SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

एक साल से लंगड़ा रही गाय फिर चली अपने पैरों पर: उदयपुर नारायण सेवा संस्थान ने किया कमाल!

उदयपुर के नारायण सेवा संस्थान ने मानवता और करुणा की मिसाल पेश करते हुए राजसमंद जिले की एक गाय को मॉड्यूलर कृत्रिम पैर लगाया. एक साल पहले सड़क हादसे में गाय का अगला बायां पैर काटना पड़ा था, जिसके बाद वह चलने में असमर्थ थी. ऐसे में कृत्रिम अंग तैयार कर फिट किया, जिसके सहारे अब गाय दोबारा खड़ी होकर धीरे-धीरे चलने लगी है.

Written By Avinash Jagnawat
Published: Oct 28, 2026, 01:20 PM IST | Updated: Oct 28, 2026, 01:26 PM IST
Image Credit: नारायण सेवा संस्थान
Join

संवेदना जब संकल्प बनती है, तो सेवा की राह केवल मनुष्यों तक सीमित नहीं रहती, वह मूक प्राणियों की पीड़ा भी समझती है. कुछ ऐसा ही कर दिखया है उदयपुर के नारायण सेवा संस्थान ने, दुर्घटना में अपना अगला बायां पैर गंवा चुकी एक गाय को मॉड्यूलर कृत्रिम अंग लगाकर फिर से चलने में मदद की है. संस्थान की यह पहल आधुनिक तकनीक के साथ जीवमात्र के प्रति करुणा और सेवा का प्रेरक उदाहरण बन गई है.

खेत के बीच लंगड़ा कर चल रही गाय, जो एक साल बाद अपने पैरों पर खड़ी हो पाई है. यह मामला राजसमंद जिले के घोडाघाटी स्थित गोशाला की.बताया जा रहा है कि एक साल पहले गाय का उदयपुर-नाथद्वारा हाइवे पर एक्सीडेंट हो गया है. पैर में गंभीर चोट आई, गाय को बचाने के लिए उनके पैर को काटना पड़ा तब से वह चलने-फिरने में असमर्थ हो गई.

गाय की पीड़ा समझकर नारायण सेवा संस्थान ने उठाया कदम 
बेजुबान गाय अपनी पीड़ा बया नहीं कर पा रही थी लेकिन उसका यह दर्द नारायण सेवा संस्थान के अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल की जानकारी में आया तो उन्होंने संवेदनशीलता दिखता हुए तुरंत संस्थान के प्रोस्थेटिक्स एंड ऑर्थोटिक्स विभाग को विशेषज्ञ टीम को गौशाला भेजा. टीम ने गाय की शारीरिक स्थिति, प्रभावित पैर और कृत्रिम अंग लगाने की संभावनाओं की बारीकी से जांच की. उसकी बनावट और जरूरतों के अनुरूप कृत्रिम अंग तैयार करने के लिए आवश्यक माप लिए गए.

यह भी पढ़ेंः 28 की उम्र में पाली का ये युवा बना सरपंच, बचपन में ही सिर से उठा गया था माता-पिता का साया

विशेष तकनीक से तैयार किया गया मॉड्यूलर कृत्रिम पैर
इसके बाद संस्थान की पीएंडओ हेड डॉ. मानस रंजन साहू ने स्वयं तकनीकी जिम्मेदारी संभाली. गाय के माप के अनुरूप विशेष सामग्री, सटीक मॉडलिंग, मजबूती और फिटमेंट को ध्यान में रखते हुए मॉड्यूलर नारायण आर्टिफिशियल लिंब तैयार किया गया.

कृत्रिम पैर लगते ही फिर खड़ी हुई गाय
कृत्रिम अंग तैयार होने के बाद तकनीकी टीम दोबारा घोड़ाघाटी पहुंची और विशेषज्ञता के साथ उसका फिटमेंट किया. कृत्रिम पैर के सहारे गाय को खड़ा कर चलाने का कोशिश सफल रही. गोमाता अब अपने कृतिम पैर के सहारे धीरे-धीरे चल पा रही है. वहीं, चिकित्सकों का कहना है कि अभी वे कुछ दिन ओर गाय को अपनी निगरानी में रखेंगे और कृतिम लिंब में आवश्यक बदलाव किए जाएंगे ताकि गाय हर परिस्थिति में चल पाए.

गाय को दोबारा चलते देख खिले गौशाला संचालकों के चेहरे
गाय को अपने पैरों पर दुबारा खड़ा देख गौशाला संचालक और वहां काम करने वाले सेवादारों के चेहरे भी खिल उठे. उन्होंने कहा कि वे तो यह आशा ही छोड़ चुके थे कि गोशाला की यह गाय फिर से चल फिर सकेगी लेकिन जब उन्हें पता चला कि नारायण सेवा संस्थान इंसानों के लिए कृतिम अंग बनाती है, तो उन्होंने गाय के लिए मदद मांगी, संस्थान ने तुरंत मदद करते हुए गाय को पैरों पर खड़ा कर दिया. इससे वे काफी खुश है और शब्दों में अपनी खुशी की बयां नहीं कर पा रहे हैं.

मूक प्राणियों की सेवा भी जारी रखेगा संस्थान
इंसानों के लिए कृतिम लिंब बनाने वाली नारायण सेवा संस्थान ने पहली बार किसी मूक प्राणी के लिए कृतिम लिंब बनाने का काम किया, जिसमें संस्थान की विशेषज्ञ टीम को सफलता भी मिली. इस पर संस्थान के अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि मूक प्राणियों के लिए शुरू हुआ सेवा का यह काम भी अब हमेशा चलता रहेगा, जिससे उनकी पीड़ा को भी दूर किया जा सकें. 
 

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

ZEENEWS TRENDING STORIES