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EWS आरक्षण की मांग को लेकर रविंद्र भाटी का शक्ति प्रदर्शन खत्म, जोधपुर में देर रात 2 बजे गाड़ी पर चढ़ लहाराया झंडा

राजस्थान में EWS आरक्षण के नियमों को आसान बनाने की मांग को लेकर निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने 25 सितंबर को बाड़मेर से पांच दिवसीय यात्रा शुरू की, जिसका समापन जोधपुर में हुआ. यहां देर रात 2 बजे तक समर्थकों की भीड़ जुटी रही और JCB से फूल बरसाकर उनका स्वागत किया गया.

Written By Sneha Aggarwal
Published: Sep 30, 2026, 01:44 PM IST | Updated: Sep 30, 2026, 01:55 PM IST
Image Credit: Ravindra Singh Bhati
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Rajasthan News: राजस्थान में EWS आरक्षण के नियमों को आसान बनाने की मांग को लेकर शिव से निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने पांच दिन की यात्रा की, जो 25 सितंबर को बाड़मेर से शुरू हुई और जोधपुर में खत्म की गई. जोधपुर पहुंचने पर समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया. कई जगहों पर JCB मशीनों से फूल बरसाए गए. इस दौरान युवाओं की बड़ी भीड़ देखने को मिली.

ये वीडियो रात 2 बजे का बताया जा रहा है. स्वागत के दौरान भाटी गाड़ी की छत पर चढ़ गए और झंडा लहराते नजर आए. उनका यह अंदाज सोशल मीडिया पर खूब शेयर हो रहा है. इस शक्ति प्रदर्शन के बाद राजस्थान की राजनीति में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं.

जोधपुर में देर रात तक चली सभा
जोधपुर के हनुवंत गार्डन में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे. रात 2 बजे तक लोग भाटी को सुनने के लिए मौजूद रहे. इस दौरान उन्होंने EWS आरक्षण के नियमों में बदलाव की मांग उठाई. भाटी ने कहा कि केंद्र सरकार के नियमों के तहत 5 एकड़ कृषि भूमि की सीमा राजस्थान के पश्चिमी और मरुस्थलीय इलाकों के लिए सही नहीं है. इन क्षेत्रों में कई जगह जमीन बंजर है या उसकी पैदावार कम होती है. ऐसे में ज्यादा जमीन होने के बावजूद किसानों की आमदनी कम रह सकती है. इसके बावजूद 5 एकड़ की शर्त के कारण कई योग्य युवा EWS आरक्षण का लाभ नहीं ले पाते हैं.

EWS के नियमों में बदलाव की मांग
रविंद्र सिंह भाटी ने EWS आरक्षण से जुड़े कई नियमों में बदलाव की मांग की. इनमें प्रमुख मांगें शामिल हैं:
कृषि भूमि की 5 एकड़ की सीमा को स्थानीय परिस्थितियों के हिसाब से बदलना.
EWS प्रमाण पत्र की वैधता 3 साल से बढ़ाकर 5 साल करना.
सरकारी भर्तियों में आयु सीमा और आवेदन शुल्क में छूट देना.
राज्य स्तर पर बने EWS प्रमाण पत्रों को केंद्रीय सेवाओं में भी मान्यता देना.
पंचायती राज संस्थाओं और स्थानीय निकायों में राजनीतिक प्रतिनिधित्व देना.

भाटी का कहना है कि राजस्थान के स्थानीय हालात को ध्यान में रखकर नियम बनाए जाने चाहिए, ताकि पात्र युवाओं को आरक्षण का लाभ मिल सके.

रविंद्र भाटी की यात्रा के क्या हैं सियासी मायने?
बाड़मेर से शुरू होकर जोधपुर में खत्म हुई इस यात्रा को राजस्थान की राजनीति के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है. इस अभियान के जरिए भाटी ने EWS आरक्षण का मुद्दा राज्य स्तर पर उठाया है. उनकी यात्रा में युवाओं की भागीदारी और जोधपुर में हुए स्वागत के बाद राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज हो गई है.

माना जा रहा है कि भाटी इस आंदोलन के जरिए अपनी पहुंच शिव विधानसभा क्षेत्र से आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं. EWS आरक्षण के मुद्दे पर युवाओं को जोड़कर वे अपनी राजनीतिक पहचान को व्यापक बनाना चाहते हैं.

