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और बेटा वापस नहीं आया: नई कंपनी में ज्वॉइनिंग से पहले बुलेट से घर लौट रहा था युवक, रास्ते में कंटेनर ने ली जान

Sikar News: पुणे से श्रीमाधोपुर घर लौट रहे 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर गिरेंद्र सिंह शेखावत की महाराष्ट्र के संगमनेर बाइपास पर कंटेनर से बाइक टकराने के बाद मौत हो गई. नई नौकरी ज्वॉइन करने से पहले वे परिवार से मिलने आ रहे थे.

और बेटा वापस नहीं आया: नई कंपनी में ज्वॉइनिंग से पहले बुलेट से घर लौट रहा था युवक, रास्ते में कंटेनर ने ली जान
Image Credit: पुणे से श्रीमाधोपुर लौट रहे थे 27 वर्षीय गिरेंद्र सिंह शेखावत.

Sikar News: नई नौकरी शुरू करने से पहले परिवार के साथ कुछ दिन बिताने के लिए घर लौट रहे 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर गिरेंद्र सिंह शेखावत की सड़क हादसे में मौत हो गई. पुणे से श्रीमाधोपुर लौटते समय महाराष्ट्र के संगमनेर बाइपास पर उनकी बाइक आगे चल रहे कंटेनर से टकरा गई. हादसा इतना भीषण था कि गिरेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई.

कंटेनर से टकराई बाइक, मौके पर गई जान
गिरेंद्र सिंह शेखावत श्रीमाधोपुर की मंगल कॉलोनी के रहने वाले थे. वे पुणे में जेपी मॉर्गन कंपनी में सीनियर सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे. वर्ष 2022 में उन्होंने कंपनी ज्वॉइन की थी. हाल ही में उन्होंने नई नौकरी के लिए इस्तीफा दिया था और उन्हें नोएडा की दूसरी कंपनी में काम शुरू करना था.

नई नौकरी ज्वॉइन करने से पहले गिरेंद्र परिवार से मिलने के लिए रविवार को बुलेट से पुणे से श्रीमाधोपुर के लिए रवाना हुए थे. लेकिन घर पहुंचने से पहले ही संगमनेर बाइपास पर उनकी बाइक आगे चल रहे कंटेनर से टकरा गई. हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई.

घर पहुंचने से पहले पहुंची मौत की खबर
गिरेंद्र के परिवार को उनके घर पहुंचने का इंतजार था, लेकिन उससे पहले ही हादसे की खबर पहुंच गई. सूचना मिलते ही उनके बड़े भाई विवेक पुणे पहुंचे. पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद मंगलवार को गिरेंद्र का शव श्रीमाधोपुर लाया गया.

मंगल कॉलोनी में शव पहुंचते ही परिवार और आसपास के लोगों में शोक की लहर दौड़ गई. बेटे को सकुशल घर लौटने की उम्मीद लगाए परिवार के सामने जब उसका शव पहुंचा तो माहौल गमगीन हो गया. बाद में अंतिम संस्कार किया गया.

बाइक चलाने का था शौक
परिजनों के अनुसार गिरेंद्र को बाइक चलाने का काफी शौक था. वे अक्सर लंबी दूरी की बाइक राइड पर जाते थे. इस बार भी वे बाइक से घर के लिए निकले थे लेकिन उनका सफर मंजिल तक पहुंचने से पहले ही हादसे में थम गया. गिरेंद्र अविवाहित थे. उनके पिता जगदीश सिंह शेखावत और बड़े भाई विवेक मंगल कॉलोनी में निजी स्कूल संचालित करते हैं.

पिता की तबीयत खराब, इसलिए नहीं बताई हादसे की जानकारी
हादसे के बाद परिवार ने गिरेंद्र की मौत की जानकारी उनके पिता और घर की महिलाओं को तत्काल नहीं दी. पिता की तबीयत खराब होने के कारण परिजन उन्हें अचानक यह दुखद खबर नहीं देना चाहते थे. परिवार को उम्मीद थी कि गिरेंद्र जल्द घर लौटेंगे, लेकिन उनकी जगह उनका शव पहुंचा. इस घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है.
 

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Sandhya Yadav

Sandhya Yadav

लखनऊ यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री हासिल करने वाली संध्या ने Zee News से पहले Newstrack और ETV Bharat जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल न्यूज़ संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं. जमीनी खबरों की गहरी समझ रखने वाली संध्या ने राजस्थान विधानसभा चुनाव, पंचायत चुनाव, गहलोत-पायलट राजनीतिक संकट और कोविड-19 महामारी समेत कई बड़े और जटिल घटनाक्रमों की बेहतरीन कवरेज की है.आप संध्या यादव से सीधे SANDHYA.YADAV@zeemedia.com पर ईमेल के जरिए संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा राजस्थान की खबरों के रियल-टाइम अपडेट्स के लिए आप उनसे लिंक्डइन (https://in.linkedin.com/in/sandhya-yadav-5734ba144) पर भी कनेक्ट कर सकते हैं.
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