)
Jaipur news: राजस्थान के सरकारी स्कूलों में बच्चों को मिलने वाले दूध के पैकेट की कथित कालाबाजारी का मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग और पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है. पन्नाधाय बाल गोपाल योजना के तहत स्कूलों में बच्चों को दिए जाने वाले दूध के पैकेट बाजार में बेचने के मामले की जांच सामोद पुलिस कर रही है. पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाते हुए अब तक 116 शिक्षकों को चिन्हित किया है, जबकि चार आरोपी शिक्षकों को गिरफ्तार किया गया है.
पुलिस जांच में सामने आया कि स्कूलों में बच्चों के लिए आने वाले दूध के पैकेट को कुछ शिक्षक कम कीमत पर आरोपियों को बेच रहे थे. इसके बाद इन पैकेटों को बाजार में खपाया जा रहा था. सामोद पुलिस ने करीब दो महीने पहले इस पूरे गिरोह का खुलासा किया था.
मावा भट्टियों तक पहुंच रहा बच्चों का दूध
सामोद थाना पुलिस के मुताबिक, बच्चों के लिए स्कूलों में आने वाला दूध चौमूं के सामोद क्षेत्र के चीथवाड़ी में मावा भट्टियों तक पहुंचाया जा रहा था. पुलिस ने कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए दूध के पैकेट सप्लाई करने वाले मनोज और रामस्वरूप को भी गिरफ्तार किया. दोनों पर स्कूलों से दूध के पैकेट लेकर आगे सप्लाई करने की जिम्मेदारी होने की बात सामने आई है. पूछताछ और जांच के दौरान पुलिस ने सप्लाई से जुड़े और भी लोगों तक पहुंच बनाई.
कम कीमत पर खरीदे जाते थे दूध
जांच में यह भी सामने आया कि प्रत्येक स्कूल में एक शिक्षक को पोषाहार प्रभारी बनाया जाता है. आरोप है कि कुछ स्कूलों में पोषाहार प्रभारी शिक्षकों से कम रुपये देकर दूध के पैकेट खरीदे जाते थे. इसके बाद इन पैकेटों को आगे बेचा जाता था. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में कितने स्कूल और शिक्षक शामिल हैं और दूध के पैकेट की सप्लाई किस तरह की जाती थी.
पुलिस की रडार पर 116 शिक्षक
सामोद पुलिस ने अब तक 116 शिक्षकों को चिन्हित किया है. इनमें चूरू के तारानगर ब्लॉक के 21 शिक्षक, राजगढ़ ब्लॉक के 21 शिक्षक और भीलवाड़ा जिले के करेड़ा ब्लॉक के 74 शिक्षक शामिल बताए जा रहे हैं. जांच के दौरान पुलिस ने चार आरोपी शिक्षकों को गिरफ्तार भी किया है. गिरफ्तार शिक्षकों की पहचान कन्हैया लाल, सुरेश कुमार, सुरेंद्र कुमार और जगदीश प्रसाद के रूप में हुई है. चारों शिक्षक राजगढ़ ब्लॉक के अलग-अलग सरकारी स्कूलों में कार्यरत बताए जा रहे हैं.
4 शिक्षकों को किया गया सस्पेंड
मामले में कार्रवाई करते हुए चूरू जिला शिक्षा अधिकारी ने गिरफ्तार किए गए चारों शिक्षकों को निलंबित कर दिया है. पुलिस अब मामले में अन्य शिक्षकों की भूमिका और दूध के पैकेट की खरीद-बिक्री से जुड़े नेटवर्क की जांच कर रही है. पन्नाधाय बाल गोपाल योजना का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को पोषण उपलब्ध कराना है. ऐसे में बच्चों के हिस्से का दूध बाजार में बेचने के आरोपों ने योजना की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.