35 मिनट में 5 करोड़ की चोरी: 3000 KM दूर बिहार से पकड़े गए आरोपी, राडो घड़ी शोरूम में चोरी का ऐसे हुआ खुलासा
जयपुर के टोंक रोड स्थित राडो घड़ी के शोरूम से 251 महंगी घड़ियां चोरी करने के मामले में पुलिस ने बिहार के मोतिहारी से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. चोरी की गई घड़ियों की कीमत करीब 4 से 5 करोड़ रुपये बताई गई है. मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को बिहार से गिरफ्तार किया है.
राजस्थान के जयपुर में करोड़ों की घड़ियां चोरी करने वाली अंतरराज्यीय गैंग का पर्दाफाश हुआ है. टोंक रोड स्थित राडो घड़ी के शोरूम से करीब 4 से 5 करोड़ रुपए कीमत की 251 घड़ियां चोरी करने के मामले में पुलिस ने बिहार के मोतिहारी से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. वारदात को अंजाम देने में महज 30 से 35 मिनट लगे, लेकिन आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस को करीब 3 हजार किलोमीटर का सफर तय करना पड़ा. 800 सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, 50 से ज्यादा ठिकानों पर दबिश दी गई और 25 दिन की लगातार मशक्कत के बाद पुलिस को कामयाबी मिली.
करोड़ों की घड़ियों पर हाथ साफ
जयपुर के टोंक रोड पर ग्लास फैक्ट्री के पास स्थित राडो घड़ी के शोरूम में 1 अक्टूबर को बड़ी चोरी की वारदात हुई थी. नकबजनों ने पहले शोरूम की रेकी की और फिर अलसुबह शटर तोड़कर अंदर प्रवेश किया. बदमाशों ने करीब 30 से 35 मिनट के भीतर 251 महंगी घड़ियां चोरी कर लीं. चोरी की गई घड़ियों की कीमत करीब 4 से 5 करोड़ रुपए बताई गई. वारदात के बाद बजाज नगर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया. करोड़ों की इस चोरी को गंभीरता से लेते हुए पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी में जुट गई.
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CCTV फुटेज से खुलीं कड़ियां
वारदात का खुलासा करने के लिए बजाज नगर थाना पुलिस, सीएसटी और डीएसटी जयपुर पूर्व की तीन टीमें बनाई गईं. पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी कैमरों से लेकर भागने के रास्तों, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन तक के फुटेज खंगाले. जांच की कड़ियां जयपुर से दिल्ली, गुरुग्राम और गाजियाबाद तक पहुंचीं. पुलिस टीमों ने करीब 3 हजार किलोमीटर की यात्रा के दौरान संदिग्धों के ठिकानों का पता लगाया और उनके फुटेज जुटाए. इसके बाद पुलिस बिहार के मोतिहारी और घोड़ासहन पहुंची, जहां आरोपियों की पहचान की गई.
बिहार से दो आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, जांच में इस वारदात में 8 संदिग्धों की भूमिका सामने आई. उनकी तलाश में अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी गई. पुलिस ने बिहार के मोतिहारी से अजय प्रसाद उर्फ अजय जायसवाल और दिनेश पासवान को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार अजय प्रसाद जायसवाल की उम्र 41 वर्ष और दिनेश पासवान की उम्र 46 वर्ष बताई गई है. दोनों बिहार के मोतिहारी जिले के घोड़ासहन थाना क्षेत्र के निवासी हैं. पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें 6 दिन के पुलिस रिमांड पर सौंपा गया. अब पूछताछ के जरिए वारदात में अन्य आरोपियों की भूमिका और चोरी की घड़ियों के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है.
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देशभर में दुकानों को बनाते थे निशाना
पुलिस जांच के अनुसार, गैंग के सदस्य देश के प्रमुख शहरों में महंगी घड़ियों, मोबाइल फोन और ज्वेलरी की दुकानों को चिन्हित करते थे. इसके बाद अलसुबह दुकान के सामने पर्दा या बेडशीट लगाकर शटर तोड़ते और चोरी की वारदात को अंजाम देते थे. राडो शोरूम में चोरी के बाद पुलिस ने जयपुर शहर, कोटपूतली, गुरुग्राम, दिल्ली, गाजियाबाद और बिहार तक जांच का दायरा बढ़ाया. कार्रवाई के दौरान 50 से ज्यादा स्थानों पर दबिश दी गई. पुलिस ने नेपाल से सटी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भी चौकसी रखी, ताकि चोरी का माल दूसरे स्थान पर न पहुंचाया जा सके.
पुलिस ने इन आठ नकबजनों को किया चिह्नत
पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान सीटीटीवी फुटेज के आधार पर 8 संदिग्धों को चिह्नित किया. इनमें सुबोध उर्फ विकास डूम, सुरेंद्र प्रसाद उर्फ बैला, अरूण शाह, श्याम बाबू उर्फ गुल्ली शाह, अजय प्रसाद जायसवाल, राजा मलाहा, राजकुमार मलाहा और दिनेश पासवा के नाम सामने आए. इसके बाद वहां से इनके फोटो प्राप्त किए गए. संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई, तो अजय प्रसाद जायसवाल व दिनेश पासवान को पकड़ा गया. इनको कोर्ट में पेश कर 6 दिन का पुलिस रिमांड लिया गया. शेष मुलजिमों की गिरफ्तारी के प्रयास किया जा रहा है. मामले में बाकी संदिग्ध आरोपियों की तलाश जारी है. साथ ही चोरी की गई घड़ियों की बरामदगी के प्रयास भी किए जा रहे हैं.