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राजस्थान के चूरू जिले में इन दिनों भक्ति और आस्था का माहौल देखने को मिल रहा है. प्रसिद्ध सालासर बालाजी के दर्शन करने के लिए दूर-दराज के इलाकों से श्रद्धालु पैदल यात्रा कर धाम पहुंच रहे हैं. पंजाब, हरियाणा, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ सहित विभिन्न क्षेत्रों से पदयात्रियों के जत्थे बालाजी के जयकारे लगाते हुए सालासर की ओर बढ़ रहे हैं. श्रद्धालुओं के उत्साह के बीच रास्तों में जगह-जगह सेवा शिविर और भंडारे लगाए जा रहे हैं, जहां यात्रियों को भोजन से लेकर विश्राम तक की सुविधाएं मिल रही हैं.
पदयात्रियों की सेवा के लिए जगह-जगह भंडारे
सालासर बालाजी के दर्शन के लिए निकलने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सरदारशहर और रतनगढ़ सहित कई स्थानों पर भंडारों का आयोजन किया जा रहा है. इन भंडारों में पदयात्रियों को निःशुल्क भोजन, चाय, पानी और नाश्ता उपलब्ध करवाया जा रहा है. लंबी दूरी तय करने के बाद आराम कर सकें, इसके लिए रात में ठहरने की व्यवस्था भी की गई है.
इसके अलावा श्रद्धालुओं की जरूरतों को देखते हुए नहाने-धोने और मोबाइल फोन चार्ज करने जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जा रही हैं. आयोजकों की कोशिश है कि पैदल यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को जरूरी सुविधाओं के लिए परेशान न होना पड़े और वे आराम के साथ अपनी यात्रा पूरी कर सकें.
कई वर्षों से जारी है सेवा का सिलसिला
सालासर धाम जाने वाले पदयात्रियों की सेवा के लिए विभिन्न संगठन पिछले कई वर्षों से भंडारों का आयोजन करते आ रहे हैं. इन आयोजनों के जरिए श्रद्धालुओं को भोजन और विश्राम की सुविधा देने के साथ उनकी अन्य जरूरतों का भी ध्यान रखा जा रहा है.
मंडल के रवि कुमार अग्रवाल ने बताया कि भंडारे में यात्रियों के भोजन और ठहरने की व्यवस्था की गई है. इसके साथ ही प्राथमिक चिकित्सा की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जा रही है. पैदल चलते समय कई बार श्रद्धालुओं के पैरों में छाले पड़ जाते हैं या चोट लग जाती है. ऐसी स्थिति में उन्हें राहत देने के लिए मरहम-पट्टी की व्यवस्था रखी गई है.
बालाजी के जयकारों के साथ आगे बढ़ रहे श्रद्धालु
सालासर बालाजी के दर्शन की कामना लेकर निकले पदयात्रियों में खासा उत्साह नजर आ रहा है. श्रद्धालु रास्ते में बालाजी के जयकारे लगाते हुए अपनी मंजिल की ओर बढ़ रहे हैं. यात्रा के दौरान जगह-जगह मिल रही सेवा और सुविधाओं से उन्हें सहारा मिल रहा है.
आयोजकों का उद्देश्य श्रद्धालुओं की सेवा करना और उनकी धार्मिक यात्रा को सुविधाजनक बनाना है. भंडारों में भोजन, पानी, विश्राम और प्राथमिक उपचार जैसी व्यवस्थाएं पदयात्रियों के लिए मददगार साबित हो रही हैं. आस्था और सेवा के इस माहौल में स्थानीय स्तर पर भी श्रद्धालुओं की जरूरतों का ध्यान रखा जा रहा है.
सालासर बालाजी के प्रति श्रद्धालुओं की गहरी आस्था और सेवा संगठनों का सहयोग इस यात्रा को खास बना रहा है. दूर-दराज से आने वाले पदयात्री जयकारों के साथ धाम की ओर बढ़ रहे हैं, वहीं रास्ते में आयोजित भंडारे उनकी यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.