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Rajasthan Weather Update: राजस्थान में 16 अक्टूबर की शाम के बाद भी कुछ इलाकों में मौसम बदल सकता है. भीलवाड़ा, राजसमंद और चित्तौड़गढ़ में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अचानक तेज हवाएं भी चल सकती हैं. वहीं, जयपुर और भरतपुर संभाग के साथ शेखावाटी क्षेत्र के कुछ हिस्सों में भी हल्की बारिश हो सकती है. मौसम में इस बदलाव को देखते हुए किसानों को खास सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
भीलवाड़ा, राजसमंद और चित्तौड़गढ़ में बारिश के आसार
16 अक्टूबर की शाम के बाद मेवाड़ क्षेत्र के भीलवाड़ा, राजसमंद और चित्तौड़गढ़ जिलों में कुछ जगहों पर बादल गरजने के साथ बारिश हो सकती है. इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है. मौसम में अचानक बदलाव होने से लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है.
जयपुर, भरतपुर और शेखावाटी में भी बदलेगा मौसम
जयपुर और भरतपुर संभाग के जिलों के कुछ हिस्सों में भी हल्की बारिश होने के आसार हैं. शेखावाटी क्षेत्र में भी कहीं-कहीं बूंदाबांदी हो सकती है. हालांकि, दिए गए मौसम पूर्वानुमान में इन इलाकों के लिए व्यापक बारिश की संभावना नहीं बताई गई है. लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखनी चाहिए.
पश्चिमी विक्षोभ और अलर्ट को लेकर क्या है जानकारी?
मौसम संबंधी उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, कुछ जिलों में गरज-चमक, बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है. हालांकि, दिए गए इनपुट में पश्चिमी विक्षोभ की स्थिति और येलो, ऑरेंज या रेड अलर्ट जारी होने की पुष्टि नहीं है. इसलिए किसी खास जिले के लिए इन अलर्ट का दावा नहीं किया जा सकता. मौसम विभाग की आधिकारिक चेतावनियों के अनुसार ही सावधानी बरतें.
17 अक्टूबर को कैसा रहेगा राजस्थान का मौसम?
17 अक्टूबर के मौसम को लेकर उपलब्ध इनपुट में जिलेवार पूर्वानुमान नहीं दिया गया है. ऐसे में अगले दिन बारिश किन जिलों में होगी या मौसम पूरी तरह साफ रहेगा, इसकी सटीक जानकारी देना संभव नहीं है. लोगों को मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन पर नजर रखनी चाहिए, खासकर उन इलाकों में जहां गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना बनी हुई है.
किसानों को फसल और अनाज बचाने की सलाह
आगामी 48 घंटों के दौरान बीकानेर, जयपुर और भरतपुर संभाग के किसानों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. पककर तैयार फसलों को खुले आसमान में न छोड़ें. कृषि उपज मंडियों में खुले में रखे अनाज और दूसरी जिंसों को भीगने से बचाने के लिए तिरपाल या सुरक्षित ढकने की व्यवस्था करें. इससे बारिश होने पर फसल और अनाज को नुकसान से बचाया जा सकता है.
आंधी-बारिश के दौरान कैसे करें बचाव?
बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं के दौरान खुले मैदान में खड़े होने से बचें. बिजली चमकने पर पेड़ों, बिजली के खंभों और तारों से दूर रहें. तेज हवा चलने पर कमजोर दीवारों, होर्डिंग और पेड़ों के नीचे खड़े न हों. किसानों को फसल और अनाज सुरक्षित जगह पर रखने चाहिए. किसी इलाके के लिए येलो, ऑरेंज या रेड अलर्ट जारी होता है तो उसके मुताबिक सावधानी बरतें और मौसम विभाग की आधिकारिक सूचना को प्राथमिकता दें.