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Rajasthan News: राजस्व लक्ष्य हासिल करने के मामले में परिवहन विभाग इस बार काफी पीछे दिख रहा है. परिवहन विभाग राज्य सरकार के राजस्व अर्जन करने वाले विभागों के कुल औसत से भी पीछे रहा है. वहीं, जयपुर के दोनों आरटीओ लक्ष्य प्राप्त करने की दिशा में पिछड़ते नजर आ रहे हैं.
राज्य सरकार का राजस्व जुटाने वाले 5 प्रमुख विभागों में परिवहन विभाग की भी महत्वपूर्ण भूमिका है, लेकिन इस वित्त साल में परिवहन विभाग इस सूची में पिछड़ता नजर आ रहा है. दरअसल राजस्व अर्जित करने वाले विभागों की पिछले साल अगस्त की तुलना में राजस्व ग्रोथ 15 फीसदी रही है. इसमें सबसे अधिक ग्रोथ 31 फीसदी खान विभाग की रही है. आबकारी विभाग की ग्रोथ 11 फीसदी, जबकि परिवहन विभाग की ग्रोथ महज 9 फीसदी रही है. इसे राज्य सरकार के वित्त विभाग ने चिंताजनक माना है.
रिपोर्ट के अनुसार, परिवहन विभाग को अगस्त 2026 तक 3665.26 करोड़ रुपये का लक्ष्य दिया गया था, जबकि वसूली 3095.50 करोड़ रुपये ही हो सकी है. यानी कुल उपलब्धि 84.46 प्रतिशत रही है. विभाग का वार्षिक राजस्व लक्ष्य 11 हजार करोड़ रुपये रखा गया है, ऐसे में शुरुआती महीनों की धीमी रफ्तार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है. सबसे बेहतर प्रदर्शन दौसा RTO ने किया है, जिसने 90.72 प्रतिशत उपलब्धि के साथ पहला स्थान हासिल किया है. अलवर दूसरे और अजमेर तीसरे स्थान पर बने हुए हैं.
अगस्त तक टारगेट कितना, वसूली कितनी ?
दौसा RTO पहली रैंक, 107.30 करोड़ टारगेट, 97.34 करोड़ वसूली
अलवर RTO दूसरी रैंक, टारगेट 151.37 करोड़, अचीवमेंट 136.30 करोड़
अजमेर RTO तीसरे पर, टारगेट 331.93 करोड़, अचीवमेंट 288.70 करोड़
बीकानेर RTO चौथे नंबर पर, 259.33 करोड़ टारगेट, 225.23 करोड़ प्राप्ति
सीकर RTO 5वें पर, 288.75 करोड़ टारगेट, 249.89 करोड़ प्राप्ति
जोधपुर RTO छठे पर, 352.40 करोड़ टारगेट में से 304.75 करोड़ अर्जित
पाली RTO 7वें पर, 167.17 करोड़ लक्ष्य में से 142.53 करोड़ अर्जित
उदयपुर RTO 8वें पर, टारगेट 296.68 करोड़, अचीवमेंट 252.92 करोड़
जयपुर RTO द्वितीय 9वें पर, 257.72 करोड़ में से 217.14 करोड़ प्राप्ति
जयपुर RTO प्रथम 10वें पर, 595.36 करोड़ टारगेट में से 491.73 करोड़ प्राप्ति
चित्तौड़गढ़ RTO 11वें पर, 213.63 करोड़ टारगेट, 175.03 करोड़ अचीवमेंट
भरतपुर RTO 12वें पर, 124.01 करोड़ लक्ष्य, 98.95 करोड़ प्राप्ति
कोटा RTO 13वें नम्बर पर, 208.81 करोड़ टारगेट, 165.83 करोड़ प्राप्ति
कोटा आरटीओ लगातार फिसड्डी
जयपुर आरटीओ द्वितीय जो पिछले वर्ष प्रदेशभर में पहले नम्बर पर था, इस साल 9वें स्थान पर जा गिरा है. जबकि पिछले महीने की रैकिंग में छठे स्थान पर था. यानी जयपुर आरटीओ द्वितीय की स्थिति सबसे ज्यादा खराब नजर आ रही है. जयपुर आरटीओ प्रथम जो पिछले महीने 11वें स्थान पर था, इस बार 10वें स्थान पर रहा है. सबसे खराब प्रदर्शन कोटा RTO का रहा है.
कोटा RTO की उपलब्धि मात्र 79.41 प्रतिशत पर सिमट गई है. परिवहन विभाग के लिए चिंताजनक बात इसलिए भी है, क्योंकि इस वित्त वर्ष में परिवहन विभाग को 11 हजार करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित करना है. यदि फील्ड स्तर पर प्रवर्तन, टैक्स चोरी पर अंकुश और बकाया वसूली के लिए प्रभावी अभियान नहीं चलाए गए, तो विभाग के लिए राजस्व लक्ष्य को हासिल कर पाना मुश्किल होगा.
Report- Kashiram Choudhary