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राजस्थान में DL बनवाने वालों के लिए बड़ा अपडेट: अब कंप्यूटर बताएगा आप ड्राइविंग में कितने माहिर

Rajasthan News: राजस्थान में परिवहन विभाग की 57 सेवाएं ऑनलाइन हो गई हैं. 35 ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक ऑटोमेटेड किए जा रहे हैं. रोडवेज में 900 नई बसें आएंगी. 2026-27 में विभाग ने 3594.73 करोड़ रुपए का राजस्व जुटाया है.

Reported By Kashiram Chaudhary Edited By SAGAR CHAUDHARY
Published: Sep 29, 2026, 10:16 PM IST | Updated: Sep 29, 2026, 10:31 PM IST
Image Credit: Rajasthan Automated Test Track (AI IMAGE)
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Rajasthan DL Service Update: परिवहन विभाग से जुड़ी 57 सेवाओं को डिजिटल किया जा चुका है. इससे आमजन परिवहन विभाग से जुड़े कामकाज अब ऑनलाइन मोड में पूरे कर पा रहे हैं. वहीं ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया 35 कार्यालयों में कम्प्यूटराइज्ड ट्रैक पर होने जा रही है. मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने आज परिवहन विभाग और रोडवेज से जुड़ी गतिविधियों की समीक्षा की. मुख्य सचिव ने कहा है कि परिवहन कार्यालयों में लोगों को इस तरह से सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, जिससे आमजन को कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ें. इसके लिए उन्होंने विभागीय सेवाओं के ऑनलाइन मोड कार्यप्रणाली की सराहना की. मुख्य सचिव ने मंगलवार को सचिवालय में परिवहन विभाग और राजस्थान रोडवेज की प्रगति की समीक्षा बैठक ली. मुख्य सचिव ने प्रदेश में आमजन को सुरक्षित, सुगम एवं आधुनिक परिवहन सेवाओं के विस्तार के निर्देश दिए. उन्होंने अंतर-विभागीय मुद्दों, विशेषकर भूमि आवंटन एवं बजट पुनर्भरण आदि का त्वरित समाधान करने के लिए कहा. साथ ही मुख्यमंत्री की बजट घोषणाओं एवं निर्देशों की शत-प्रतिशत अनुपालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. बैठक में बताया गया कि परिवहन विभाग ने राजस्व अर्जन में 13.82 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है. चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में 27 सितंबर तक परिवहन विभाग द्वारा 3594.73 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित किया गया है. यह गत वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 436.45 करोड़ रुपए अधिक है तथा राजस्व में 13.82 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है.

परिवहन विभाग से जुड़ी 57 सेवाएं हुई ऑनलाइन
परिवहन विभाग द्वारा आमजन को आरटीओ एवं डीटीओ कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत देने के लिए 57 सेवाओं को वाहन एवं सारथी पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किया गया है. इसके साथ ही हाइपोथेकेशन टर्मिनेशन की ऑटोमेटिक प्रक्रिया लागू की गई है. खान विभाग के ई-रवन्ना पोर्टल को आईटीएमएस से इंटीग्रेट कर ओवरलोड वाहनों के ऑटोमेटिक चालान की व्यवस्था भी लागू की गई है. बैठक में बताया गया कि सड़क सुरक्षा एवं पारदर्शी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रदेश के टोल प्लाजा पर ई-डिटेक्शन प्रणाली लागू की गई है. इसके माध्यम से बिना वैध दस्तावेजों जैसे टैक्स, फिटनेस, बीमा एवं पीयूसीसी आदि के संचालित वाहनों के विरुद्ध अब तक लगभग 18 लाख चालान जारी किए गए हैं, जिनकी राशि करीब 1188 करोड़ रुपए है.

