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राजस्थान के मौसम में आए दिन बदलाव देखने को मिल रहा है. ऐसे में लोगों को हर दिन बदलते मौसम का एहसास हो रहा है. मानसून के विदाई के बाद भी हो रही बारिश से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. मौसम विभाग के मुताबिक, पिछले 24 घंटों के दौरान पूरे राज्य में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहा. सबसे अधिक तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस बाड़मेर में दर्ज किया गया और सबसे कम तापमान 13.5 डिग्री सेल्सियस सीकर के फतेहपुर में दर्ज किया गया.
वर्तमान में 'मुरासु' नाम का एक भीषण चक्रवाती तूफान बंगाल की खाड़ी के मध्य-पश्चिमी और उससे सटे दक्षिण-पश्चिमी हिस्सों में बना हुआ है. इसके आज रात तक आंध्र प्रदेश के दक्षिण-पूर्वी तट को पार करने की प्रबल संभावना है. चक्रवाती तूफान 'मुरासु' का राजस्थान पर कोई असर नहीं पड़ेगा. आने वाले सप्ताह में राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम के शुष्क बने रहने की पूरी संभावना है.
पश्चिम-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना प्रचंड चक्रवाती तूफान 'मुरासु' पिछले 6 घंटों में 22 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा है. 2 नवंबर को सुबह 8:30 बजे यह पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में केंद्रित था. इसकी स्थिति 14.1 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 81.4 डिग्री पूर्वी देशांतर पर दर्ज की गई.
मौसम विभाग के अनुसार, तूफान का केंद्र आंध्र प्रदेश के नेल्लोर से करीब 160 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व, चेन्नई से 180 किलोमीटर उत्तर-पूर्व, कावली से 180 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व, ओंगोल से 210 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व और मछलीपट्टनम से 240 किलोमीटर दक्षिण में था.
मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि चक्रवाती तूफान 'मुरासु' उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा. इसके 2 नवंबर की मध्यरात्रि से 3 नवंबर की सुबह के शुरुआती घंटों के बीच दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की संभावना है. तूफान नेल्लोर और नरसापुर के बीच ओंगोल के दक्षिण में तट पार कर सकता है. इस दौरान हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे रहने और झोंकों के साथ 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है.
मौसम विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार, राजस्थान में आगामी एक सप्ताह के दौरान मौसम शुष्क रहने की प्रबल संभावना है.