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दिवाली के त्योहार को देखते हुए भोपाल में खाद्य सुरक्षा विभाग पूरी तरह सतर्क है और मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए लगातार कार्रवाई कर रहा है. इसी कड़ी में विभाग की टीम को रात 2:00 बजे एक बड़ी सफलता मिली, जब उन्होंने भोपाल रेलवे स्टेशन के बाहर से 700 किलो (7 क्विंटल) से अधिक एनलॉग पनीर (नकली पनीर) की एक बड़ी खेप जब्त की.
जांच में सामने आया है कि यह संदिग्ध और मिलावटी पनीर मुरैना से भोपाल सप्लाई करने के लिए लाया गया था. जब्त किए गए इस एनालॉग पनीर की कुल कीमत लगभग 2.5 लाख रुपये आंकी गई है. इस कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग ने बिल्टी और बिल के आधार पर मामला दर्ज किया है. त्योहारों के सीजन में विभाग खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर सतर्कता बरत रहा है.
त्योहारी सीजन के दौरान दूध, मावा (खोया) और पनीर जैसे डेयरी उत्पादों में बड़े पैमाने पर मिलावट की खबरें अक्सर सामने आती हैं. भोपाल प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से मिलावट करने वालों में हड़कंप मच गया है. खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि पूरे त्योहारी सीजन के दौरान शहर भर में ये जांच अभियान और सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.
दिवाली के दौरान मिठाइयों, दूध, पनीर और अन्य खाद्य पदार्थों की खपत बढ़ जाती है. ऐसे समय में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच करना और यह सुनिश्चित करना बहुत जरूरी हो जाता है कि खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा है या नहीं. भोपाल में की गई कार्रवाई इसी निगरानी अभियान का हिस्सा है. खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि खाद्य पदार्थों की आपूर्ति और गुणवत्ता से जुड़े नियमों का पालन हो. विभाग ने संकेत दिया है कि इस तरह की प्रवर्तन कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी.
त्योहारों के दौरान खाने-पीने की चीजें खरीदते समय लोगों को उनकी पैकिंग, लेबल, निर्माण और समाप्ति तिथि (एक्सपायरी डेट) और बिल पर ध्यान देना चाहिए. पनीर और अन्य दुग्ध उत्पाद भरोसेमंद विक्रेताओं से ही खरीदना बेहतर है. यदि किसी खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता को लेकर कोई संदेह हो तो इसकी सूचना संबंधित खाद्य सुरक्षा विभाग को दी जा सकती है. भोपाल में 700 किलो से अधिक एनलॉग पनीर (नकली पनीर) जब्त होने की घटना ने एक बार फिर त्योहारों के मौसम में खाद्य सुरक्षा जांच के महत्व को उजागर कर दिया है. अब इस मामले में आगे की जांच और खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत कार्रवाई करना महत्वपूर्ण होगा.