गुजरात के बाद दूसरे सर्वाधिक एटीएस राजस्थान में
वहीं प्रदेश में वर्तमान में 55 ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन यानी ATS संचालित हैं. एटीएस की संख्या के मामले में राजस्थान देश में गुजरात के बाद दूसरे स्थान पर है. इससे वाहनों की फिटनेस का कार्य ऑटोमेशन मोड में हो पा रहा है. ऑटोमेटेड व्यवस्था से वाहनों की फिटनेस जांच में पारदर्शिता एवं तकनीकी दक्षता को बढ़ावा मिल रहा है. पुराने वाहनों को चरणबद्ध रूप से हटाने तथा प्रदूषण रहित वाहनों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से नई पॉलिसी लागू की गई है. राजस्थान व्हीकल स्क्रैपिंग नीति-2025 अधिसूचित की गई है. इसके तहत स्क्रैपिंग सर्टिफिकेट के आधार पर नया वाहन खरीदने पर 16 से 26 प्रतिशत तक और अधिकतम एक लाख रुपए की टैक्स छूट दी जा रही है.

रोडवेज में आएंगी 900 नई बसें
रोडवेज की समीक्षा के दौरान बताया कि रोडवेज फ्लीट को मजबूत करने के लिए एसी एवं ब्लू लाइन बसों तथा इलेक्ट्रिक बसों की खरीद व अनुबंध पर लेने की प्रक्रिया चल रही है. लगभग 900 नई बसों को रोडवेज के बेड़े में शामिल करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है. वहीं, अजमेर, भरतपुर, दूदू, कोटा, उदयपुर,अलवर सहित प्रदेश के विभिन्न जिला मुख्यालयों एवं कस्बों में आधुनिक सुविधाओं से युक्त बस स्टैंडों के निर्माण और रिनोवेशन के कार्य जोरों पर हैं.

35 ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक हो रहे ऑटोमेटेड
सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए प्रदेश के सभी 35 ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक को ऑटोमेटेड किया जा रहा है. इनमें से 23 स्थानों पर ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक संचालित भी होने लगे हैं. यहां ड्राइविंग लाइसेंस के आवेदकों को कम्प्यूटराइज्ड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर ट्रायल देनी पड़ रही है. इससे ड्राइविंग टेस्ट की प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ी है और अच्छी तरह से वाहन चलाने में सक्षम लोगों को ही ड्राइविंग लाइसेंस मिल पा रहा है. बैठक में राजस्थान सम्पर्क पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की भी समीक्षा की गई. विभाग द्वारा शिकायतों के निस्तारण का औसत समय 23 दिन से घटकर 13 दिन रह गया है. वहीं विभाग की ग्रीवेंस रिड्रेसल परफॉर्मेंस रैंकिंग मई 2026 की 18वीं रैंक से सुधरकर अगस्त 2026 में 6वीं रैंक पर पहुंच गई है. बैठक में परिवहन विभाग के प्रमुख सचिव भवानी सिंह देथा और आयुक्त पुरुषोत्तम शर्मा सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे.

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जी राजस्थान में स्पेशल कॉरेस्पॉन्डेंट के रूप में कार्यरत काशीराम चौधरी पत्रकारिता के क्षेत्र में विगत 21 वर्षों से सक्रिय हैं. जी मीडिया में वे ट्रांसपोर्ट विषय से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से कवर करते हैं. बात चाहे सड़क परिवहन की हो, फ्लाइट मूवमेंट की या फिर रेलवे परिवहन, सभी क्षेत्रों में काशीराम सक्रिय रूप से न्यूज कवर करते रहे हैं. काशीराम कृषि और पशुपालन से जुड़ी खबरों पर भी गहरी पकड़ रखते हैं. किसानों की जमीनी हकीकत दिखाने के साथ ही कृषि विपणन मंडियों की भी रिपोर्टिंग करते रहे हैं. साथ ही वे आबकारी और माइंस सेक्टर की खबरों को भी दर्शकों तक पहुंचाते हैं. काशीराम जी मीडिया समूह से पहले राजस्थान पत्रिका, डीएनए, ईटीवी राजस्थान, फर्स्ट इंडिया न्यूज में भी कार्य कर चुके हैं.
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