चेयरमैन साहिबा बोलीं सिर्फ 14 शब्द और पतिदेव ने दिखा दिया 35 वार्डों के विकास का रोडमैप
Rajasthan News : सिंघाना नगरपालिका की कांग्रेस से नवनिर्वाचित चेयरमैन पिंकी सैनी ने बड़े ही विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर अपना कार्यभार तो संभाला, लेकिन जैसे ही बात जनता के विकास की आई, जनप्रतिनिधि मैडम के पास शायद शब्द नहीं थे, ऐसे में मोर्चा संभाला पतिदेव ने...
राजस्थान निकायों और पंचायती राज संस्थाओं में पति-पत्नी वाली सियासत कोई नई बात नहीं है, लेकिन जब ये मंच पर खुलकर सामने आ जाए, तो लोकतंत्र की खूबसूरती पर सवाल उठना लाजिमी है. झुंझुनूं की सिंघाना नगरपालिका से एक ऐसी ही बानगी सामने आई है, जिसने एक बार फिर महिला नेतृत्व बनाम प्रतिनिधि पति की पुरानी और कड़वी बहस को जगा दिया.
सिंघाना नगरपालिका की कांग्रेस से नवनिर्वाचित चेयरमैन पिंकी सैनी ने कार्यभार तो संभाल लिया लेकिन जैसे ही जनता के विकास पर सवाल हुआ तो ,जनप्रतिनिधि मैडम के पास शायद शब्द नहीं थे. मीडियाकर्मियों ने जब सिंघाना के विकास के रोडमैप को लेकर नवनिर्वाचित चेयरमैन से सवाल किया,तो उनका जवाब सिर्फ 14 शब्दों में सिमट गया जो कुछ यूं था- मैं सबसे पहले तो मेरे सभी साथियों का हार्दिक आभार करती हूं और हम..... इसके बाद जो हुआ,वो किसी स्क्रीप्ट से कम नहीं था.
मैदान में एंट्री होती है उनके पति और नवनिर्वाचित पार्षद धर्मपाल सैनी की. उन्होंने तुरंत माइक संभाला और 35 वार्डों के सर्वांगीण विकास से लेकर,किसानों,महिलाओं और गरीबों के उत्थान का पूरा कच्चा-चिट्ठा मीडिया के सामने रख दिया. घोषणा पत्र की 16 घोषणाओं को अमली जामा पहनाने का रोडमैप भी पतिदेव ही समझाते हुए नजर आए.
अब सवाल ये है कि आखिर महिला आरक्षण के नाम पर जनता की चुनी हुई प्रतिनिधि पर्दे के पीछे क्यों चली जाती हैं ? या जनता ने मोहर पिंकी सैनी के नाम पर लगाई थी या परोक्ष रूप से शासन चलाने की छूट उनके पति को दी थी ?
शपथ ग्रहण के बाद शहर में धन्यवाद यात्रा धूमधाम से निकली, जिसमें उपाध्यक्ष रचना पूनियां भी साथ थीं. इसमें कोई दो राय नहीं है हो सकता है कि पहली बार मीडिया के सवालों या कैमरे और माइक को देखकर चेयरमैन साहिबा के पास शब्द नहीं रहे हों,लेकिन उम्मीद ये ही है कि आगे आने वाले दिनों में जिन्हें इस पद तक जनता ने पहुंचाया है,उनकी उम्मीदों पर खरी उतरें और फाइलों और विकास के फैसलों पर खुद अपनी मजबूत छाप छोड़ें.