रितु बराला केस में FIR की मांग को लेकर पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच भी झड़प, सड़क पर पटके बैरिकेड्स
जयपुर में रितु बराला मामले में FIR दर्ज कराने की मांग को लेकर कांग्रेस नेताओं का कमिश्नरेट के बाहर धरना जारी है. अंदर जाने से रोके जाने पर कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हाथापाई हुई. कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सड़क जाम करने की कोशिश की, बैरिकेड्स भी पटके.
जयपुर में रितु बराला मामले में FIR दर्ज कराने की मांग को लेकर कांग्रेस नेताओं का कमिश्नरेट के बाहर धरना जारी है. प्रदर्शन के दौरान कमिश्नरेट के गेट पर पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हाथापाई हुई. कुछ कार्यकर्ता कमिश्नरेट के अंदर जाने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया. इसके बाद मौके पर तनाव की स्थिति बन गई.
पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच झड़प
कमिश्नरेट के अंदर जाने से रोके जाने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सड़क जाम करने का प्रयास किया. पुलिस ने कार्यकर्ताओं को सड़क से खदेड़ दिया. इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प भी हुई. प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड्स उठाकर सड़क पर पटक दिए.
रितु बराला प्रकरण में जीरो FIR दर्ज करने की मांग को लेकर जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में कांग्रेस नेताओं का धरना लगातार जारी है. PCC चीफ गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली समेत कई नेता लगातार दूसरी रात कमिश्नरेट परिसर में रुके. मंगलवार सुबह डोटासरा के निर्देश पर कांग्रेस नेताओं ने परिसर में साफ-सफाई की. इसके बाद चाय पीते हुए नेताओं के बीच राजनीतिक चर्चा हुई. दिल्ली में NSUI नेता रितु बराला के साथ मारपीट और अभद्रता के मामले में कांग्रेस जीरो FIR दर्ज करने की मांग पर अड़ी है. इसी मांग को लेकर डोटासरा, टीकाराम जूली समेत कई नेता सोमवार शाम से कमिश्नरेट परिसर में डटे हुए हैं.
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कमिश्नरेट के बाहर धरना जारी
रितु बराला मामले में FIR दर्ज कराने की मांग को लेकर कांग्रेस नेताओं का प्रदर्शन जारी है. कमिश्नरेट के गेट पर पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच हुई हाथापाई के बाद घटनाक्रम ने जोर पकड़ लिया. प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं की कमिश्नरेट में प्रवेश करने की कोशिश, सड़क जाम का प्रयास और बैरिकेड्स सड़क पर पटकने की घटनाएं सामने आईं.'
गोविंद सिंह डोटासरा ने ट्वीट कर रितु बराला को न्याय दिलाने की मांग कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पत्रकारों पर लाठीचार्ज की निंदा की.
भाजपा सरकार कान खोलकर सुन लें.. लाठियों के दम पर न आवाज़ दबेगी, न अन्याय के खिलाफ संघर्ष रुकेगा।
रितु बराला को न्याय दिलाने की मांग कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं और सच्चाई दिखाने वाले पत्रकारों पर लाठीचार्ज निंदनीय एवं भाजपा सरकार की दमनकारी मानसिकता का प्रमाण है।
राजस्थान की बेटी को न्याय देने के बजाय आवाज उठाने वालों पर बल प्रयोग करना सरकार की हताशा को उजागर करता है। हमारी मांग है कि पत्रकारों और कार्यकर्ताओं पर हुए इस दमन की जवाबदेही तय की जाए और रितु बराला के मामले में कानून के मुताबिक FIR दर्ज कर निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।