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Sri Ganganagar News: खेतों में हरियाली का सपना लेकर मेहनत करने वाला किसान आज सड़क पर बैठा है. हाथों में तख्तियां हैं, आंखों में उम्मीद है और जुबां पर एक ही सवाल है कि आखिर उनकी सुनवाई कब होगी. श्रीगंगानगर जिले के घड़साना में सिंचाई पानी और बर्बाद फसलों के मुआवजे की मांग को लेकर किसानों का महापड़ाव 23वें दिन भी जारी है.
23 दिन से जारी है किसानों का आंदोलन
दिन बीत रहे हैं, लेकिन किसानों का धरना खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. तपती धूप हो या रात की ठंड, किसान अपनी मांगों को लेकर सड़क पर डटे हुए हैं. आंदोलन कर रहे किसानों का कहना है कि उनकी मांग किसी व्यक्तिगत लाभ से जुड़ी नहीं है, बल्कि खेतों और परिवार के भविष्य से जुड़ी है.
रबी की बिजाई से पहले पानी की मांग
किसानों की प्रमुख मांग अनूपगढ़ शाखा में पर्याप्त सिंचाई पानी उपलब्ध कराने की है. किसानों का कहना है कि आगामी रबी सीजन की बिजाई सिर पर है. यदि समय पर सिंचाई पानी नहीं मिला तो सरसों समेत दूसरी फसलों की बुवाई प्रभावित हो सकती है. ऐसे में पानी की मांग अब आने वाले महीनों की रोजी-रोटी से भी जुड़ गई है.
बर्बाद फसलों के सर्वे और मुआवजे की मांग
किसानों की दूसरी प्रमुख मांग बर्बाद हुई फसलों का सर्वे कराने और उचित मुआवजा देने की है. किसानों का आरोप है कि लगातार आंदोलन और ज्ञापन देने के बावजूद उनकी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है. किसानों के लिए फसल सिर्फ खेत में खड़ी उपज नहीं होती. इसी फसल से बच्चों की पढ़ाई, घर का खर्च और अगले सीजन की तैयारी जुड़ी होती है.
सड़क पर बैठे किसानों की चिंता
पानी की कमी से फसल बर्बाद होने पर किसान के सामने सिर्फ सूखा खेत नहीं, बल्कि पूरे परिवार का संकट खड़ा हो जाता है. धरनास्थल पर बैठे बुजुर्ग किसानों की आंखों में थकान जरूर दिखाई देती है, लेकिन मांग को लेकर उनका हौसला अब भी कायम है. उनका कहना है कि वे किसी टकराव के लिए नहीं, बल्कि अपने खेतों को पानी और बर्बाद फसल का हक मांगने के लिए सड़क पर बैठे हैं.
अब समाधान का इंतजार
23 दिन से जारी महापड़ाव अब किसानों के लिए सिर्फ आंदोलन नहीं बल्कि परिवारों की चिंता और भविष्य की लड़ाई बन चुका है. अब सवाल है कि रबी की बिजाई से पहले किसानों के खेतों तक पानी पहुंचेगा या नहीं. साथ ही बर्बाद फसलों का मुआवजा मिलेगा या नहीं, इस पर भी किसानों की नजर है. किसान उम्मीद लगाए बैठे हैं कि उनकी आवाज सत्ता और सिस्टम तक पहुंचेगी और उनकी मांगों पर समाधान निकलेगा.