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Jaipur News: राजस्थान पुलिस को जमीन से लेकर आसमान तक अधिक स्मार्ट और हाईटेक बनाने की तैयारी की जा रही है. पुलिस आधुनिकीकरण योजना के तहत प्रदेश के लिए करीब 92.82 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं. इसमें केंद्र सरकार करीब 55.69 करोड़ रुपये देगी, जबकि राज्य सरकार की हिस्सेदारी करीब 37.13 करोड़ रुपये होगी. इस राशि से आधुनिक इंटेलिजेंस उपकरण, ड्रोन, K9 से लैस BDS वैन, साइबर फोरेंसिक सिस्टम, अत्याधुनिक फोरेंसिक मशीनें और सुरक्षा उपकरण खरीदे जाएंगे. योजना में AI आधारित एंटी ड्रोन सिस्टम भी शामिल है.
स्मार्ट पुलिसिंग के लिए आधुनिक उपकरण
राजस्थान पुलिस की निगरानी और जांच क्षमता बढ़ाने के लिए उपकरणों को मंजूरी मिली है. प्रस्ताव में पांच बैगेज स्कैनर और एक पोर्टेबल जैमर शामिल हैं. इनकी खरीद पर करीब 2.65 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इसके अलावा 20 स्पेशल पर्पज वाहन, K9 के साथ 20 BDS वैन और सात ड्रोन खरीदे जाएंगे. इन उपकरणों पर दस करोड़ रुपये से अधिक खर्च करने की योजना है. इससे संदिग्ध सामान की जांच, विस्फोटकों की तलाश और निगरानी जैसे कामों में पुलिस को मदद मिलेगी.
ट्रेनिंग और सुरक्षा पर खर्च
पुलिसकर्मियों को बेहतर प्रशिक्षण देने के लिए छह लेन फायरिंग सिम्युलेटर को मंजूरी दी गई है. इसके साथ ही 2,000 बुलेटप्रूफ जैकेट, डेस्कटॉप कंप्यूटर, स्कैनर और EPABX सहित तकनीकी व सुरक्षा उपकरण खरीदे जाएंगे. इन उपकरणों पर करीब 15 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.
साइबर फोरेंसिक को मिलेगी मजबूती
साइबर अपराधों की जांच के लिए योजना में ध्यान दिया गया है. मोबाइल फोन फोरेंसिक विश्लेषण, मोबाइल अनलॉकिंग, कंप्यूटर फोरेंसिक, DVR फोरेंसिक, पासवर्ड रिकवरी और वीडियो ऑथेंटिकेशन से जुड़े आधुनिक सॉफ्टवेयर खरीदे जाएंगे. इसके अलावा साइबर फोरेंसिक वर्कस्टेशन, एग्जामिनेशन टर्मिनल और साइबर लैब स्टेशन भी तैयार किए जाएंगे. इन सुविधाओं से डिजिटल सबूतों की जांच और साइबर अपराध से जुड़े मामलों को समझने में मदद मिलने की उम्मीद है.
फोरेंसिक लैब में आएंगे आधुनिक उपकरण
अपराधों की जांच में वैज्ञानिक साक्ष्यों की अहम भूमिका को देखते हुए फोरेंसिक लैब के लिए भी आधुनिक मशीनें मंजूर की गई हैं. इनमें गैस क्रोमैटोग्राफ, हाई परफॉर्मेंस लिक्विड क्रोमैटोग्राफी, UV-VIS स्पेक्ट्रोफोटोमीटर और FT-IR जैसे उपकरण शामिल हैं. DNA जांच के लिए जीन सीक्वेंसर, PCR मशीन, रियल टाइम PCR और ऑटोमेटेड DNA एक्सट्रैक्शन सिस्टम भी खरीदे जाने हैं. इन उपकरणों से DNA सहित अलग-अलग तरह की विशिष्ट जांच प्रदेश में ही करने की क्षमता मजबूत होगी. इससे गंभीर मामलों में वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने और जांच को आगे बढ़ाने में सहायता मिल सकती है.
AI आधारित एंटी ड्रोन सिस्टम भी योजना में
योजना के प्रमुख उपकरणों में वाहन पर लगाया जाने वाला AI-इनेबल्ड एडवांस एंटी ड्रोन सिस्टम शामिल है. इसमें एडवांस फ्रिक्वेंसी जैमर भी होगा. इस सिस्टम की परियोजना लागत करीब 10 करोड़ रुपये बताई गई है. इसका उद्देश्य आसमान से होने वाली गतिविधियों पर निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है.
जमीन से आसमान तक निगरानी
आधुनिकीकरण योजना के तहत राजस्थान पुलिस को जांच, प्रशिक्षण, सुरक्षा और निगरानी के लिए नए तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराने की तैयारी है. ड्रोन और एंटी ड्रोन सिस्टम से लेकर साइबर व DNA फोरेंसिक उपकरणों तक, योजना में कई स्तरों पर क्षमता बढ़ाने पर जोर है. इन संसाधनों से पुलिस को अपराधों की जांच और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों से निपटने में मदद मिल सकती है.