साथ ही ये भी माना जा रहा है कि इस अभियान को BJP के पारंपरिक वोट बैंक पर असर डालने की कोशिश के तौर पर भी देख रहे हैं. हालांकि, इसका चुनावी असर क्या होगा, यह आने वाले समय में ही साफ हो सकेगा. आगामी पंचायती राज चुनावों से पहले भाटी की इस यात्रा की प्रदेश में खूब चर्चा की जा रही है.

EWS आरक्षण क्या है? 
EWS (Economically Weaker Sections) आरक्षण सामान्य वर्ग के उन लोगों के लिए है, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और SC, ST या OBC आरक्षण के अंतर्गत नहीं आते हैं. भारत में EWS वर्ग के पात्र लोगों को केंद्र सरकार की सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में 10% आरक्षण देने का प्रावधान है.

किसे EWS आरक्षण का फायदा मिल सकता है? 
EWS यानी आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के आरक्षण का लाभ उन लोगों को मिल सकता है, जो सामान्य वर्ग से आते हैं और आर्थिक व संपत्ति से जुड़ी निर्धारित शर्तें पूरी करते हैं.

EWS आरक्षण के लिए मुख्य पात्रता  
सामान्य वर्ग के लोग- आवेदक SC, ST या OBC आरक्षण के तहत कवर नहीं होना चाहिए.
परिवार की सालाना आय- सभी स्रोतों से कुल सकल पारिवारिक आय 8 लाख रुपये से कम हो. 
कृषि भूमि- परिवार के पास 5 एकड़ या उससे अधिक कृषि भूमि नहीं होनी चाहिए.
आवासीय मकान- परिवार के पास 1,000 वर्ग फुट या उससे बड़ा आवासीय फ्लैट नहीं होना चाहिए. 
आवासीय प्लॉट- अधिसूचित नगरपालिका क्षेत्र में 100 वर्ग गज या उससे बड़ा प्लॉट, अथवा अन्य क्षेत्रों में 200 वर्ग गज या उससे बड़ा प्लॉट होने पर पात्रता नहीं मिलती.  

EWS आरक्षण  के लिए क्या सर्टिफिकेट जरूरी है? 
EWS आरक्षण का लाभ लेने के लिए EWS प्रमाण पत्र (EWS Certificate) जरूरी होता है. इसके बिना पात्र उम्मीदवार आमतौर पर सरकारी भर्ती या शैक्षणिक संस्थान में EWS श्रेणी के तहत आरक्षण का दावा नहीं कर सकते हैं. EWS प्रमाण पत्र यह साबित करता है कि आवेदक आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए तय पात्रता शर्तें पूरी करता है.

राजस्थान में EWS प्रमाण पत्र के लिए ई-मित्र केंद्र या संबंधित सरकारी ऑनलाइन सेवा के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है. राजस्थान सरकार के जन आधार पोर्टल पर भी EWS प्रमाण पत्र की सेवा दी है. 

EWS आरक्षण सर्टिफिकेट बनाने में कितना समय लगता है? 
राजस्थान में EWS आरक्षण का सर्टिफिकेट बनने में आमतौर पर कुछ दिनों से लेकर 2–3 हफ्ते तक का समय लग सकता है. हालांकि, यह समय आवेदन की जांच, दस्तावेजों की स्थिति और संबंधित तहसील या प्रशासनिक कार्यालय के कामकाज पर निर्भर करता है. 
 

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मैं स्नेहा अग्रवाल जी राजस्थान न्यूज में सब एडिटर के रूप में कार्यरत हूं और राजस्थान से जुड़ी हर बड़ी से बड़ी और छोटी से छोटी न्यूज़ पर पकड़ रखती हूं. क्राइम और कल्चर की खबरों में दिलचस्पी है. मुझे डिजिटल मीडिया का करीब 4 साल का साल का अनुभव है. इससे पहले मैं ZeeBihar में अपनी सेवाएं दे चुकी हूं. 4 साल के जर्नलिज्म करियर में लोकल, क्राइम, हेल्थ, एंटरटेनमेंट, वायरल और लाइफस्टाइल बीट पर काम किया है. मैंने यहां पर राजस्थान विधानसभा चुनाव, पंचायत चुनाव, ऑपेरशन सिंदूर समेत कई बड़े ईवेंट्स कवर किए हैं.
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