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स्क्रब टाइफस : पार्क में नंगे पैर ना चले, 3 महीने में हो चुकी हैं 15 मौतें

Scrub Typhus : राजस्थान में स्क्रब टाइफस के मामलों में तेजी आ रही है. पिछले 3 महीनों में 15 लोगों की जान जा चुकी है. ये कीट पार्कों और हरी घास में नंगे पैर घूमने के दौरान लोगों को अपना शिकार बनाती है.

Reported ByAshutosh SharmaEdited ByPragati Pant Awasthi
Published: Oct 10, 2026, 01:09 PM IST|Updated: Oct 10, 2026, 09:08 PM IST
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स्क्रब टाइफस : पार्क में नंगे पैर ना चले,  3 महीने में हो चुकी हैं 15 मौतें
Image Credit: scrub typhus symptoms

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    Ashutosh Sharma

    Ashutosh Sharma

    आशुतोष शर्मा वर्ष 2011 से मुख्यधारा की मीडिया में सक्रिय एक वरिष्ठ पत्रकार हैं. डेढ़ दशक से अधिक के अपने समृद्ध पत्रकारिता करियर में उन्होंने इंडिया न्यूज़,ज़ी न्यूज़ और न्यूज़ नेशन जैसे देश के प्रमुख समाचार संस्थानों के साथ काम किया है. वर्तमान में वे ज़ी राजस्थान न्यूज़ में सीनियर स्पेशल कॉरेस्पॉन्डेंट के रूप में कार्यरत हैं और राजधानी जयपुर से राज्य के महत्वपूर्ण विषयों को कवर कर रहे हैं.उनकी मुख्य विशेषज्ञता राजस्थान की राजनीति,प्रशासनिक फैसलों,चुनाव और जनहित के मुद्दों के साथ-साथ अपराध और कानून-व्यवस्था की ऑन-ग्राउंड रिपोर्टिंग में है. पुलिस मुख्यालय (PHQ), जयपुर पुलिस कमिश्नरेट और विभिन्न जांच एजेंसियों से जुड़े बड़े व चर्चित मामलों की एक्सक्लूसिव कवरेज उनकी पत्रकारिता की प्रमुख पहचान रही है. ब्रेकअप न्यूज़,गहन राजनीतिक विश्लेषण और एक्सक्लूसिव क्राइम स्टोरीज़ के ज़रिए आशुतोष शर्मा ने राजस्थान मीडिया जगत में अपनी एक विश्वसनीय और प्रभावशाली पहचान बनाई है.
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    राजस्थान में बारिश के बाद मौसमी बीमारियों के बीच स्क्रब टाइफस जानलेवा साबित हो रहा है. जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में बीते तीन महीनों में स्क्रब टाइफस के चलते 15 मरीजों की जान जा चुकी है. सितंबर के महीने 213 से ज्यादा नए केस सामने आए और 9 मरीजों की इलाज के दौरान मौत हो गई.जनस्वास्थ्य निदेशक डॉ. रवि प्रकाश शर्मा ने बताया कि प्रदेशभर में अब तक करीब 2100 केस दर्ज हुए हैं और सभी सीएमएचओ को बुखार के हर संदिग्ध मरीज की तत्काल जांच और प्रभावी उपचार के निर्देश दिए गए हैं.  

    Scrub Typhus

    सवाई मानसिंह अस्पताल में जनवरी से सितंबर तक स्क्रब टाइफस के कुल 360 से अधिक मरीज पहुंचे हैं,जिनमें से 224 मरीज अकेले सितंबर माह में भर्ती हुए. एसएमएस अस्पताल में जनवरी से जून तक जहां सिर्फ 16 केस आए थे,वहीं जुलाई में 17 मरीज़ आये. जिनमें से 2 की मौत हुई, अगस्त में 93 मरीज़ और 4 मौतें और सितंबर में एकाएक उछाल के साथ 213 केस व 9 मौतें दर्ज की गईं. डॉक्टरों का कहना है कि मौतों की मुख्य वजह इलाज में देरी है. मरीज शुरुआती बुखार को सामान्य मौसमी बुखार समझकर घर पर दवा लेते रहते हैं जिससे संक्रमण फेफड़ों, किडनी और लिवर तक फैल जाता है और मल्टी ऑर्गन फेल्योर की नौबत आ जाती है. विद्याधर नगर और वैशाली नगर से आए मामलों में भी देरी के चलते मरीजों को बाइलेटरल निमोनिया और यूरिन संबंधी गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ा.

    पार्क में नंगे पैर ना घूमे
    पब्लिक हेल्थ डायरेक्टर डॉ.रवि प्रकाश शर्मा ने बताया कि इस साल सितंबर-अक्टूबर तक साढ़े तीन हजार से ज्यादा मामले आए थे, जिसकी तुलना में इस बार अब तक करीब 2100 केस रिपोर्ट हुए हैं. हालांकि, शहरी इलाकों में संक्रमण बढ़ने की बड़ी वजह लोगों का पार्कों और बगीचों में नंगे पैर घूमना है. 

    Scrub Typhus

    स्क्रब टाइफस क्यों है जानलेवा ?
    स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक,ये बीमारी संक्रमित चिगर माइट यानी कीट के लार्वा के काटने से होती है. काटने वाली जगह पर सिगरेट से जले जैसा एक काला निशान बन जाता है,जिसे 'एस्कार' कहा जाता है. स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि पार्कों या झाड़ियों वाले इलाके में नंगे पैर ना जाएं,पूरे आस्तीन के कपड़े और जूते पहनें और हल्का बुखार होने पर भी खुद डॉक्टर बनने के बजाय तुरंत अस्पताल पहुंचकर जांच करवाएं. डेंगू और मलेरिया के बीच स्क्रब टाइफस का ये तेजी से फैलता जाल बेहद खतरनाक मोड़ ले चुका है. अगर वक्त रहते जागरूकता और सावधानी नहीं बरती गई तो आप मुसीबत में पड़ सकते हैं.

    क्या स्क्रब फाइसट वाला कीट शरीर में घुस जाता है ?
    नहीं, ये बीमारी किसी कीड़े के काटने से नहीं बल्कि उसके लारवा जिसे चिगर माइट कहते हैं, के काटने से फैलती है. ये इतने छोटे होते हैं कि इन्हे आखों से देखा भी नहीं जा सकता है. जब कोई इंसान घास या पार्क में जाता है तो ये लार्वा कपड़ों या नंगे पैरों के जरिए त्वचा पर आ जाते है और शरीर के नरम हिस्से पर चिपक जाते हैं. जैसे पैर, कमर या बगल में.और फिर काटते वक्त ये कीट अपनी लार के जरिए ओरिएंटिया सुट्सुगामुशी नाम का बैक्टीरिया इंसान के शरीर पर छोड़ देता है.

    Scrub Typhus

    चिगर माइट के काटने पर कैसा निशान बनता है ?
    जहां ये कीट काटता है वहां पर पहले छोटा लाल फफोला बनता है,  जो बाद में सूखकर सिगरेट से जले हुए या काले रंग के गहरे पपड़ीदार निशान की तरह दिखता है. जैसे किसी ने सिगरेट से जला दिया हो. ये ही इस बीमारी का सबसे बड़ा लक्षण माना जाता है.

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