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Churu News: सरदारशहर के ताल मैदान स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों के साथ शिक्षक द्वारा कथित रूप से डंडे से मारपीट करने का मामला सामने आया है. घटना के बाद आक्रोशित विद्यार्थियों ने विद्यालय के बाहर शिक्षक के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध जताया. विद्यार्थियों ने घटना की जानकारी अपने परिजनों को दी, जिसके बाद बड़ी संख्या में परिजन भी विद्यालय पहुंच गए.
बिना यूनिफॉर्म स्कूल आने पर डंडे से पीटा
विद्यार्थियों और परिजनों का आरोप है कि शिक्षक गौरीशंकर ने बिना यूनिफॉर्म स्कूल आने की बात को लेकर विद्यार्थियों के साथ डंडे से मारपीट की. परिजनों का कहना है कि बच्चों के शरीर पर मारपीट के निशान दिखाई दे रहे हैं. विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि शिक्षक ने उनके साथ अपशब्दों का भी इस्तेमाल किया. विद्यार्थियों ने बताया कि आज विद्यालय में यूनिफॉर्म से छूट का दिन था, जिसके चलते वे बिना यूनिफॉर्म के स्कूल पहुंचे थे. उनका कहना है कि उन्होंने शिक्षक से अगली बार यूनिफॉर्म पहनकर आने की बात भी कही, लेकिन आरोप है कि शिक्षक ने उनकी बात नहीं मानी और कई विद्यार्थियों के साथ डंडे से मारपीट की.
मारपीट के दौरन एक विद्यार्थी की बिगड़ी तबीयत
विद्यार्थियों के अनुसार, मारपीट के दौरान एक विद्यार्थी की तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गया, जिसके बाद उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया. बाद में परिजनों के पहुंचने पर उसे घर ले जाया गया. घटना की जानकारी मिलने पर विद्यार्थियों के परिजन भी विद्यालय पहुंचे. बच्चों के शरीर पर चोट के कथित निशान देखकर परिजन आक्रोशित हो गए. परिजनों ने सवाल उठाते हुए कहा कि वे अपने बच्चों को पढ़ने के लिए स्कूल भेजते हैं, किसी शिक्षक को उनके साथ मारपीट करने का अधिकार किसने दिया?
प्रधानाचार्य ने प्रतिक्रिया देने से किया इंकार
वहीं पूरे मामले में विद्यालय के प्रधानाचार्य से पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो उन्होंने कुछ भी कहने से इंकार करते हुए कहा कि विद्यालय में आज ऐसा कोई मामला हुआ ही नहीं. मामले को लेकर ब्लॉक शिक्षा अधिकारी सुभाष सोनगरा ने कहा कि उनके संज्ञान में अभी तक इस प्रकार की कोई शिकायत नहीं आई है. हालांकि, उनके सामने विद्यार्थियों की कथित मारपीट के वीडियो दिखाए जाने के बाद उन्होंने पूरे मामले की जांच करवाने की बात कही. उन्होंने कहा कि जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
नियम के बावजूद बच्चों की पिटाई क्यों?
ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि विद्यालय में सप्ताह में एक दिन यूनिफॉर्म से छूट का दिन निर्धारित होता है और उस दिन विद्यार्थी बिना यूनिफॉर्म के स्कूल आ सकते हैं. अब सबसे बड़ा सवाल यह है? कि विद्यार्थियों के साथ कथित मारपीट के आरोपों की जांच के बाद शिक्षा विभाग संबंधित शिक्षक के खिलाफ क्या कार्रवाई करता है? वहीं विद्यार्थियों ने शिक्षक गौरीशंकर को तत्काल प्रभाव से विद्यालय से हटाने की मांग की है.