राजस्थान यूनिवर्सिटी को मिला नया कुलगुरु: प्रो. बीपी सारस्वत ने संभाला कार्यभार, जानें क्या होगा बदलाव
Rajasthan News: राजस्थान यूनिवर्सिटी के नए कुलगुरु प्रो. भगवती प्रसाद सारस्वत ने कार्यभार संभाल लिया. उन्होंने छात्र समस्याओं, शिक्षकों के प्रमोशन, कर्मचारियों की पेंशन और नई शिक्षा नीति के तहत स्किल व उद्यमिता पर फोकस करने की बात कही.
Rajasthan University: राजस्थान विश्वविद्यालय के नए कुलगुरु प्रोफेसर भगवती प्रसाद सारस्वत ने कार्यभार संभाल लिया. पद संभालते ही उन्होंने विश्वविद्यालय की व्यवस्था और छात्रों की समस्याओं को प्राथमिकता बताया. उन्होंने कहा कि राजस्थान विश्वविद्यालय प्रदेश का सबसे बड़ा विश्वविद्यालय है. उन्होंने इसी विश्वविद्यालय से फर्स्ट ईयर कॉमर्स से लेकर पीएचडी तक की पढ़ाई की है.
कुलगुरु पद को बड़ी जिम्मेदारी बताया
प्रो. सारस्वत ने कहा कि राजस्थान सरकार ने कुलपति की जगह कुलगुरु शब्द का इस्तेमाल किया है. यह पुराना शब्द है और गुरुकुल व्यवस्था में उसके प्रमुख को कुलगुरु कहा जाता था. उन्होंने कहा कि कुलगुरु की जिम्मेदारी सिर्फ प्रशासन संभालना नहीं, बल्कि छात्रों और कर्मचारियों की जरूरतों का ध्यान रखना है. उन्होंने कहा कि वह इस जिम्मेदारी को सही तरीके से निभा सकें, इसके लिए भगवान से प्रार्थना करते हैं.
कोटा विश्वविद्यालय में पूरे किए लंबित काम
प्रो. सारस्वत ने बताया कि उन्हें कोटा विश्वविद्यालय में 16 महीने काम करने का मौका मिला. उन्होंने कई 10 से 12 साल पुराने लंबित काम पूरे किए. शिक्षकों के प्रमोशन की प्रक्रिया अगले डेढ़ महीने में पूरी करने की कोशिश की जाएगी.
कर्मचारियों की पेंशन का मुद्दा उठाया
नए कुलगुरु ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के सामने विश्वविद्यालय कर्मचारियों की पेंशन का मुद्दा रखा है. उन्होंने कहा कि जिस तरह राजस्थान सरकार सरकारी कर्मचारियों और सरकारी प्राध्यापकों की पेंशन का खर्च उठाती है, उसी तरह विश्वविद्यालयों के कर्मचारियों की पेंशन की जिम्मेदारी भी राज्य सरकार को लेनी चाहिए.
स्किल और उद्यमिता पर रहेगा जोर
प्रो. सारस्वत ने कहा कि उनके छात्र जीवन से अब तक शिक्षा व्यवस्था काफी बदल गई है. अब पढ़ाई का जुड़ाव उद्योग और व्यवसाय से भी बढ़ रहा है. विद्यार्थी सिर्फ डिग्री लेने नहीं आता, बल्कि कौशल सीखने और उद्यमी बनने के लिए भी आता है. राष्ट्रीय शिक्षा नीति में भी इन दोनों पर जोर दिया गया है.
उन्होंने कहा कि अब विद्यार्थी अपनी पसंद के अलग-अलग विषय साथ पढ़ सकता है. जैसे केमिस्ट्री के साथ म्यूजिक, होम साइंस या कॉमर्स लिया जा सकता है. यूजीसी के नियमों के तहत विद्यार्थी एक साथ दो कोर्स भी कर सकता है. राजस्थान विश्वविद्यालय में भी छात्र हित में इन व्यवस्थाओं को लागू करने पर काम किया जाएगा.
हर दिन छात्रों की सुनेंगे समस्या
प्रो. सारस्वत ने कहा कि राजस्थान विश्वविद्यालय से 6 लाख विद्यार्थी जुड़े हैं. छात्रों को समस्या लेकर भटकना नहीं पड़ेगा. वह उनसे सीधे मिलकर समस्याएं सुनेंगे. उन्होंने बताया कि कोटा विश्वविद्यालय में उन्होंने अपने कार्यालय के बाहर मिलने का तय समय हटवा दिया था. यह व्यवस्था राजस्थान विश्वविद्यालय में भी लागू की जाएगी.
पूर्व कुलगुरु की विदाई भी चर्चा में
कार्यभार ग्रहण करने के दौरान पूर्व कुलगुरु प्रो. अल्पना कटेजा की गैरमौजूदगी भी चर्चा में रही. हालांकि, उन्होंने नए कुलगुरु प्रो. बीपी सारस्वत से गेस्ट हाउस में मुलाकात की और उन्हें कार्यभार सौंपकर रवाना हो गईं. वहीं, विदाई से पहले उनके आवास के बाहर लगी नेम प्लेट पर कालिख पोते जाने का मामला भी चर्चा में रहा. इस मामले में छात्रों की ओर से विरोध किए जाने की बात सामने आई है.