ काम करने से बचना चाहिए.
सूर्य का सीधा नाता शरीर की हड्डियों, आंखों और दिल से माना जाता है. सूर्य वाली जगह पर तिल होने से हड्डियों से जुड़ी परेशानी हो सकती है.
पीठ में दर्द, रीढ़ की हड्डी में तकलीफ या जोड़ों में दर्द जैसी दिक्कतें आ सकती हैं. इसके अलावा त्वचा से जुड़ी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है.
अगर यह तिल हृदय रेखा के ठीक ऊपर बना हो, तो दिल की सेहत और ब्लड प्रेशर का खास ख्याल रखना चाहिए.
ज्योतिष में सूर्य देव को पिता का प्रतीक माना जाता है. इसलिए हाथ में इस जगह पर तिल होने से पिता और बच्चे के रिश्ते में कड़वाहट या मतभेद आ सकते हैं.
पिता की सेहत बिगड़ सकती है या उनसे बात-विचार मिलाना मुश्किल हो सकता है. सरकारी कामों में भी रुकावटें आ सकती हैं और बना-बनाया काम अचानक अटक सकता है.
अगर आप कोई सरकारी नौकरी या बड़ा प्रोजेक्ट कर रहे हैं, तो थोड़ी ज्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है.
अगर आपके हाथ में भी सूर्य वाली जगह पर तिल है, तो घबराने की बजाय कुछ आसान उपाय अपनाए जा सकते हैं. रोज सुबह तांबे के लोटे से सूर्य देव को जल चढ़ाएं और उन्हें प्रणाम करें.
हर रविवार व्रत रखें और उस दिन बिना नमक का खाना खाएं. रोज आदित्य हृदय स्तोत्र पढ़ने से सूर्य देव की कृपा मिलती है और राहु का बुरा असर कम होता है.
अपने पिता की सेवा करें और उनका आशीर्वाद लें. रविवार या संक्रांति के दिन गुड़, गेहूं, तांबा या लाल कपड़े दान करना भी अच्छा माना जाता है.