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युद्ध की स्थिति में किसकी क्या जिम्मेदारी? बॉर्डर सिक्योरिटी से लेकर कमान तक, राजस्थान अपडेट करेगा 'स्टेट वॉर बुक'

Rajasthan State War Book: राजस्थान सरकार ने युद्ध, सीमा पर तनाव या बड़ी आपात स्थिति से निपटने के लिए अपनी ‘स्टेट वॉर बुक’ को मौजूदा सुरक्षा चुनौतियों के अनुसार अपडेट करने के निर्देश दिए हैं. सचिवालय में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास और दक्षिण-पश्चिमी कमान के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल पदम सिंह शेखावत की अध्यक्षता में बैठक हुई. बैठक में सीमा पर ड्रोन से होने वाली तस्करी रोकने के लिए ‘प्रबल 3.0’ काउंटर-ड्रोन सिस्टम का प्रदर्शन किया गया और पुलिस को इसकी ट्रेनिंग देने पर जोर दिया गया.

Reported By Deepak Goyal Written By Ansh Raj
Published: Oct 07, 2026, 07:48 AM IST | Updated: Oct 07, 2026, 07:49 AM IST
Image Credit: Rajasthan State War Book
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Rajasthan Counter Drone System: राजस्थान सरकार युद्ध, सीमा पर तनाव या किसी बड़ी आपात स्थिति से निपटने के लिए अपनी सुरक्षा तैयारियों को और मजबूत करने जा रही है. इसके तहत ‘स्टेट वॉर बुक’ को मौजूदा सुरक्षा चुनौतियों के अनुरूप अपडेट किया जाएगा. इसमें यह स्पष्ट किया जाएगा कि किसी संकट की स्थिति में किस विभाग की क्या जिम्मेदारी होगी, कमान और नियंत्रण किस स्तर पर रहेगा और नागरिक प्रशासन तथा सेना के बीच किस तरह समन्वय किया जाएगा.

सचिवालय में स्टेट वॉर बुक और सिविल-मिलिट्री कोऑर्डिनेशन कमेटी की समीक्षा बैठक हुई. इसकी अध्यक्षता मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास और दक्षिण-पश्चिमी कमान के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल पदम सिंह शेखावत ने की.

सीमा पर ड्रोन तस्करी रोकने पर जोर
बैठक के बाद सेना के अधिकारियों ने ‘प्रबल 3.0’ ड्रोन जैमर और काउंटर-ड्रोन सिस्टम का प्रदर्शन किया. मुख्य सचिव ने सिस्टम की तकनीकी क्षमताओं की जानकारी ली. सीमावर्ती क्षेत्रों में ड्रोन के जरिए होने वाली अवैध गतिविधियों और तस्करी को रोकने के लिए इस तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल के निर्देश दिए गए. पुलिसकर्मियों को काउंटर-ड्रोन तकनीक की जानकारी देने के लिए विशेष प्रशिक्षण मॉड्यूल भी चलाया जाएगा.

रक्षा भूमि और रणनीतिक परियोजनाओं की समीक्षा
बैठक में जयपुर, कोटा, श्रीगंगानगर और भरतपुर समेत विभिन्न जिलों में लंबित रक्षा भूमि से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई. रक्षा भूमि के बार्टर, समयबद्ध म्यूटेशन, फॉरवर्ड कंपोजिट एविएशन बेस और अन्य रणनीतिक परियोजनाओं के लिए भूमि अवाप्ति से जुड़े मामलों में प्रशासनिक बाधाएं दूर करने के निर्देश दिए गए.

सीमावर्ती गांवों में स्थानीय भूमिका
वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत सीमावर्ती गांवों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए स्थानीय वॉलंटियर्स और पूर्व सैनिकों की भूमिका पर भी चर्चा हुई. इनके डेटा बैंक के प्रभावी इस्तेमाल पर जोर दिया गया. बैठक में पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और सेवारत सैन्यकर्मियों के कल्याण से जुड़े मुद्दे भी उठे. रेक्सको के जरिए रोजगार, ग्रेच्युटी लाभ और राज्य सेवाओं में पूर्व सैनिकों व अग्निवीरों के लिए निर्धारित आरक्षण एवं रोजगार प्रावधानों को नियमानुसार लागू करने के निर्देश दिए गए.

संकट से पहले तैयारी पर फोकस
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को सुरक्षा मामलों में रूटीन कार्यशैली के बजाय प्रो-एक्टिव अप्रोच अपनाने को कहा. उन्होंने जोर दिया कि स्टेट वॉर बुक में जिस विभाग की जो जिम्मेदारी तय है, उसकी तैयारी संकट आने का इंतजार किए बिना पहले से पूरी रखी जाए.

स्टेट वॉर बुक युद्ध या बड़ी आपात स्थिति के दौरान राज्य की प्रशासनिक तैयारियों का ब्लूप्रिंट होती है. इसमें विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियां, कमान एवं नियंत्रण और आपसी समन्वय की व्यवस्था तय रहती है. इसे ‘यूनियन वॉर बुक’ की तर्ज पर अपडेट रखने पर बैठक में जोर दिया गया.

 

 

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